Gold Silver Price Crash: सोना-चांदी धड़ाम, ₹9000 तक टूटे दाम; अचानक क्यों आई गिरावट, खरीदें या नहीं?
Gold Silver Price Today: अमेरिकी फेडरल रिजर्व के सख्त रुख और मजबूत अमेरिकी आर्थिक आंकड़ों के कारण इस हफ्ते सोने-चांदी की कीमतों में भारी गिरावट दर्ज की गई।
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सोना-चांदी धड़ाम: अमेरिकी फेडरल रिजर्व के सख्त रुख से कीमतों में भारी गिरावट

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
बिजनेस डेस्क, नई दिल्ली| अमेरिकी सेंट्रल बैंक फेडरल रिजर्व के सख्त रुख और अमेरिका की मजबूत अर्थव्यवस्था के आंकड़ों ने इस हफ्ते सोने और चांदी की चमक को काफी फीका (gold silver price crash) कर दिया है। अंतरराष्ट्रीय बाजार से मिले कमजोर संकेतों के कारण पूरे हफ्ते कीमती धातुओं पर भारी दबाव देखने को मिला। नतीजा यह रहा कि सोने की कीमतों में पूरे हफ्ते में लगभग 1.86 प्रतिशत की बड़ी गिरावट दर्ज की गई, जबकि चांदी ने भी निवेशकों को निराश किया।
MCX पर औंधे मुंह गिरा सोना-चांदी
मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) के आंकड़ों पर नजर डालें, तो सोने-चांदी में गिरावट साफ नजर आती है।
- सोने का हाल: शुक्रवार, 28 अगस्त को अक्टूबर डिलीवरी वाले सोने का वायदा भाव 1,56,281 रुपए प्रति 10 ग्राम पर (gold rate today) बंद हुआ। यह एक ही दिन में करीब 2,600 रुपए (1.6%) की गिरावट है। अगर पूरे हफ्ते की बात करें, तो 21 अगस्त को भाव 1,62,438 रुपए था। यानी महज एक हफ्ते में MCX पर सोना 6,157 रुपए (3.79%) टूट गया है।
- चांदी का हाल: 28 अगस्त को सितंबर डिलीवरी वाली चांदी 4,000 रुपए से ज्यादा टूटकर 2,36,704 रुपए प्रति किलोग्राम (silver rate today) पर आ गई। पिछले हफ्ते के मुकाबले चांदी के रेट में 9,893 रुपए (4.01%) की भारी गिरावट आई है।
IBJA पर कितना सस्ता हुआ गोल्ड-सिल्वर?
इंडियन बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन (IBJA) के मुताबिक, हाजिर बाजार में भी नरमी का ही दौर रहा।
- 24 कैरेट (999 प्यूरिटी) सोने का भाव 28 अगस्त को 1,59,578 रुपए प्रति 10 ग्राम रहा। सोमवार को यह 1,62,603 रुपए के स्तर पर था। पिछले शुक्रवार (1,60,620 रुपए) से तुलना करें, तो हफ्ते भर में सोना 1,042 रुपए (0.64%) सस्ता हुआ है।
- 999 प्यूरिटी वाली चांदी 28 अगस्त को 2,43,892 रुपए प्रति किलोग्राम पर आ गई। पिछले शुक्रवार को यह 2,46,630 रुपए पर थी। यानी एक हफ्ते में चांदी 2,738 रुपए (1.12%) फिसल गई।
आखिर क्यों आई इतनी बड़ी गिरावट?
इस गिरावट के पीछे सबसे बड़ा कारण अमेरिका से आया है। बाजार के जानकारों के मुताबिक, अमेरिका में जुलाई महीने के पर्सनल कंजम्पशन एक्सपेंडिचर (PCE) यानी महंगाई के आंकड़े 3.7 प्रतिशत पर आ गए हैं, जो उम्मीद से कहीं ज्यादा हैं। इसके अलावा अमेरिका में रोजगार और व्यापार के आंकड़े भी काफी मजबूत आए हैं।
इस बीच, जैक्सन होल सम्मेलन में फेडरल रिजर्व के नए अध्यक्ष केविन वॉर्श (Kevin Warsh Speech) ने अपने पहले ही भाषण में सख्त मौद्रिक नीति (कठोर ब्याज दरें) बनाए रखने के स्पष्ट संकेत दे दिए। वॉर्श के भाषण का असर इतना तेज था कि कुछ ही मिनटों के भीतर अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना लगभग 70 डॉलर प्रति औंस तक लुढ़क गया। हालांकि बाद में थोड़ी रिकवरी हुई, लेकिन दबाव कम नहीं हुआ।
निवेशकों ने क्यों की मुनाफावसूली?
मजबूत आंकड़ों ने निवेशकों को यह संदेश दिया है कि फेडरल रिजर्व लंबे समय तक ब्याज दरों को ऊंचे स्तर पर बनाए रखेगा। जब ब्याज दरें बढ़ती हैं, तो निवेशक सोने जैसी चीजों से पैसा निकालकर बॉन्ड आदि में लगाते हैं, क्योंकि सोना अपने पास रखने पर कोई ब्याज नहीं देता है। यही वजह है कि निवेशकों ने इस हफ्ते जमकर मुनाफावसूली की।
इसके अलावा, होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) के आसपास कूटनीतिक हालात सुधरने से कच्चे तेल की कीमतों में भी नरमी आई है। तेल सस्ता होने से वैश्विक महंगाई की चिंताएं थोड़ी कम हुई हैं, जिससे सोने को मिलने वाला सपोर्ट और घट गया।
अब आगे कैसा रहेगा गोल्ड-सिल्वर का हाल?
एक्सपर्ट्स का कहना है कि आने वाले दिनों में भी सोने की चाल अमेरिकी ब्याज दरों और फेडरल रिजर्व की नीतियों पर ही निर्भर करेगी।
- अंतरराष्ट्रीय बाजार: कॉमेक्स गोल्ड के लिए अब 4,600 से 4,630 डॉलर प्रति औंस पर एक बड़ी रुकावट (Resistance) है। वहीं, नीचे की तरफ 4,500 से 4,470 डॉलर का स्तर एक अहम सपोर्ट का काम करेगा।
- घरेलू बाजार (MCX): भारतीय बाजार में सोने के लिए 1,59,200 रुपए से 1,60,000 रुपए का स्तर पार करना मुश्किल होगा (Resistance), जबकि 1,56,200 रुपए से 1,55,500 रुपए के बीच इसे तगड़ा सपोर्ट मिल सकता है।
अगर अमेरिकी अर्थव्यवस्था इसी तरह मजबूत बनी रहती है, तो छोटी अवधि में सोने-चांदी पर दबाव आगे भी जारी रह सकता है।
