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    Gold Price Today: अक्षय तृतीया पर तहलका मचाएगा सोना! ₹1.70 लाख का टारगेट या कीमत होगी धड़ाम? 10 सवालों में जानें 

    Updated: Sat, 18 Apr 2026 12:11 PM (IST)

    Akshaya Tritiya Gold: 19 अप्रैल को अक्षय तृतीया है। माना जा रहा है कि उस दिन सोना तहलका मचा सकता है। इसे लेकर कमोडिटी एक्सपर्ट अनुज गुप्ता ने 10 सवालो ...और पढ़ें

    नई दिल्ली। भारत में त्योहारों का मतलब सिर्फ उल्लास नहीं, बल्कि समृद्धि से भी है। और जब बात अक्षय तृतीया की हो, तो सोने (akshaya tritiya gold) का जिक्र होना लाजमी है। हिंदू धर्म में मान्यता है कि इस पावन दिन खरीदा गया सोना घर में कभी खत्म न होने वाली खुशहाली लाता है। लेकिन साल 2026 की यह अक्षय तृतीया कुछ अलग है। एक तरफ श्रद्धा का माहौल है, तो दूसरी तरफ मिडिल ईस्ट में छिड़े युद्ध के बाद वैश्विक बाजार में मची उथल-पुथल।

    इस बार निवेशकों और आम खरीदारों के मन में कई सवाल हैं। क्या सोने के दाम आसमान छुएंगे या युद्ध विराम की खबरों के बीच कीमतें नीचे गिरेंगी? इन्हीं उलझनों को सुलझाने के लिए हमारे साथ जुड़े सेबी रजिस्टर्ड मार्केट और कमोडिटी एक्सपर्ट अनुज गुप्ता। जिन्होंने जागरण बिजनेस के खास शो 'प्रॉफिट की मंडी' में सोने की चाल, निवेश के तरीके और अक्षय तृतीया (19 अप्रैल) के टारगेट प्राइस पर विस्तार से चर्चा की।

    10 सवालों में पेश हैं बातचीत के मुख्य अंश:

    सवाल 1: इस अक्षय तृतीया पर सोने और चांदी की चाल क्या रहने वाली है, क्या कीमतें उड़ान भरेंगी?

    अनुज गुप्ता: देखिए, इस साल का सफर काफी उतार-चढ़ाव भरा रहा है। जनवरी में हमने बड़ी उछाल देखी, फिर भारी करेक्शन आया। हालांकि, पिछले 10 दिनों में निचले स्तरों से अच्छी रिकवरी हुई है। मिडिल ईस्ट में जियोपॉलिटिकल तनाव के कारण क्रूड की कीमतें बढ़ीं, जिससे महंगाई का डर पैदा हुआ और मॉनिटरी टाइटनिंग की वजह से सोने पर दबाव दिखा। लेकिन अब जैसे-जैसे सीजफायर की खबरें आ रही हैं, निवेश की मांग दोबारा लौट रही है। अक्षय तृतीया पर खरीदारी जरूर दिखेगी, जिससे कीमतों को सपोर्ट मिलेगा।

    सवाल 2: क्या इस बार भी त्योहारों वाला 'बूम' देखने को मिलेगा जैसा दिवाली या धनतेरस पर होता है?

    अनुज गुप्ता: पिछले एक-दो महीनों से अनिश्चितता के कारण बाजार में ग्राहकी थोड़ी कम रही है। लोग डरे हुए थे कि सोना खरीदें या नहीं। लेकिन अक्षय तृतीया का अपना एक सेंटीमेंट है। इस बार ज्वैलर्स ने ग्राहकों को लुभाने के लिए काफी अच्छे ऑफर्स और डिस्काउंट दिए हैं। मुझे उम्मीद है कि इस बार अक्षय तृतीया पर काफी अच्छी ग्राहकी देखने को मिलेगी, जिससे बाजार में रौनक लौटेगी।

    सवाल 3: युद्ध की स्थिति में क्या लंबी अवधि के लिए निवेश करना सही फैसला होगा?

    अनुज गुप्ता: अभी बाजार में अनिश्चितता बनी हुई है। कोई भी इन्वेस्टर फिलहाल 'अग्रेसिव' होकर बड़ी मात्रा में खरीदारी नहीं कर रहा है। लोग छोटे समय (Short Term) के लिए ट्रेड करना पसंद कर रहे हैं। युद्ध की स्थिति और नेताओं के बयानों को लेकर बाजार अभी भी 'वेट एंड वॉच' की स्थिति में है। हालांकि, सोना हमेशा से लंबी अवधि का बेहतरीन प्रोडक्ट रहा है, पर फिलहाल लोग बड़ी इन्वेस्टमेंट से पहले स्पष्टता का इंतजार कर रहे हैं।

    सवाल 4: पिछले एक हफ्ते से सोने के दाम एक दायरे में क्यों बंधे हुए हैं, ये क्या संकेत देते हैं?

    अनुज गुप्ता: आपने सही गौर किया, एमसीएक्स (MCX) पर कीमतें एक सीमित रेंज में फंसी हैं। इसका मुख्य कारण है अनिश्चितता। जब तक युद्ध या वैश्विक राजनीति को लेकर कोई स्पष्ट संकेत नहीं मिलता, तब तक कीमतें स्थिर बनी रह सकती हैं। निवेशक डरे हुए हैं कि ट्रंप या किसी अन्य देश का कोई नकारात्मक बयान बाजार का रुख पलट सकता है।

    सवाल 5: मिडिल ईस्ट वॉर के अलावा वो कौन सा फैक्टर है जिसने सोने की कीमतों को रोक रखा है?

