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    प्याज किसानों के लिए ₹10,000 करोड़ के राहत पैकेज की मांग, "प्याज उत्पादक संघ" ने बताई आगे की तैयारी

    Updated: Mon, 01 Jun 2026 12:11 PM (IST)

    महाराष्ट्र के प्याज किसान ₹1 प्रति किलो से भी कम दाम मिलने से परेशान हैं और केंद्र सरकार से ₹10,000 करोड़ के विशेष राहत पैकेज की मांग कर रहे हैं। प्या ...और पढ़ें

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    महाराष्ट्र राज्य प्याज उत्पादक किसान संघ ने केंद्र से की स्पेशल राहत पैकेज की मांग

    HighLights

    1. प्याज किसानों को ₹1 प्रति किलो से भी कम दाम मिल रहे।

    2. केंद्र सरकार से ₹10,000 करोड़ के राहत पैकेज की मांग।

    3. स्थायी प्याज निर्यात नीति और स्थिरीकरण कोष बनाने की मांग।

    नई दिल्ली| महाराष्ट्र में इन दिनों प्याज किसानों के हाल बेहाल हैं। राज्य के प्रमुख प्याज उत्पादक जिलों में किसानों का कहना है कि मंडियों में प्याज बेचने पर उन्हें ₹1 किलो से भी कम का भाव मिल रहा है। हाल ही में सरकार की ओर से एक आश्वासन आया है कि NAFED और NCCF जैसी सहकारी संस्थाएं व्यापारियों की बजाय सीधे किसानों से प्याज खरीदेंगी, जिससे उन्हें अच्छा लाभ मिलेगा।

    महाराष्ट्र राज्य प्याज उत्पादक किसान संघ के संस्थापक-अध्यक्ष भरत दिघोले ने जागरण बिजनेस से खास बातचीत में बताया कि वे किसानों के लिए केंद्र सरकार से राहत कोष की मांग कर रहे हैं, इसके अलावा गृह मंत्री अमित शाह और सीएम देवेंद्र फडणवीस की मीटिंग को भी किसानों के लिए नहीं बल्कि राजनीतिक बैठक कहा है।

    केंद्र सरकार से ₹10,000 करोड़

    भरत दिघोले ने बताया कि महाराष्ट्र के प्याज किसान बहुत ज्यादा परेशान हैं। लागत भी नहीं निकल पा रही है और घाटा बहुत ज्यादा है। उन्होंने कहा कि सरकार घरेलू प्याज के दाम को नियंत्रित रखने के लिए प्याज के निर्यात को रोक देती है जिससे किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ता है, जबकि आज किसानों को ₹1 प्रति किलो से भी कम दाम मिल रहे हैं ऐसे वक्त में सरकार किसानों के साथ नहीं खड़ी है। उन्होंने जागरण बिजनेस को बताया कि हमने सरकार से प्याज किसानों के लिए ₹10,000 करोड़ के स्पेशल राहत पैकेज की मांग की है।

    दिल्ली की बैठक राजनीतिक थी

    भरत दिघोले ने बातचीत में आगे कहा कि हाल ही में सीएम फडणवीस और अन्य प्रतिनिधियों ने गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की थी और कहा था कि ये मुलाकात किसानों की समस्याओं को लेकर है, जबकि ये मुलाकात राज्य में होने वाले MLC के चुनावों पर चर्चा के लिए थी। इस मुलाकात को किसानों की समस्या के लिए बैठक का नाम दिया गया।

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    उन्होंने कहा कि सरकार ने आश्वसन दिया है कि NAFED और NCCF जैसी सहकारी संस्थाएं सीधे किसानों से प्याज खरीदेंगी। अगर ऐसा होता तो अगले ही दिन से प्याज की खरीद शुरू हो जाती।

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    प्याज उत्पादक संघ की मांग

    महाराष्ट्र राज्य प्याज उत्पादक किसान संघ ने प्याज किसानों की समस्याओं पर जोर देते हुए कहा कि, बार-बार निर्यात पर रोक लगाने या शुल्क बढ़ाने की बजाय एक स्थायी 'राष्ट्रीय प्याज निर्यात नीति' लागू की जानी चाहिए। इसके साथ ही जब प्याज के दाम गिर जाएं तो किसानों को तुरंत आर्थिक मदद देने के लिए 'राष्ट्रीय प्याज स्थिरीकरण कोष' बनाने की भी मांग की गई है। इसके साथ ही प्रमुख प्याज उत्पादक जिलों में प्याज प्रसंस्करण उद्योग लगाए जाने की भी मांग की।

    उत्पादक संघ का कहना है कि किसानों को प्याज पाउडर, प्याज फ्लेक्स, डिहाइड्रेटेड प्याज, प्याज पेस्ट और अन्य कीमती उत्पाद बनाने वाली इकाइयां शुरू करने के लिए भी आर्थिक सहायता मिलनी चाहिए।