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    म्यूचुअल फंड में क्या होता है CAGR, XIRR और एब्सॉल्यूट रिटर्न का मतलब? आपके लिए इसलिए है समझना जरूरी

    Updated: Sun, 01 Mar 2026 05:34 PM (IST)

    म्यूचुअल फंड निवेशकों के लिए CAGR, XIRR और एब्सॉल्यूट रिटर्न समझना महत्वपूर्ण है। एब्सॉल्यूट रिटर्न कम अवधि के निवेश का कुल लाभ बताता है। CAGR लंबी अव ...और पढ़ें

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    म्यूचुअल फंड में क्या होता है XIRR, CAGR और एब्सॉल्यूट रिटर्न?

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    समय कम है?

    जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में

    संक्षेप में पढ़ें

    नई दिल्ली। म्यूचुअल फंड में निवेश करते समय अकसर निवेशकों को CAGR, XIRR और एब्सॉल्यूट रिटर्न जैसे शब्द सुनने को मिलते हैं। ये तीनों रिटर्न मापने के अलग-अलग तरीके हैं और हर एक का उपयोग अलग परिस्थिति में किया जाता है। यदि आप किसी इक्विटी फंड, जैसे HDFC Mutual Fund या SBI Mutual Fund की स्कीम में निवेश कर रहे हैं, तो इन शब्दों को समझना बेहद जरूरी है। सही रिटर्न मेट्रिक को समझकर ही आप अपनी निवेश रणनीति और लक्ष्य का सही आकलन कर सकते हैं।

    एब्सॉल्यूट रिटर्न क्या होता है?

    एब्सॉल्यूट रिटर्न सबसे सरल तरीका है निवेश से हुए कुल लाभ या हानि को मापने का। यह बताता है कि आपने जितना पैसा लगाया था, वह कुल मिलाकर कितने प्रतिशत बढ़ा या घटा। उदाहरण के लिए, यदि आपने ₹1 लाख निवेश किए और 2 साल बाद वह ₹1.40 लाख हो गया, तो आपका एब्सॉल्यूट रिटर्न 40% होगा।

    लेकिन इसकी एक बड़ी सीमा है — यह समय अवधि को ध्यान में नहीं रखता। 40% रिटर्न 2 साल में मिला या 5 साल में, इससे फर्क पड़ता है। इसलिए एब्सॉल्यूट रिटर्न कम अवधि (आमतौर पर 1 साल से कम) के निवेश के लिए अधिक उपयोगी माना जाता है।


    CAGR (Compound Annual Growth Rate) क्या है?

    CAGR का अर्थ है “कंपाउंड एनुअल ग्रोथ रेट”। यह बताता है कि आपका निवेश हर साल औसतन कितनी दर से बढ़ा, यदि उसे कंपाउंडिंग के सिद्धांत पर बढ़ता माना जाए। मान लीजिए आपने ₹1 लाख 5 साल के लिए निवेश किए और वह ₹2 लाख हो गया। यहाँ CAGR यह बताएगा कि हर साल औसतन कितनी प्रतिशत की दर से आपका पैसा बढ़ा।

    CAGR लंबी अवधि के निवेश के लिए बेहद उपयोगी है, क्योंकि यह समय और कंपाउंडिंग दोनों को ध्यान में रखता है। जब आप अलग-अलग फंड्स की तुलना करते हैं — जैसे किसी लार्ज कैप और मिड कैप फंड की — तब CAGR बेहतर तुलना का आधार देता है।

    XIRR क्या होता है?

    XIRR (Extended Internal Rate of Return) उन निवेशों के लिए उपयोगी है जहाँ पैसा अलग-अलग समय पर लगाया जाता है, जैसे SIP (Systematic Investment Plan)। SIP में हर महीने अलग तारीख पर निवेश होता है, इसलिए साधारण CAGR सही तस्वीर नहीं दिखा पाता। XIRR हर निवेश की तारीख और राशि को ध्यान में रखकर वास्तविक वार्षिक रिटर्न निकालता है।

    यदि आप 3 साल तक हर महीने ₹5,000 का SIP करते हैं, तो XIRR आपको बताएगा कि कुल मिलाकर आपकी सालाना रिटर्न दर क्या रही। इसलिए नियमित निवेश करने वालों के लिए XIRR सबसे सटीक मापदंड माना जाता है।

    निवेशकों के लिए क्यों हैं अहम?

    इन तीनों मेट्रिक्स को समझना इसलिए जरूरी है क्योंकि हर निवेश शैली के लिए सही रिटर्न मापदंड अलग होता है।

    • कम अवधि के लिए: एब्सॉल्यूट रिटर्न
    • लंबी अवधि के एकमुश्त निवेश के लिए: CAGR
    • SIP या अनियमित निवेश के लिए: XIRR

    सही मेट्रिक का उपयोग करने से आप बेहतर निर्णय ले सकते हैं, अपने लक्ष्यों की प्रगति को माप सकते हैं और फंड चयन में समझदारी दिखा सकते हैं। अंततः, समझदारी भरा निवेश केवल रिटर्न देखने से नहीं, बल्कि सही तरीके से रिटर्न को समझने से शुरू होता है।

    ये भी पढ़ें - High Return Fund: निवेश से पहले इन 5 चेतावनी संकेतों को पहचानें, वरना डूब सकता है पैसा; समझदारी से करें निवेश

    (डिस्क्लेमर: यहां निवेश की राय नहीं दी गयी है। जागरण बिजनेस निवेश की सलाह नहीं दे रहा है। म्यूचुअल फंड में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है, इसलिए निवेश करने से पहले किसी सर्टिफाइड इन्वेस्टमेंट एडवाइजर से परामर्श जरूर करें।)