सरकार के इस फैसले से लगातार तीसरे हफ्ते बढ़े चावल के दाम, ग्लोबल मार्केट में दिखी तेजी; कीमतें भी जान लीजिए
भारत में चावल के निर्यात दाम लगातार तीसरे हफ्ते बढ़े हैं, जिसका मुख्य कारण सरकारी नीतियां और कमजोर मानसून को माना जा रहा है। वैश्विक बाजार में भी भारत ...और पढ़ें

भारतीय चावल की निर्यात कीमतों में बढ़ोतरी
HighLights
भारतीय चावल के निर्यात दाम लगातार तीसरे हफ्ते बढ़े।
कमजोर मानसून और OMSS के ऊंचे दाम मुख्य कारण।
वैश्विक बाजार में चावल की कीमतों में उतार-चढ़ाव जारी।
नई दिल्ली| भारत चावल के उत्पादन और निर्यात के मामले में विश्व का नंबर वन देश है। ग्लोबल मार्केट में भारतीय चावल की बंपर मांग है। इसी बीच चावल की कीमत में बढ़ोतरी की खबर सामने आई है। लगातार तीसरे हफ्ते चावल के निर्यात दाम बढ़े है। कीमतों में तेजी का मुख्य कारण सरकार की ओपन मार्केट सेल स्कीम के तहत तय किए गए ऊंचे दाम और मानसून की कमजोर बारिश को माना जा रहा है।
कितनी है भारतीय चावल की कीमत?
भारत की 5 प्रतिशत टूटे हुए उबले चावल (Rice) की किस्म (RI-INBKN5-P1) का भाव गुरुवार तक के सप्ताह में 352-357 डॉलर प्रति टन रहा, जो पिछले सप्ताह के 348-352 डॉलर से अधिक है। वहीं 5 प्रतिशत तक टूटे हुए भारतीय सफेद चावल की कीमत 353-357 डॉलर प्रति टन है। कोलकाता के एक व्यापारी ने मीडिया को बताया कि बाजार को उम्मीद थी की OMSS के तहत रिजर्व चावल की कीमत में कमी देखी जाएगी लेकिन सरकार ने इसे बढ़ाने का फैसला किया और खुले बाजारों में कीमतें बढ़ गईं।
कमजोर मानसून का दिखा असर
अलनीनो के कारण इस साल मानसून के महीने में अब तक बारिश में काफी गिरावट दर्ज की गई है। जिसके चलते धान की बुवाई के क्षेत्रफल में काफी आई है। 10 जुलाई तक के आंकड़ों में 11.5 मिलियन हेक्टेयर भूमि पर ग्रीष्म ऋतु में बोई जाने वाली धान की फसल लगाई गई, जो पिछले साल के 12.6 मिलियन हेक्टेयर से कम है। बुवाई कम होने से भी चावल की कीमतों में इजाफा हुआ है।
बांग्लादेश में बाढ़ से धान की फसल बर्बाद
बांग्लादेश में बाढ़ से 12 जिलों में कम से कम 28,610 हेक्टेयर में फसलें क्षतिग्रस्त हो गई हैं, जिनमें धान और चावल की क्यारियां सबसे ज्यादा प्रभावित हुई हैं। कृषि विस्तार विभाग के एक अधिकारी ने कहा, "वर्तमान अनुमान प्रारंभिक हैं। बाढ़ का पानी उतरने के बाद ही फसलों के नुकसान का पूरा अंदाजा लग पाएगा।
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वियतनाम और थाईलैंड में क्या है चावल का हाल?
रिपोर्ट्स के मुताबिक थाईलैंड में 5 प्रतिशत टूटे चावल की कीमत पिछले सप्ताह के 450 डॉलर से गिरकर 445-450 डॉलर प्रति टन पर आ गई जो मामूली गिरावट दर्शाता है। बैंकॉक के एक व्यापारी के मुताबिक, खरीदी केवल बहुत जरूरी सौदों तक ही सीमित है। फिलीपींस द्वारा थाईलैंड के 5% टूटे चावल के आयात पर अस्थायी रोक लगाने से मांग में और ज्यादा कमी देखने को मिली है। इसके साथ ही थाईलैंड के बाजारों में धीरे-धीरे आपूर्ति में बढ़ोतरी हो रही है, लेकिन व्यापारी इस साल के अंत में प्रोडक्शन पर अल नीनो के चलते संभावित प्रभाव को लेकर अब भी सतर्क हैं।
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दूसरी ओर, वियतनाम में 5 प्रतिशत टूटे चावल का भाव गुरुवार को 445-450 डॉलर प्रति मीट्रिक टन पर ही बना रहा, जो पिछले हफ्ते के बराबर है। हो ची मिन्ह शहर के एक व्यापारी ने जानकारी दी कि कारोबार अभी भी धीमा है क्योंकि खरीदार कटाई से बाजार में नई फसल और आपूर्ति बढ़ने का इंतजार कर रहे हैं।