    अनुज गुप्ता: इस बार सबसे बड़ा फैक्टर 'क्रूड ऑयल' और 'स्टेट ऑफ होर्मुज' रहा। अगर यह रास्ता खुला रहता तो क्रूड इतना नहीं बढ़ता। कच्चे तेल की कीमतें $60 से सीधा $120 तक चली गईं, जिससे महंगाई बढ़ने का खतरा पैदा हुआ। केंद्रीय बैंकों ने महंगाई रोकने के लिए ब्याज दरों में कटौती नहीं की। ब्याज दरों में कटौती न होना सोने के लिए दबाव का काम कर रहा है। अगर फेडरल रिजर्व ब्याज दरें घटाता है, तभी सोने को बड़ी मजबूती मिलेगी।

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    सवाल 6: पिछले एक साल में सोने ने 60% से ज्यादा रिटर्न दिया है, क्या अगले दो-तीन दिनों में फिर बड़ा जंप आएगा?

    अनुज गुप्ता: 2025 से 2026 के बीच सोने ने वाकई रिकॉर्ड तोड़ रिटर्न दिया है। लेकिन अगले दो-तीन दिनों की बात करें, तो मुझे बहुत बड़े जंप की उम्मीद नहीं है। फिजिकल डिमांड अभी उस स्तर पर नहीं आई है जैसी उम्मीद थी। लोग फिलहाल युद्ध की स्थिति को देख रहे हैं, इसलिए बहुत तेज उछाल की संभावना कम है।

    सवाल 7: वेडिंग सीजन के बीच अक्षय तृतीया है, खरीदारों को क्या सलाह है?

    अनुज गुप्ता: जिनके घर में शादियां हैं, उनकी तो मजबूरी है, उन्हें ज्वेलरी लेनी ही होगी। लेकिन जो नए निवेशक हैं, उनके लिए अक्षय तृतीया एक बहुत ही शुभ मुहूर्त है। अगर आपने अभी तक निवेश शुरू नहीं किया है, तो इस मुहूर्त पर छोटी शुरुआत करना एक बेहतरीन फैसला हो सकता है।

    सवाल 8: निवेश के लिए फिजिकल ज्वैलरी, डिजिटल गोल्ड या ईटीएफ (ETF)? क्या बेहतर है?

    अनुज गुप्ता: देखिए, ज्वेलरी को निवेश मत मानिए। इसमें मेकिंग चार्जेस और जीएसटी का नुकसान होता है। अगर आपको निवेश करना है तो तीन रास्ते बेहतर हैं:

    • गोल्ड कॉइन या बार: इसमें मेकिंग चार्जेस कम होते हैं।
    • गोल्ड ईटीएफ (ETF): यह सबसे सुरक्षित और आसान तरीका है, जहां आप छोटी राशि से एसआईपी (SIP) भी कर सकते हैं।
    • एमसीएक्स (MCX) फ्यूचर्स: इसके जरिए आप डीमैट में डिलीवरी ले सकते हैं। ये तीनों ही रेगुलेटेड और सुरक्षित तरीके हैं।

    सवाल 9: क्या अक्षय तृतीया के दिन सोना ₹1.65 लाख या ₹1.70 लाख का आंकड़ा पार कर सकता है?

    अनुज गुप्ता: रिपोर्ट तो बहुत कुछ कह रही हैं, लेकिन हकीकत यह है कि अभी मार्केट में सावधानी ज्यादा है। मुझे लगता है कि अक्षय तृतीया के दिन 1% से 2% का मोमेंटम दिख सकता है। कीमतें ₹1.62 लाख के आसपास तक जा सकती हैं, लेकिन ₹1.70 लाख की उम्मीद फिलहाल ज्यादा लग रही है।

    सवाल 10: क्या अक्षय तृतीया के बाद सोने के दाम क्रैश होकर ₹1 लाख तक आ सकते हैं?

    अनुज गुप्ता: नहीं, ₹1 लाख तक आने की संभावना बिल्कुल नहीं है। चीन का केंद्रीय बैंक लगातार सोना खरीद रहा है। दुनिया भर के सेंट्रल बैंक्स और म्यूचुअल फंड्स का रुझान सोने की तरफ बढ़ा है। हां, थोड़ा बहुत 'डिप' या गिरावट आ सकती है, लेकिन वह गिरावट खरीदारी का एक शानदार मौका होगी। ज्यादा से ज्यादा सोना ₹1.25 लाख से ₹1.30 लाख के सपोर्ट लेवल तक आ सकता है, उससे नीचे फिलहाल नामुमकिन लगता है।

    अनुज गुप्ता की खरीदों का साफ सलाह

    अनुज गुप्ता की सलाह है कि अगर आप शादी के लिए खरीद रहे हैं, तो अक्षय तृतीया एक अच्छा मौका है। लेकिन अगर आप सिर्फ निवेश के लिए देख रहे हैं, तो थोड़ा इंतजार करना और हर गिरावट पर खरीदना (Buy on Dips) बेहतर रणनीति होगी। सोने की लंबी अवधि की चमक अभी भी बरकरार है।

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    (डिस्क्लेमर: यह खबर सिर्फ जानकारी के उद्देश्य से है। किसी भी निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से चर्चा जरूर करें। बाजार के जोखिम आपके मुनाफे और नुकसान के लिए जिम्मेदार हो सकते हैं।)