सर्च करे
Home

Trending

    विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें

    ये हैं दिल्ली के टॉप-10 रईस, गैराज से हुई थी नंबर 1 वाले की शुरुआत; आज हर घंटे कमाते हैं करोड़ों रुपये!

    Updated: Wed, 06 May 2026 02:44 PM (IST)

    दिल्ली भारत की राजधानी होने के साथ-साथ राजनीति और कारोबार का भी प्रमुख केंद्र है। यह लेख दिल्ली के 10 सबसे अमीर लोगों और उनकी कंपनियों के बारे में जान ...और पढ़ें

    preferred source google
    News Article Hero Image

    दिल्ली के 10 सबसे अमीर लोग

    timer icon

    समय कम है?

    जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में

    संक्षेप में पढ़ें

    नई दिल्ली। दिल्ली सिर्फ भारत की राजधानी ही नहीं है, बल्कि यह राजनीति और कारोबार, दोनों का एक प्रमुख केंद्र भी है। यह एक ऐसा शहर है जहाँ कई लोग अमीर परिवारों में जन्म लेते हैं, तो वहीं कुछ लोग कड़ी मेहनत से अपना भाग्य खुद बनाते हैं। लुटियंस दिल्ली की भव्य सड़कों से लेकर गुरुग्राम और नोएडा के हलचल भरे कॉर्पोरेट केंद्रों तक, यह क्षेत्र सफल उद्यमियों, प्रभावशाली उद्योगपतियों और पुरानी पारिवारिक व्यवसायों का घर है। मगर यहां सबसे अमीर कौन है। आइए जानते हैं दिल्ली के 10 सबसे अमीर (Top 10 Richest People in Delhi) लोगों के बारे में।

    शिव नादर हैं सबसे अमीर

    लिस्ट में पहले नंबर पर हैं शिव नादर, जिनकी नेटवर्थ इस समय 26.3 बिलियन डॉलर या 2.49 लाख करोड़ रुपये है। वे इस समय दुनिया के 95वें सबसे अमीर शख्स हैं। 1976 में, शिव नाडर ने अपने कुछ दोस्तों के साथ मिलकर एक छोटे से गैरेज में HCL की शुरुआत की थी, जहाँ वे माइक्रोप्रोसेसर और कैलकुलेटर बनाते थे।
    आज एचसीएल भारत की सबसे बड़ी IT कंपनियों में से एक है। 2020 में, उन्होंने अपनी बेटी, रोशनी नाडर मल्होत्रा को कंपनी की चेयरमैनशिप सौंप दी।

    सुनील मित्तल

    सुनील मित्तल की भारती एयरटेल, Jio और Vodafone Idea के साथ मुकाबला करती है। उनकी नेटवर्थ 13.5 अरब डॉलर या 1.27 लाख करोड़ रुपये है। उनके परिवार ने OneWeb का भी सपोर्ट किया, जो एक सैटेलाइट कंपनी थी और जिसका विलय फ्रांस की Eutelsat के साथ हो गया।

    रवि जयपुरिया

    अगला नंबर रविजयपुरिया का है, जिनकी नेटवर्थ 12.5 अरब डॉलर (1.18 लाख करोड़ रुपये) है। भारत के 'कोला किंग' के नाम से मशहूर रवि जयपुरिया ने पेप्सी बॉटलिंग और KFC तथा Pizza Hut जैसी फास्ट-फूड चेन के जरिए अपनी दौलत बनाई है।

    खबरें और भी

    विक्रम लाल एंड फैमिली

    विक्रम लाल एंड फैमिली की नेटवर्थ 10.9 अरब डॉलर है, जो 1.03 लाख करोड़ रुपये बनते हैं। विक्रम लाल की कंपनी Eicher Motors मशहूर Royal Enfield बाइक्स बनाती है, जिसकी 2024 में 9 लाख से अधिक यूनिट्स बिकीं। उनके बेटे सिद्धार्थ कंपनी के MD के तौर पर इसे चलाते हैं।

    बर्मन फैमिली

    5वां नंबर बर्मन परिवार का है, जो डाबर कंपनी को कंट्रोल करता है। इस परिवार की नेटवर्थ करीब 9 अरब डॉलर या 85,293 करोड़ रुपये है। डाबर की स्थापना 1884 में एस. के. बर्मन ने कोलकाता में आयुर्वेदिक दवाएँ बनाने के लिए की थी। इस परिवार ने रेस्टोरेंट, स्वास्थ्य सेवा और बीमा जैसे क्षेत्रों में भी निवेश किया है।

    कपिल और राहुल भाटिया

    कपिल और राहुल भाटिया की नेटवर्थ 7.7 अरब डॉलर या करीब 73000 करोड़ रुपये है। कपिल और राहुल भाटिया InterGlobe Aviation को चलाते हैं, जो IndiGo की मालिक है। ये भारत की सबसे बड़ी एयरलाइन है।

    विनोद और अनिल राय गुप्ता एंड फैमिली

    विनोद और अनिल राय गुप्ता एंड फैमिली की नेटवर्थ 7.2 अरब डॉलर है, जो भारतीय करेंसी में 68235 करोड़ रुपये बनते हैं। विनोद और अनिल राय गुप्ता की दौलत का श्रेय Havells India को जाता है, जिसकी स्थापना 1958 में कीमत राय गुप्ता ने की थी। अब अनिल द्वारा चलाई जा रही यह कंपनी पंखे, लाइट और वॉशिंग मशीन जैसे उपकरण बनाती है।

    विवेक चांद सहगल

    विवेक चांद सहगल की नेटवर्थ 6.7 अरब डॉलर (63500 करोड़ रुपये) है। विवेक चांद सहगल ने 1975 में अपनी माँ के साथ मिलकर 23 अरब डॉलर के मदरसन ग्रुप की स्थापना की थी। उनकी मुख्य संपत्ति ऑटो पार्ट्स बनाने वाली कंपनी 'संवर्धना मदरसन इंटरनेशनल' से आती है, जो BMW, Ford, Mercedes, Toyota और Volkswagen जैसे ब्रांड्स को पार्ट्स सप्लाई करती है।

    रमेश और राजीव जुनेजा

    रमेश और राजीव जुनेजा की नेटवर्थ 5.7 अरब डॉलर (54019 करोड़ रुपये) है। भाई रमेश और राजीव जुनेजा ने 1995 में Mankind Pharma की शुरुआत की, जिसमें वे किफायती दवाएँ और लोकप्रिय स्वास्थ्य उत्पाद बनाते थे। 2023 में यह कंपनी पब्लिक हो गई, और अब उनके बेटे अर्जुन और चाणक्य इसे चलाने में मदद करते हैं।

    कुलदीप सिंह और गुरबचन सिंह ढींगरा

    कुलदीप सिंह और गुरबचन सिंह ढींगरा की नेटवर्थ 5.2 अरब डॉलर या 49280 करोड़ रुपये है। कुलदीप सिंह और गुरबचन सिंह ढींगरा, देश की दूसरी सबसे बड़ी पेंट कंपनी—बर्जर पेंट्स इंडिया—के मालिक हैं। उन्होंने इसे 1991 में विजय माल्या से खरीदा था। आज, बर्जर न केवल भारत में, बल्कि बांग्लादेश, नेपाल, पोलैंड और रूस में भी काम करती है।

    ये भी पढ़ें - कौन है ये विदेशी अरबपति, जिसकी ₹4700 करोड़ की सुपरयॉट स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से सही सलामत गुजरी; जेब में हैं ₹3.5 लाख करोड़