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    High Return Fund: निवेश से पहले इन 5 चेतावनी संकेतों को पहचानें, वरना डूब सकता है पैसा; समझदारी से करें निवेश

    Updated: Sun, 22 Feb 2026 06:00 AM (IST)

    उच्च रिटर्न वाले म्यूचुअल फंड (High Return Fund Risk) आकर्षक होते हैं, लेकिन उनमें निवेश से पहले जोखिमों को समझना महत्वपूर्ण है। यह लेख निवेशकों के लि ...और पढ़ें

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    हाई रिटर्न फंड में भी होते हैं ये रिस्क

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    समय कम है?

    जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में

    संक्षेप में पढ़ें

    नई दिल्ली। उच्च रिटर्न का वादा हर निवेशक को आकर्षित करता है। जब कोई म्यूचुअल फंड पिछले कुछ वर्षों में असाधारण रिटर्न दिखाता है, तो उसमें निवेश करने का मन स्वाभाविक रूप से बन जाता है। लेकिन केवल “हाई रिटर्न” देखकर निर्णय लेना जोखिम (High Return Fund Risk) भरा हो सकता है। समझदारी इसी में है कि निवेश से पहले संभावित खतरे के संकेतों को पहचाना जाए। नीचे दिए गए पाँच चेतावनी संकेत ऐसे हैं जिन्हें नजरअंदाज करना भारी पड़ सकता है।

    असामान्य रूप से लगातार ऊँचे रिटर्न

    यदि कोई फंड बाजार की तुलना में लगातार बहुत अधिक रिटर्न दे रहा है, तो यह हमेशा अच्छी खबर नहीं होती। कभी-कभी यह संकेत हो सकता है कि फंड बहुत अधिक जोखिम ले रहा है। बाजार में उतार-चढ़ाव स्वाभाविक है, इसलिए हर समय असाधारण प्रदर्शन संदेह पैदा कर सकता है। निवेश से पहले यह देखें कि रिटर्न स्थिर है या अत्यधिक उतार-चढ़ाव वाला।

    बहुत अधिक एक्सपेंस रेशियो

    हाई रिटर्न दिखाने वाले कई फंड उच्च प्रबंधन शुल्क (Expense Ratio) वसूलते हैं। ज्यादा खर्च सीधे आपके शुद्ध रिटर्न को कम कर देता है। भले ही फंड का प्रदर्शन अच्छा दिखे, लेकिन लंबे समय में अधिक शुल्क आपके लाभ को घटा सकता है। हमेशा रिटर्न के साथ-साथ लागत पर भी ध्यान दें।

    अत्यधिक पोर्टफोलियो टर्नओवर

    अगर फंड मैनेजर बार-बार शेयरों की खरीद-बिक्री कर रहा है, तो इसे पोर्टफोलियो टर्नओवर कहा जाता है। बहुत अधिक टर्नओवर यह संकेत दे सकता है कि रणनीति स्थिर नहीं है या अल्पकालिक लाभ के पीछे भागा जा रहा है। इससे लेनदेन लागत बढ़ती है और कर प्रभाव भी अधिक हो सकता है।

    एक ही सेक्टर या कुछ गिने-चुने शेयरों में अधिक निवेश

    अगर फंड का बड़ा हिस्सा किसी एक सेक्टर या कुछ ही कंपनियों में लगा है, तो जोखिम बढ़ जाता है। उदाहरण के लिए, यदि पूरा निवेश केवल तकनीकी कंपनियों जैसे Apple या Microsoft जैसी कंपनियों पर केंद्रित हो, तो सेक्टर में गिरावट आने पर फंड को बड़ा नुकसान हो सकता है। विविधीकरण (Diversification) की कमी एक बड़ा चेतावनी संकेत है।

    फंड मैनेजर में बार-बार बदलाव

    म्यूचुअल फंड का प्रदर्शन काफी हद तक फंड मैनेजर की रणनीति और अनुभव पर निर्भर करता है। यदि किसी फंड में बार-बार मैनेजर बदले जा रहे हैं, तो यह अस्थिरता का संकेत हो सकता है। नई रणनीति के कारण भविष्य का प्रदर्शन पिछले रिकॉर्ड से अलग हो सकता है।

    ये भी पढ़ें - मल्टी कैप और फ्लेक्सी कैप म्यूचुअल फंड में क्या हैं 5 बड़े अंतर? इस कैटेगरी में ज्यादा रिटर्न की उम्मीद

    (डिस्क्लेमर: यहां निवेश की राय नहीं दी गयी है। जागरण बिजनेस निवेश की सलाह नहीं दे रहा है। म्यूचुअल फंड में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है, इसलिए निवेश करने से पहले किसी सर्टिफाइड इन्वेस्टमेंट एडवाइजर से परामर्श जरूर करें।)