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    इस Mutual Fund में निवेशकों ने दिखाई दिलचस्पी, 56% बढ़ा निवेश; क्या है वजह?

    Updated: Fri, 10 Apr 2026 02:07 PM (IST)

    मार्च में इक्विटी म्यूचुअल फंड में निवेशकों का भरोसा बढ़ा, जिससे शुद्ध निवेश 56% बढ़कर ₹40,450 करोड़ हो गया। फ्लेक्सी कैप, मिड कैप और स्मॉल कैप फंड मे ...और पढ़ें

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    नई दिल्ली। Best Mutual Fund: बाजार में उतार-चढ़ाव और बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के बावजूद निवेशकों का भरोसा बरकरार रहा। मार्च में इक्विटी म्यूचुअल फंड योजनाओं में शुद्ध निवेश 56 प्रतिशत बढ़कर 40,450 करोड़ रुपये हो गया। यह वृद्धि मुख्य रूप से फ्लेक्सी कैप, मिड कैप और स्मॉल कैप फंड में मजबूत निवेश के कारण हुई जिनकी कुल शुद्ध निवेश में बड़ी हिस्सेदारी रही। 

    कितना बढ़ा मासिक निवेश?

    एसोसिएशन ऑफ म्यूचुअल फंड इन इंडिया’ (AMFI) द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार व्यवस्थित निवेश योजना (SIP) के जरिए मासिक निवेश बढ़कर 32,087 करोड़ रुपये हो गया, जो पिछले महीने 29,845 करोड़ रुपये था। आंकड़ों के मुताबिक फरवरी में 25,978 करोड़ रुपये के मुकाबले मार्च में इक्विटी योजनाओं में शुद्ध निवेश बढ़कर 40,450 करोड़ रुपये हो गया।

    फ्लेक्सी कैप फंड में सबसे अधिक 10,000 करोड़ रुपये से अधिक का शुद्ध निवेश आया। इसके बाद स्मॉल कैप फंड में 6,263 करोड़ रुपये और मिड कैप फंड में 6,063 करोड़ रुपये का निवेश हुआ। अधिकांश श्रेणियों में सकारात्मक प्रवाह रहा, हालांकि कर-बचत वाली ईएलएसएस योजनाओं में मामूली निकासी देखी गई। 

    AMFI के CEO ने क्या कहा?

    “म्यूचुअल फंड उद्योग में निवेशकों की भागीदारी लगातार स्थिर बनी हुई है। इक्विटी निवेश में लगातार 61 वें महीने तेजी दर्ज की गई है। ये म्यूचुअल फंड में निवेशकों का भरोसा दर्शाती है। इसके साथ ही लोगों ने एसआईपी को प्राथमिकता दी है। एसआईपी में योगदान ₹32,087 करोड़ पर मजबूत बना हुआ है, जिसमें लगभग 9.72 करोड़ योगदान खाते शामिल हैं।”- Venkat Chalasani, मुख्य कार्यकारी अधिकारी AMFI

    किसमें हुआ कम निवेश?

    इस बीच गोल्ड एक्सचेंज ट्रेडेड फंड (ईटीएफ) में मार्च में 2,266 करोड़ रुपये का निवेश आया जो फरवरी के 5,255 करोड़ रुपय से काफी कम है। कुल मिलाकर, उद्योग में मार्च के दौरान 2.4 लाख करोड़ रुपये की शुद्ध निकासी दर्ज की गई जबकि फरवरी में 94,530 करोड़ रुपये का निवेश आया था। 

    इसकी मुख्य वजह उधार आधारित डेट म्यूचुअल फंड से 2.95 लाख करोड़ रुपये की भारी निकासी रही। इस निकासी के कारण उद्योग की प्रबंधन अधीन परिसंपत्तियां (एयूएम) फरवरी के अंत में 82.03 लाख करोड़ रुपये से घटकर मार्च के अंत में 73.73 लाख करोड़ रुपये रह गईं।

    पीटीआई इनपुट के साथ

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