सर्च करे
Home
फोकस

Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    Gold Price Crash: ₹1.25 लाख से नीचे आ गया सोना! क्यों फूटे दाम, क्या अभी और आएगी गिरावट? 4 सवालों में सबकुछ

    Updated: Fri, 17 Jul 2026 05:04 PM (IST)

    Gold Silver Price: सोने और चांदी की कीमतों में हालिया गिरावट के पीछे अमेरिका-ईरान युद्ध, कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें और फेडरल रिजर्व की ब्याज दरें बढ़ान ...और पढ़ें

    इंटरनेशनल मार्केट में गिरे दाम

    इंटरनेशनल मार्केट में गिरे दाम

    HighLights

    1. सोने-चांदी की गिरावट के मुख्य कारण भू-राजनीतिक तनाव और आर्थिक कारक।

    2. अमेरिका-ईरान युद्ध, कच्चे तेल, फेडरल रिजर्व प्रमुख कारण।

    3. भविष्य में नकारात्मक रुझान के साथ कीमतों में स्थिरता की उम्मीद।

    नई दिल्ली: इस साल की शुरुआत में सोने और चांदी कीमतों (Gold Silver Price) ने रिकॉर्ड ऊंचाई को छुआ था, जिसका मुख्य कारण अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप (Donald Trump) के सत्ता में आने के बाद शुरू हुआ टैरिफ वॉर (Tarrif War) था। हालांकि, यह तेजी लंबे समय तक टिक नहीं पाई और कीमतों में भारी करेक्शन देखने को मिला है।

    Comex और MCX पर कहां पहुंचे सोना-चांदी के रेट?

    अंतरराष्ट्रीय बाजार यानी कोमेक्स (Comex) पर सोना 3998 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया। भारतीय करेंसी के हिसाब से यह कीमत ₹1.24 लाख रुपए प्रति 10 ग्राम बैठती है। वहीं चांदी 55.695 डॉलर प्रति औंस यानी यह करीब 1.71 लाख रुपए प्रति किलोग्राम पर पहुंच गई।

    घरेलू वायदा बाजार की बात करें तो मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर खबर लिखे जाने तक अगस्त डिलीवरी वाला सोना 302 रुपए चढ़कर 1,40,650 रुपए (gold price today) प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया। वहीं चांदी की बात करें तो इसमें 0.08 फीसदी से ज्यादा की गिरावट दर्ज हुई और कीमत 163 रुपए गिरकर 2,15,885 रुपए प्रति किलोग्राम (silver price today) पर पहुंच गई।


    बाजार में आई इस अचानक गिरावट और आगे की स्थिति पर RMoney की रिसर्च मैनेजर मौमिता सामंता (Moumita Samanta) ने विस्तार से अपनी राय रखी है। आइए समझते हैं इस करेक्शन के पीछे की असल वजहें और भविष्य का आउटलुक...

    सवाल 1: सोने-चांदी में गिरावट के 3 मुख्य कारण

    मौमिता सामंत के अनुसार, बुलियन मार्केट (Bullion Market) में मौजूदा गिरावट के पीछे मुख्य रूप से जियोपॉलिटिकल और आर्थिक कारण जिम्मेदार हैं:

    1. अमेरिका-ईरान युद्ध (US-Iran War): 28 फरवरी से शुरू हुआ यह युद्ध अभी भी जारी है। आमतौर पर जियोपॉलिटिकल तनाव के समय सोना अनिश्चितता के खिलाफ एक 'हेज' (सुरक्षित निवेश) का काम करता है और इसके दाम बढ़ते हैं। लेकिन इस बार स्थिति अलग है।
    2. कच्चे तेल में उबाल और महंगाई का डर: इस युद्ध के कारण कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतें 120 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गईं। इससे ऊर्जा की कीमतों में बढ़ोतरी और इसके कारण महंगाई (Inflation) बढ़ने का डर पैदा हो गया।
    3. फेडरल रिजर्व का रुख: महंगाई को देखते हुए ब्याज दरें बढ़ने का जोखिम बढ़ गया। अमेरिकी फेडरल रिजर्व (Fed) ने फिलहाल दरों में कोई बदलाव नहीं किया है, लेकिन इस साल 3 बार ब्याज दरें बढ़ाने का संकेत दिया है। इसके दबाव में सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई।

    खबरें और भी

    सवाल 2: विदेशी (COMEX) और घरेलू (MCX) कीमतों में इतना बड़ा अंतर क्यों?

