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    Silver Price Crash: चांदी में ₹14000 की भारी गिरावट, चीन के इस फैसले से मचा हाहाकार; एक्सपर्ट्स ने क्या बता दिया?

    Updated: Thu, 26 Feb 2026 05:10 PM (IST)

    Silver Price Today: गुरुवार को चांदी के वायदा बाजार में ₹14000 तक की भारी गिरावट दर्ज की गई, जिससे निवेशक हैरान हैं। MCX पर मार्च डिलीवरी वाली चांदी ₹ ...और पढ़ें

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    चांदी की कीमतों में भारी गिरावट: ₹14000 तक टूटे दाम, निवेशकों में हड़कंप

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    नई दिल्ली| चांदी के बाजार में गुरुवार को ऐसा झटका लगा कि निवेशकों की सांसें अटक गई। वायदा बाजार में चांदी की कीमत में एक दिन में करीब ₹14000 तक की भारी गिरावट (silver price crash) दर्ज हुई, जिससे ट्रेडर्स और निवेशक दोनों सकते में हैं।

    मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर मार्च डिलिवरी वाली चांदी 3,264 रुपए यानी 4.02% टूटकर दिन के निचले स्तर ₹2,63,970 प्रति किलोग्राम (silver price today) तक फिसल गई। खबर लिखे जाने तक भाव ₹2,67,179 प्रति किलोग्राम (silver rate today) पर ट्रेड कर रहे थे।

    दिन में इसका हाई ₹2,76,000 और लो ₹2,63,970 रहा। जबकि पिछले कारोबारी दिन चांदी ₹2,78,364 पर बंद हुई थी। यानी क्लोजिंग के मुकाबले अब तक करीब ₹14394 की गिरावट साफ दिख रही है।

    ग्लोबल बाजार भी हुआ क्रैश

    हालांकि ग्लोबल मार्केट की तस्वीर थोड़ी अलग है। COMEX पर चांदी 4.49% की गिरावट के साथ 86.90 डॉलर प्रति औंस पर रही। इससे पहले फरवरी की शुरुआत में $64.10 तक गिरने के बाद चांदी 27% उछलकर $91 तक पहुंची थी। इस तेजी के पीछे अमेरिका में टैरिफ बढ़ाने की आशंका और कमजोर डॉलर को बड़ी वजह माना गया।

    लेकिन असली कहानी सप्लाई क्राइसिस की है। केडिया एडवाइजरी के डायरेक्टर अजय केडिया के मुताबिक, COMEX में डिलिवर करने योग्य चांदी का स्टॉक घटकर 88.2 मिलियन औंस रह गया है, जो 2020 के मुकाबले 75% कम है। बाजार में 'पेपर' सौदे फिजिकल चांदी से 5 गुना ज्यादा हो गए हैं, जिससे स्क्वीज की आशंका बढ़ गई है।

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    चीन के नियंत्रण से गिर रहे दाम

    अजय केडिया के मुताबिक,

    चीन ने नई एक्सपोर्ट लाइसेंस नीति लागू कर वैश्विक रिफाइंड सप्लाई के करीब 60% हिस्से पर नियंत्रण कड़ा कर दिया है। शंघाई में चांदी लंदन के मुकाबले $10 प्रीमियम पर ट्रेड कर रही है, जिससे फिजिकल मेटल एशिया की ओर खिंच रहा है।

    लगातार छठे साल 67 मिलियन औंस की वैश्विक कमी भी बाजार पर दबाव बना रही है। एक तरफ भारत में ऊंचे दामों से ज्वेलरी मांग कमजोर है, तो दूसरी ओर ETF में एक हफ्ते में $2.44 अरब का निवेश आया है।

    कुल मिलाकर, घरेलू बाजार में चांदी में तगड़ी गिरावट दिखी है, लेकिन ग्लोबल सप्लाई संकट और निवेश मांग इसे बेहद संवेदनशील मोड़ पर खड़ा कर रहे हैं। अब सवाल यह है कि क्या यह गिरावट खरीदारी का मौका है या बड़ी उथल-पुथल की शुरुआत?

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