स्टार्टअप्स के लिए बड़ी खबर: सरकार ने 10000 करोड़ रुपये के 'स्टार्टअप इंडिया फंड ऑफ फंड्स 2.0' को दी मंजूरी
भारत सरकार ने ₹10,000 करोड़ के स्टार्टअप इंडिया फंड ऑफ फंड्स 2.0 को मंजूरी दी है। इसका उद्देश्य वेंचर कैपिटल के माध्यम से भारतीय स्टार्टअप्स को वित्ती ...और पढ़ें


समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
नई दिल्ली। भारत सरकार ने स्टार्टअप इंडिया फंड ऑफ फंड्स 2.0 को मंजूरी दे दी है, जिसमें ₹10,000 करोड़ का कोष होगा। इसका मुख्य उद्देश्य वेंचर कैपिटल जुटाकर भारतीय स्टार्टअप्स को वित्तीय सहायता प्रदान करना है। यह फंड विशेष रूप से डीप टेक, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और इनोवेटिव मैन्युफैक्चरिंग जैसे क्षेत्रों में काम करने वाले स्टार्टअप्स पर ध्यान केंद्रित करेगा, जिससे देश के नवाचार पारिस्थितिकी तंत्र को बढ़ावा मिलेगा। DPIIT ने इस संबंध में अधिसूचना जारी की है।

क्या हैं मुख्य बातें?
भारी-भरकम फंड: सरकार ने इस योजना के लिए कुल 10,000 करोड़ रुपये का कॉर्पस फंड निर्धारित किया है।
तुरंत प्रभावी: यह योजना अधिसूचना जारी होने की तारीख, 13 अप्रैल 2026 से ही प्रभावी हो गई है।
कार्यकाल: इस योजना की अवधि एआईएफ (Alternative Investment Funds) के लिए प्रतिबद्धताओं के अनुसार 16वें और 17वें वित्त आयोग की अवधि तक रहेगी।
पुराने फंड की तरह कार्यक्षमता: यह नया फंड (2.0) स्टार्टअप इंडिया फंड ऑफ फंड्स 1.0 की तरह ही काम करेगा।
योजना के उद्देश्य और फोकस क्षेत्र क्या हैं?
अधिसूचना के अनुसार, इस फंड का प्राथमिक उद्देश्य विभिन्न चरणों (stages) और क्षेत्रों (sectors) में स्टार्टअप्स को उद्यम पूंजी तक पहुच उपलब्ध कराना है। इसके अलावा इसमें नवप्रवर्तन-आधारित विनिर्माण (innovation-based manufacturing) और दीर्घ अवधि में विकसित होने वाली प्रौद्योगिकियों के विकास को प्रोत्साहित किया जाएगा।
शुरुआती चरण के निवेश पर ध्यान होगा। फंड विशेष रूप से स्टार्टअप्स के 'आरंभिक विकास चरण' (initial development stage) में निवेश पर केंद्रित लघु उद्यम कोषों (small enterprise funds) के विकास में सहायता करेगा। इसका लक्ष्य देश में नवोन्मेषी विचारों (innovative ideas) को प्रोत्साहित करना और उन्हें धरातल पर उतारने में मदद करना है।
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