    अगर हम अंतरराष्ट्रीय दरों (COMEX) को भारतीय मुद्रा में बदलें, तो सोने की कीमत लगभग ₹1.24 लाख प्रति 10 ग्राम और चांदी की कीमत ₹1.71 लाख के करीब बैठती है। तो फिर MCX पर कीमतें इतनी ज्यादा क्यों हैं?

    मौमिता बताती हैं कि अंतरराष्ट्रीय कीमतों की सीधे घरेलू कीमतों से तुलना करना सही नहीं है। भारत अपनी जरूरत का लगभग पूरा सोना और चांदी आयात (Import) करता है। MCX पर जो कीमत दिखती है, उसमें कई तरह के टैक्स और खर्चे शामिल होते हैं:

    * ड्यूटी और टैक्स: आयातित धातु पर कस्टम ड्यूटी (Customs Duty) और GST लगता है।
    * अतिरिक्त खर्च: इसमें ट्रांसपोर्ट, इंश्योरेंस और बैंक की फीस भी जुड़ जाती है।
    * रुपये की कमजोरी: जब भी डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपया (INR) कमजोर होता है, तो भारत के लिए सोना आयात करना और महंगा हो जाता है, जिससे कीमतों का यह अंतर और बढ़ जाता है।

    सवाल 3: आगे कैसा रहेगा बाजार का हाल?

    मौमिता सामंत का मानना है कि सोने और चांदी की कीमतों ने युद्ध और ट्रंप के बयानों के प्रभाव को अब पचा लिया है (Absorb कर लिया है)। बाजार अब मैच्योर हो रहा है और युद्ध के मोर्चे से किसी ठोस खबर का इंतजार कर रहा है।

    इसके अलावा, निवेशकों की नजरें 28-29 जुलाई को होने वाली अमेरिकी फेडरल रिजर्व (Fed) की बैठक पर भी टिकी हैं। इन सब वजहों से फिलहाल कीमतों में 'नेगेटिव बायस' (Negative Bias) के साथ कंसोलिडेशन देखने को मिल सकता है।

    सवाल 4: ट्रेडर्स के लिए अहम लेवल्स (Key Levels)

    एक्सपर्ट ने सोने और चांदी के लिए कुछ अहम सपोर्ट और रेजिस्टेंस लेवल्स सुझाए हैं:

    सोना (Gold):

    * COMEX: अगर अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना $4,000 का स्तर बनाए रखता है, तो यह $4,080 से $4,100 तक जा सकता है। अगर $4,000 का सपोर्ट टूटता है, तो कीमतें $3,950-$3,920 तक गिर सकती हैं।
    * MCX (घरेलू बाजार): मजबूती के लिए सोने का ₹1,40,500 के स्तर के ऊपर टिके रहना जरूरी है। ऐसा होने पर यह ₹1,45,500 तक जा सकता है। लेकिन अगर ₹1,40,500 का स्तर टूटता है, तो सोना और कमजोर होकर ₹1,37,500 की तरफ लुढ़क सकता है।

    चांदी (Silver):

    * COMEX: मजबूती के लिए कीमतों का $55 के ऊपर बने रहना जरूरी है, जिससे यह $58-$60 का स्तर छू सकती है। $55 के नीचे फिसलने पर यह $52 तक जा सकती है।
    * MCX (घरेलू बाजार): भारतीय बाजार में चांदी के लिए ₹2,19,000 का स्तर अहम है। अगर यह टूटता है तो कीमतें ₹2,14,000 से ₹2,10,000 तक नीचे आ सकती हैं। लंबी अवधि के निवेशकों के लिए चांदी का मजबूत सपोर्ट ₹1,98,000 पर है।