Gold Silver Price Crash: अक्षय तृतीया से पहले क्रैश होगा सोना-चांदी, खरीदें या रुकें? एक्सपर्ट से 12 सवालों में जानें
Gold Silver Target Price 2026: बाजार में सोने-चांदी की कीमतों में उतार-चढ़ाव जारी है, एक महीने में गिरावट के बाद हाल ही में तेजी दिखी है। मिडिल ईस्ट त ...और पढ़ें

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
नई दिल्ली| बाजार में इन दिनों अजीब सी बेचैनी है। एक तरफ शादियों का सीजन दस्तक दे रहा है, तो दूसरी तरफ मिडिल ईस्ट में जारी तनाव (Middle East War Gold Impact) ने निवेशकों की रातों की नींद उड़ा रखी है। आलम यह है कि बाजार अब किसी आर्थिक डेटा से ज्यादा 'ट्वीट्स' पर नाच रहा है। कभी सीजफायर की खबर आती है तो बाजार झूम उठता है, और अगले ही पल युद्ध की धमकी उसे धड़ाम कर देती है। पिछले एक महीने में हमने सोने-चांदी की कीमतों में बड़े उतार-चढ़ाव देखे हैं। जहां एक महीने पहले सोना आसमान छू रहा था, वहीं अब यह कुछ सस्ता हुआ है। लेकिन पिछले एक हफ्ते में फिर से इसमें बढ़त दिखी है। ऐसे में आम आदमी से लेकर बड़े निवेशक तक सब उलझन में हैं कि आखिर करें तो क्या करें? क्या ये खरीदारी का सही मौका है या अभी और गिरावट का इंतजार करना चाहिए?
इसे लेकर जागरण बिजनेस ने अपने वीकली शो 'प्रॉफिट की मंडी' में सेबी रजिस्टर्ड मार्केट एक्सपर्ट अनुज गुप्ता से खास बातचीत की। जिसमें उन्होंने 12 सवालों में पूरी तस्वीर साफ कर दी। पेश हैं बातचीत के मुख्य अंश:
सवाल 1: पिछले एक महीने और एक हफ्ते में सोने-चांदी की चाल कैसी रही है? क्या ये वाकई सस्ते हुए हैं?
अनुज गुप्ता: देखिए, अगर हम लंबी अवधि यानी एक महीने का डेटा देखें तो गिरावट (Gold Silver Price Crash) है, लेकिन शॉर्ट टर्म यानी एक हफ्ते में रिकवरी आई है। 11 मार्च को सोना ₹1,67,350 पर था, जो 10 अप्रैल को ₹1,52,650 पर बंद (Gold Price Today) हुआ, यानी महीने भर में ₹14,700 की बड़ी गिरावट आई। लेकिन पिछले एक हफ्ते (6 अप्रैल से 10 अप्रैल) की बात करें, तो सोना ₹2,671 महंगा हुआ है। चांदी में भी यही हाल है। महीने भर में यह ₹33,725 सस्ती हुई है, लेकिन पिछले एक हफ्ते में ₹6,884 की तेजी दिखा चुकी है। 11 मार्च को चांदी 2,36,390 रुपए प्रति किलोग्राम पर थी, जो 10 अप्रैल को 2,43,274 रुपए (Silver Price Today) पर क्लोज हुई। यानी दोनों ही धातुएं रिकवर होने लगी हैं।
सवाल 2: मिडिल ईस्ट के तनाव का बाजार पर सीधा क्या असर दिख रहा है?
अनुज गुप्ता: युद्ध की वजह से बाजार बहुत 'अनसर्टेन' यानी अनिश्चित हो गया है। मार्केट अब सिर्फ ट्वीट्स पर रिएक्ट कर रहा है। 15 मिनट पहले कोई खबर आती है तो बाजार ऊपर, और अगले 15 मिनट में कुछ और आता है तो बाजार नीचे। इसकी फ्रीक्वेंसी बहुत तेज है। इस उठापटक ने छोटे निवेशकों के भरोसे को थोड़ा डगमगा दिया है।
सवाल 3: शादियों का सीजन शुरू हो रहा है, क्या गहने खरीदने का यह सही समय है?
अनुज गुप्ता: बिल्कुल! अगर आप फिजिकल गोल्ड यानी गहने खरीदना चाहते हैं, तो यह बेहतरीन मौका है। जनवरी के ऊंचे स्तरों से तुलना करें तो सोना करीब 30% और चांदी 50% से ज्यादा टूट चुकी है। ₹1.90 लाख वाला सोना आपको ₹1.45 के भाव पर मिल रहा है। शादी-ब्याह में आप देरी नहीं कर सकते, इसलिए मौजूदा गिरावट का फायदा उठाना समझदारी है।
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सवाल 4: सुना है सर्राफा बाजार में अभी डिमांड कम है, क्या इसका ग्राहकों को फायदा मिलेगा?
अनुज गुप्ता: जी हां, दिल्ली सर्राफा बाजार के ज्वैलर्स का भी कहना है कि अभी मार्केट थोड़ा ठंडा है। लोग अनिश्चितता की वजह से डरे हुए हैं और कैश बचाकर रखना चाहते हैं। ऐसे में कई ज्वैलर्स डिस्काउंट (Discount) ऑफर कर रहे हैं। अगर आप मार्केट जाकर एक्सप्लोर करेंगे, तो आपको अच्छे रेट्स और मेकिंग चार्जेस में छूट मिल सकती है।
सवाल 5: आने वाले दिनों में क्या सोने की कीमतों में कोई बड़ा 'बूम' या बड़ा क्रैश आ सकता है?
