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    अब विदेशी रेट नहीं चलेगा! गोल्ड-सिल्वर म्यूचुअल फंड अब देसी स्पॉट प्राइस से वैल्यू होंगे, नया नियम 1 अप्रैल से

    Updated: Thu, 26 Feb 2026 10:03 PM (IST)

    सेबी ने सोने-चांदी वाले म्यूचुअल फंड्स के मूल्यांकन नियमों में बदलाव किया है। अब फिजिकल गोल्ड और सिल्वर की कीमत स्टॉक एक्सचेंज पर प्रकाशित पोल्ड स्पॉट ...और पढ़ें

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    सेबी ने बदला गोल्ड सिल्वर म्यूचुअल फंड्स का मूल्यांकन नियम, अब घरेलू स्पॉट प्राइस से तय होगी कीमत

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    नई दिल्ली| सेबी ने सोने-चांदी वाले म्यूचुअल फंड्स के लिए वैल्यूएशन नियम बदल दिए हैं। अब फिजिकल गोल्ड और सिल्वर (gold silver price) की कीमत तय करने के लिए स्टॉक एक्सचेंज पर पब्लिश होने वाले पोल्ड स्पॉट प्राइस इस्तेमाल होंगे। यह बदलाव 1 अप्रैल 2026 से लागू होगा।

    पहले गोल्ड और सिल्वर ईटीएफ (Gold Silver ETF) अपनी होल्डिंग की वैल्यू लंदन बुलियन मार्केट एसोसिएशन (LBMA) के AM फिक्सिंग प्राइस से तय करते थे।

    इसमें डॉलर से रुपए में कन्वर्जन, ट्रांसपोर्टेशन कॉस्ट, कस्टम ड्यूटी, टैक्स और अन्य चार्जेस जोड़कर घरेलू कीमत निकाली जाती थी। लेकिन अब यह तरीका खत्म हो जाएगा।

    नए नियम में क्या होगा खास?

    नए नियम के मुताबिक, म्यूचुअल फंड्स अब भारत के मान्यता प्राप्त स्टॉक एक्सचेंज (जैसे MCX या NSE) पर फिजिकल डिलिवरी वाले गोल्ड-सिल्वर डेरिवेटिव कॉन्ट्रैक्ट्स के सेटलमेंट के लिए इस्तेमाल होने वाले स्पॉट प्राइस यूज करेंगे।

    इससे वैल्यूएशन ज्यादा पारदर्शी, एकसमान और घरेलू बाजार की असली स्थिति को दिखाने वाली होगी। यह फैसला सेबी (म्यूचुअल फंड) रेगुलेशंस 2026 के साथ जुड़ा है। इसका मकसद निवेशकों को बेहतर और सही जानकारी देना है।

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    सेबी के साथ मिलकर पॉलिसी बनाएगा AMFI

    म्यूचुअल फंड इंडस्ट्री बॉडी एम्फी (association of mutual funds in india) सेबी के साथ मिलकर इस नए तरीके को लागू करने की एक समान पॉलिसी बनाएगी।

    गोल्ड और सिल्वर ETF में निवेश करने वाले आम लोग अब ज्यादा भरोसेमंद NAV (नेट एसेट वैल्यू) देख पाएंगे, क्योंकि कीमतें अब लोकल मार्केट पर आधारित होंगी। इससे गोल्ड-सिल्वर म्यूचुअल फंड्स में निवेश और आकर्षक हो सकता है, खासकर जब महंगाई या अनिश्चितता हो।