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Gold Price Outlook 2026: सोना तोड़ेगा गिरावट के रिकॉर्ड या आएगा ऐतिहासिक उछाल? गोल्डमैन ने कर दी सबसे बड़ी भविष्यवाणी

Updated: Sat, 29 Aug 2026 08:54 PM (GMT+05:30)

Gold Price Prediction 2026: गोल्डमैन सैक्स सोने की कीमतों को लेकर बड़ी भविष्यवाणी की है। ग्लोबल ब्रोकरेज फर्म ने बताया कि साल 2026 तक सोना कहां तक पहुंच सकता है।

गोल्डमैन सैक्स की भविष्यवाणी 2026 तक सोना पहुंचेगा 4900 डॉलर

गोल्डमैन सैक्स की भविष्यवाणी 2026 तक सोना पहुंचेगा 4900 डॉलर

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बिजनेस डेस्क, नई दिल्ली| अगर आप सोना खरीदने या इसमें निवेश करने की सोच रहे हैं, तो सतर्क हो जाइए। क्योंकि इस साल के अंत तक गोल्ड की कीमतों में आग लगने वाली है। ग्लोबल ब्रोकरेज हाउस गोल्डमैन सैक्स (Goldman Sachs Gold Outlook) ने भविष्यवाणी की है कि दुनिया भर के केंद्रीय बैंकों की धुआंधार खरीदारी के चलते 2026 के अंत तक अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की कीमत 4,900 डॉलर प्रति औंस (भारतीय करेंसी में करीब 1.50 लाख रुपए प्रति 10 ग्राम) तक पहुंच जाएगी। यानी मौजूदा 4,550 डॉलर के स्तर से इसमें करीब 8% का तगड़ा उछाल आ सकता है। हालांकि, यह कीमतें अंतरराष्ट्रीय बाजार के लिए हैं। 

बाजार में उठापटक और फेडरल रिजर्व का झटका

हाल ही में सोने में भारी उतार-चढ़ाव देखने को मिला है। 28 अगस्त को अमेरिकी फेड चीफ केविन वॉर्श (Kevin Warsh) ने जैक्सन होल में बढ़ती महंगाई और आगे ब्याज दरें बढ़ने के संकेत दिए थे। बाजार को इस झटके की उम्मीद नहीं थी। ब्याज दरें बढ़ने की आशंका से सोने का सपोर्ट टूट गया और शुक्रवार को इसकी कीमतों में 3% से ज्यादा की भारी गिरावट आ गई। अब देखना यह है कि क्या आने वाले हफ्तों में यह गिरावट और गहराएगी या सोना फिर से बाउंस बैक करेगा।

2026 में सोने की रोलर-कोस्टर चाल

साल 2026 सोने के लिए किसी रोलर-कोस्टर से कम नहीं रहा है। 29 जनवरी को सोने ने 5,600 डॉलर प्रति औंस का ऑल-टाइम हाई छुआ था। लेकिन, जुलाई के मध्य तक धड़ाम होकर यह 4,000 डॉलर से भी नीचे आ गया। हालांकि, तब से लेकर अब तक सोने में 15% की शानदार रिकवरी हो चुकी है। गोल्डमैन सैक्स का मानना है कि 2026 के बचे हुए महीनों में भी सोने की यह तेजी जारी रहेगी।

केंद्रीय बैंकों की बेतहाशा खरीदारी है वजह

आखिर सोना इतना क्यों उछलेगा? इसका सबसे बड़ा कारण दुनिया भर के सेंट्रल बैंकों का सोने के पीछे भागना है। भू-राजनीतिक तनावों और डॉलर पर निर्भरता कम करने के लिए, केंद्रीय बैंक अपने विदेशी मुद्रा भंडार में धड़ाधड़ सोना भर रहे हैं। 2022 में रूस-यूक्रेन युद्ध के बाद से देशों को यह समझ आ गया है कि विदेशी करेंसी के मुकाबले सोना ज्यादा सुरक्षित है।

गोल्डमैन सैक्स रिसर्च की सीनियर एनालिस्ट लीना थॉमस और डान स्ट्रुइवेन के मुताबिक,

केंद्रीय बैंकों द्वारा सोना जमा करना एक मल्टी-ईयर ट्रेंड है। आंकड़ों पर नजर डालें तो 2022 से पहले हर महीने औसतन 17 टन सोना खरीदा जाता था, जबकि इस साल हर महीने 50 टन सोना खरीदे जाने की उम्मीद है। जून 2026 में तो यह आंकड़ा 100 टन तक पहुंच गया था, और आपको जानकर हैरानी होगी कि इसमें सबसे बड़ी खरीदारी चीन के केंद्रीय बैंक ने की थी।

ब्याज दरों का खेल और आगे की राह

सोने की चाल ब्याज दरों पर भी बहुत हद तक निर्भर करती है। ब्याज दरें बढ़ने पर सोने की चमक फीकी पड़ जाती है। लेकिन, गोल्डमैन सैक्स का अनुमान है कि अगर ब्याज दरें स्थिर रहती हैं और ETF (एक्सचेंज ट्रेडेड फंड) निवेशकों की मांग वापस लौटती है, तो सोने के दाम 4,900 डॉलर की भविष्यवाणी (gold price outlook 2026) को भी आसानी से पार कर जाएंगे। हालांकि, अगर अमेरिकी फेडरल रिजर्व ने ब्याज दरें बढ़ाईं, तो बाजार में एक बड़ा और तेज करेक्शन भी देखने को मिल सकता है।

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