अनुज गुप्ता: फिलहाल किसी बहुत बड़े बूम की उम्मीद नहीं है, क्योंकि महंगाई और क्रूड ऑयल की कीमतें पहले से ही बढ़ी हुई हैं। लेकिन बड़ी गिरावट भी नहीं दिखेगी। मार्केट एक दायरे में रहेगा। अमेरिकी अर्थव्यवस्था के डेटा (जीडीपी और बेरोजगारी) खराब आए हैं, जो सोने के लिए सपोर्ट का काम करेंगे।
सवाल 6: निवेशकों के लिए आपकी क्या सलाह है- सोना खरीदें या चांदी?
अनुज गुप्ता: इस साल मेरा मानना है कि सोना (Gold) ज्यादा बेहतर परफॉर्म करेगा। चांदी एक इंडस्ट्रियल मेटल भी है और युद्ध की वजह से औद्योगिक गतिविधियां (जैसे ऑटो सेक्टर) धीमी पड़ जाती हैं। गैस सप्लाई की कमी से मेटल कटिंग जैसे काम प्रभावित हो रहे हैं, जिससे चांदी की डिमांड पर असर पड़ सकता है। इसलिए निवेश के लिए सोना फिलहाल ज्यादा सुरक्षित है।
सवाल 7: सोने का अगला टारगेट प्राइस क्या है? यह कहां तक जा सकता है?
अनुज गुप्ता: फिलहाल $5600 जैसे स्तर तो मुमकिन नहीं लग रहे, लेकिन मुझे उम्मीद है कि सोना अंतरराष्ट्रीय बाजार में 5000 डॉलर से 5200 डॉलर प्रति औंस (भारतीय करेंसी में करीब 1.55 लाख रुपए प्रति 10 ग्राम) तक जा सकता है। अगले 6-7 महीनों में कंपनियों की अर्निंग्स और जीडीपी डेटा में गिरावट आ सकती है, जिससे सोने को और मजबूती मिलेगी।
सवाल 8: चांदी का टारगेट प्राइस क्या है? क्या यह वापस अपने पुराने हाई को छुएगी?
अनुज गुप्ता: चांदी ने 2025 में अपना 14 साल का कंसोलिडेशन तोड़ा है। शॉर्ट टर्म में यह 50 से 70 डॉलर प्रति औंस (लोएस्ट में करीब 2.09 लाख रुपए प्रति किलोग्राम) के बीच रह सकती है। लेकिन अगर हम दिवाली तक का लक्ष्य रखें, तो चांदी 80 से 90 डॉलर (भारतीय करेंसी में करीब 2.70 लाख रुपए प्रति किलोग्राम) के स्तर को छू सकती है। जब भी चांदी नीचे आती है, इसमें जबरदस्त खरीदारी (Value Buying) देखने को मिलती है।
सवाल 9: क्या छोटे निवेशकों को अभी पैसा लगाना चाहिए या इंतजार करना चाहिए?
अनुज गुप्ता: जो निवेशक नया पैसा लेकर आ रहे हैं, उन्हें घबराना नहीं चाहिए। यह गिरावट आपके लिए एक 'अपॉर्चुनिटी' है। एक साथ सारा पैसा न लगाएं, बल्कि हर गिरावट पर थोड़ी-थोड़ी मात्रा में खरीदारी करें।
सवाल 10: निवेश करने का सबसे सही तरीका क्या है- फिजिकल गोल्ड या कुछ और?
अनुज गुप्ता: अगर आप सिर्फ मुनाफे के लिए निवेश कर रहे हैं, तो एक साथ बड़ा फिजिकल गोल्ड लेने के बजाय ETF (Exchange Traded Funds) या डिजिटल गोल्ड की छोटी-छोटी मात्रा लें। 'SIP' का तरीका सबसे बेस्ट है ताकि आपकी खरीद की औसत कीमत (Average Price) बेहतर रहे।
सवाल 11: डॉलर इंडेक्स और बॉन्ड ईल्ड का हमारे सोने पर क्या असर पड़ रहा है?
अनुज गुप्ता: डॉलर इंडेक्स 100 से गिरकर 98 के पास आ गया है। अमेरिका की बॉन्ड ईल्ड भी नीचे गिरी है। जब डॉलर और बॉन्ड ईल्ड गिरते हैं, तो सोने-चांदी की चमक बढ़ जाती है। अमेरिकी अर्थव्यवस्था में कमजोरी के संकेत भारतीय बाजार में सोने की कीमतों को गिरने से बचाएंगे।
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सवाल 12: निवेशकों को इस अनिश्चित बाजार में 'क्या नहीं' करना चाहिए?
अनुज गुप्ता: सबसे जरूरी बात है कि पैनिक सेलिंग यानी डर में आकर न बेचें। यह बाजार 'ट्वीट्स' और 'शॉर्ट टर्म ट्रेडर्स' के लिए ज्यादा एक्टिव है। अगर आप लंबी अवधि के निवेशक हैं, तो शोर पर ध्यान न दें। गिरावट में खरीदारी बंद न करें और बहुत ज्यादा लीवरेज यानी उधार लेकर ट्रेड लेकर काम करने से बचें।
अनुज गुप्ता के अनुसार, बाजार फिलहाल 'बाय ऑन डिप्स' यानी गिरावट पर खरीदारी का है। शादियों के लिए फिजिकल गोल्ड खरीदने वालों को डिस्काउंट का फायदा उठाना चाहिए, जबकि निवेशकों को चांदी के मुकाबले सोने पर ज्यादा भरोसा दिखाना चाहिए।
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