सितंबर से बदला चीनी बिक्री का नियम, कीमतों में आई गिरावट! सरकार रियल टाइम में करेगी निगरानी
जून से बढ़ी चीनी की कीमतों में अब गिरावट दर्ज की जा रही है, और सरकार ने आने वाले त्योहारों ...और पढ़ें

चीनी की कीमतों में गिरावट
HighLights
चीनी की कीमतों में गिरावट जारी, खुदरा दाम भी कम होने की उम्मीद।
सरकार ने चीनी मिलों का फिजिकल वेरिफिकेशन कर पर्याप्त स्टॉक पाया।
सितंबर से पखवाड़ेवार चीनी आवंटन प्रणाली लागू, आपूर्ति सुनिश्चित होगी।
बिजनेस डेस्क, नई दिल्ली| लगभग पिछले 15 दिनों से लगातार देश में चीनी की कीमतें सुर्खियों में रही हैं। जून के बाद से चीनी की कीमतों में तेजी से उछाल देखा गया है, इसके बाद चीनी की सप्लाई को लेकर भी कई अटकलें लगाई जाती रही हैं। अब रक्षाबंधन के बाद सवाल ये है कि चीनी की कीमतों में गिरावट देखने को मिलेगी या नहीं। साथ ही आने वाले त्योहारों में चीनी की आपूर्ति बनी रहेगी या नहीं? इन सवालों के साथ सरकार की ओर से चीनी मिलों का फिजिकल वेरिफिकेशन किया गया है। जिसके बाद पखवाड़ेवार कोटा प्रणाली लागू की गई है।
कब कम होंगे चीनी के दाम?
रक्षाबंधन से पहले ही मिलों में चीनी की कीमतों में 20% तक की गिरावट देखने को मिली थी, अब खुदरा कीमतों में भी कमी आने की संभावना है। बीते सोमवार को ISMA ने दिल्ली में एक प्रेस कॉन्फ्रेस की थी जिसके बाद उन्होंने मिलों में दाम की गिरावट की बात कही थी। ISMA के DG दीपक बल्लानी ने अनुमान लगाया था कि चीनी की खुदरा कीमतों में भी कमी आने लगेगी। उन्होंने इसके लिए अगले 1 हफ्ते की बात कही थी। PIB के मुताबिक चीनी की खुदरा कीमतों में कमी आनी शुरू हो गई है। दो दिन पहले में चीनी की खुदरा कीमतों में औसत 73 पैसे की कमी आई थी जिसके बाद भाव ₹64.33 प्रति किलोग्राम हुआ था।
आने वाले त्योहारों में कैसी रहेगी सप्लाई?
देशभर की चीनी मिलों में चीनी के भंडार के फिजिकल वेरिफिकेशन के लिए चलाए गए अभियान से पर्याप्त उपलब्धता की स्थिति की फिर से पुष्टि हुई है। कई मामलों में चीनी मिलों उनके द्वारा सरकार को दिखाए गए महीने के विवरण में घोषित मात्रा से अधिक भंडार पाया गया। इस वेरिफिकेशन के अभियान से यह स्पष्ट हुआ है कि देश में चीनी की कोई कमी नहीं है और इसलिए घबराकर खरीदारी करने या आवश्यकता से अधिक स्टोर करने का कोई मतलब नहीं है।
कुछ मामलों में चीनी मिलों द्वारा कम बिक्री की प्रक्रिया अपनाई जा रही थी, उन्हें मासिक कोटे के तहत जितनी मात्रा बेचने के लिए आवंटित की गयी थी, उससे कम मात्रा में चीनी बेची जा रही थी। पर्याप्त फिजिकल वेरिफिकेशन होने के बावजूद इस तरह की गतिविधियां बाजार में चीनी की आपूर्ति अनावश्यक रूप से कम करती हैं।
सितंबर में बिक्री के लिए कोटा जारी
सरकार ने यह भी पाया है कि कुछ मामलों में महीने की शुरुआत में मिलों द्वारा बेची गई चीनी की आपूर्ति या उठान खरीदारों द्वारा महीने के अंत में किया जा रहा था। इस प्रक्रिया से बाजार में कृत्रिम कमी की स्थिति पैदा हो रही थी। इन समस्याओं के समाधान और चीनी को समय पर बाजार तक पहुंचाने के लिए सरकार ने सितंबर से पखवाड़ेवार चीनी आवंटन प्रणाली शुरू करने का निर्णय लिया है। 15 दिनों के कोटे के तहत मिलों को आवंटित मात्रा में से कम से कम 40 प्रतिशत चीनी पहले सप्ताह में और शेष मात्रा अगले सप्ताह में बेचनी होगी। इस फैसले से सरकार को रियल टाइम में निगरानी करने और आवश्यकता पड़ने पर अतिरिक्त कोटा जारी करने में सहायता मिलेगी।
