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    1 अप्रैल से बदलेंगे टैक्स फाइलिंग के कई नियम, इन 7 सवालों से करें हर कंफ्यूजन दूर; नहीं होगी कोई गलती

    Updated: Sat, 07 Feb 2026 10:58 AM (IST)

    बजट 2026 में इनकम टैक्स (New Income Tax Rules) स्लैब में बदलाव नहीं हुआ, लेकिन 1 अप्रैल 2026 से नया इनकम टैक्स एक्ट लागू होगा। यह लेख आपकी आईटीआर फाइल ...और पढ़ें

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    बदलने वाले हैं आईटीआर फाइलिंग के कुछ नियम

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    समय कम है?

    जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में

    संक्षेप में पढ़ें

    नई दिल्ली। बजट 2026 में इनकम टैक्स स्लैब में कोई बदलाव नहीं किया गया। मगर वित्त मंत्री ने यह दोहराया कि इनकम टैक्स एक्ट 1 अप्रैल, 2026 से लागू होगा। जैसे ही नया इनकम टैक्स एक्ट लागू होगा, इस साल आपकी ITR फाइलिंग पर इसका क्या असर पड़ेगा। क्या होंगे 7 प्रभाव, जो आपकी आईटीआर फाइलिंग (ITR Filing) पर पड़ेंगे, आइए बताते हैं।

    नए ITR फॉर्म कब नोटिफाई किए जाएंगे?

    बजट स्पीच के अनुसार, नया इनकम टैक्स एक्ट 1 अप्रैल, 2026 से लागू होगा और आसान इनकम टैक्स नियम और फॉर्म जल्द ही घोषित किए जाएंगे। आम लोगों के लिए इसका पालन करना आसान बनाने के लिए कागजी कार्रवाई को रिवाइज किया गया है।

    क्या रिवाइज्ड ITR फाइलिंग की डेडलाइन बढ़ा दी गई है?

    रिवाइज्ड ITR फाइल करने की डेडलाइन को 31 दिसंबर से बढ़ाकर 31 मार्च तक करने का प्रस्ताव है, जिसमें मामूली फीस देनी होगी।

    क्या टैक्सपेयर्स के लिए ITR फाइलिंग की डेडलाइन में कोई बदलाव हुआ है?

    वित्त मंत्री ने ITR 1 और ITR 2 वाले व्यक्तियों के लिए टैक्स रिटर्न फाइलिंग में कोई बदलाव नहीं किया है, जो 31 जुलाई ही रहेगी। हालांकि, नॉन-ऑडिट बिजनेस केस या ट्रस्ट अब 31 अगस्त तक रिटर्न फाइल कर सकेंगे।

    शेयर बायबैक को कैपिटल गेन माना जाएगा

    बजट 2026 में सभी तरह के शेयरहोल्डर्स के लिए बायबैक पर टैक्स को कैपिटल गेन के तौर पर बदलने का प्रस्ताव है। हालांकि, टैक्स आर्बिट्रेज के इस्तेमाल को रोकने के लिए, प्रमोटर्स को एक्स्ट्रा बायबैक टैक्स देना होगा। इससे बिजनेस प्रमोटर्स के लिए प्रभावी टैक्स दर 22% होगी। नॉन-कॉर्पोरेट प्रमोटर्स के लिए, प्रभावी टैक्स दर 30% होगी।

    नुकसान होने पर अपडेटेड रिटर्न में बदलाव

    बजट 2026 में अपडेटेड रिटर्न फाइल करने की अनुमति देने का प्रस्ताव दिया गया है, अगर टैक्सपेयर ओरिजिनल ITR में क्लेम किए गए नुकसान की रकम की तुलना में नुकसान की रकम कम करता है। यह प्रस्तावित बदलाव 1 अप्रैल, 2026 से लागू होगा। यह संशोधन पुराने और नए दोनों इनकम टैक्स एक्ट पर लागू होगा।

    निल डिडक्शन सर्टिफिकेट के लिए अप्लाई करने की ऑटोमेटेड प्रोसेस

    एक नई स्कीम की घोषणा की गई है, जिसके तहत छोटे टैक्सपेयर्स को इनकम टैक्स डिपार्टमेंट द्वारा नियम-आधारित ऑटोमेटेड प्रोसेस से निल-डिडक्शन सर्टिफिकेट जारी किया जाएगा।

    विदेशी संपत्ति खुलासा योजना

    सरकार ने छात्रों, युवा प्रोफेशनल्स, टेक कर्मचारियों, विदेश में रहने वाले NRI और ऐसे अन्य छोटे टैक्सपेयर्स के लिए एक बार की 6 महीने की विदेशी संपत्ति खुलासा योजना की घोषणा की है, ताकि वे एक निश्चित सीमा से कम आय या संपत्ति का खुलासा कर सकें।

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