Gold Silver Import: 721 टन सोना और 7334 टन चांदी भारत आई, FY26 के गोल्ड-सिल्वर इंपोर्ट का डेटा जारी
Gold Silver Import: वित्त वर्ष 2025-26 में भारत का सोने का आयात मूल्य 24% बढ़कर 71.98 अरब डॉलर हो गया, जबकि मात्रा 721.03 टन रही। चांदी का आयात 150% ब ...और पढ़ें
-1776433144431_m.webp)
FY26 में भारत में आया 721 टन सोना और 7334 टन चांदी
भाषा, नई दिल्ली। Gold Import: भारत में गोल्ड इंपोर्ट वित्त वर्ष 2025-26 में 24 प्रतिशत बढ़कर अब तक के उच्चतम स्तर 71.98 अरब डॉलर पहुंच गया है। यह वृद्धि मुख्य रूप से कीमती धातु (Gold Silver Price) की ऊंची कीमतों के कारण हुई है। वाणिज्य मंत्रालय ने यह जानकारी दी।
वित्त वर्ष 2024-25 में सोने का आयात 58 अरब डॉलर रहा था, जबकि 2023-24 में यह 45.54 अरब डॉलर और 2022-23 में 35 अरब डॉलर था।
FY26 में सोने-चांदी कितना आयात हुआ?
वित्त वर्ष 2025-26 में मात्रा के हिसाब से सोने का आयात 4.76 प्रतिशत घटकर 721.03 टन रहा, जो वित्त वर्ष 2024-25 में 757.09 टन था।
इसी तरह, चांदी का आयात बीते वित्त वर्ष में लगभग 150 प्रतिशत बढ़कर 12 अरब डॉलर हो गया। मात्रा के लिहाज से यह 42 प्रतिशत बढ़कर 7,334.96 टन रहा।
इन कीमती धातुओं के आयात में वृद्धि से देश का व्यापार घाटा वित्त वर्ष 2025-26 में बढ़कर 333.2 अरब डॉलर पहुंच गया।
स्विट्जरलैंड से आया सबसे ज्यादा सोना
वाणिज्य मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, सोने की कीमतों में बढ़ोतरी के कारण आयात मूल्य बढ़ा है, जबकि मात्रा में गिरावट आई है। मंत्रालय ने बताया कि सोने के आयात की कीमत वित्त वर्ष 2025-26 में बढ़कर 99,825.38 डॉलर प्रति किलोग्राम हो गई, जो वित्त वर्ष 2024-25 में 76,617.48 डॉलर प्रति किलोग्राम थी।
इसी दौरान आयात मात्रा 757.09 टन से घटकर 721.03 टन रह गई। मंत्रालय के अनुसार स्विट्जरलैंड सोने (India Import From Switzerland) के आयात का सबसे बड़ा स्रोत रहा, जिसकी हिस्सेदारी लगभग 40 प्रतिशत है।
इसके बाद संयुक्त अरब अमीरात (16 प्रतिशत से अधिक) और दक्षिण अफ्रीका (लगभग 10 प्रतिशत) का स्थान है। सोना देश के कुल आयात का पांच प्रतिशत से अधिक हिस्सा है।
भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा उपभोक्ता
भारत दुनिया में चीन के बाद सोने का दूसरा सबसे बड़ा उपभोक्ता है और इसका उपयोग मुख्य रूप से आभूषण उद्योग में होता है। आंकड़ों के अनुसार, स्विट्जरलैंड से आयात 11.36 प्रतिशत बढ़कर 24.27 अरब डॉलर हो गया।
भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के अनुसार, चालू खाता घाटा (सीएडी) दिसंबर तिमाही में बढ़कर 13.2 अरब डॉलर (जीडीपी का 1.3 प्रतिशत) हो गया, जबकि पिछले वर्ष 2024-25 की इसी अवधि में यह 11.3 अरब डॉलर था।
हालांकि, चालू खाता घाटा अप्रैल-दिसंबर 2025 में घटकर 30.1 अरब डॉलर (जीडीपी का एक प्रतिशत) रहा, जबकि एक वर्ष पहले इसी अवधि में यह 36.6 अरब डॉलर (जीडीपी का 1.3 प्रतिशत) था।
कमेंट्स
सभी कमेंट्स (0)
बातचीत में शामिल हों
कृपया धैर्य रखें।