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    ITR भरने वालों के लिए बड़ी खबर, इनकम टैक्स पोर्टल पर अब दिखेगी आपकी विदेशी संपत्ति; CBDT ने शुरू की नई सुविधा

    By IANSEdited By: Gyanendra Tiwari
    Updated: Thu, 16 Jul 2026 10:47 PM (IST)

    केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (CBDT) ने इनकम टैक्स ई-फाइलिंग पोर्टल पर करदाताओं के एनुअल इन्फॉर्मेशन स्टेटमेंट (एआईएस) में विदेशों में मौजूद संपत्तियों ...और पढ़ें

    CBDT ने ई-फाइलिंग पोर्टल पर विदेशी संपत्ति जानकारी जोड़ी।

    CBDT ने ई-फाइलिंग पोर्टल पर विदेशी संपत्ति जानकारी जोड़ी।

    HighLights

    1. CBDT ने ई-फाइलिंग पोर्टल पर विदेशी संपत्ति जानकारी जोड़ी।

    2. यह सुविधा करदाताओं को सही अनुपालन में मदद करेगी।

    3. एआईएस में 2022, 2023, 2024 की जानकारी उपलब्ध।

    आईएएनएस, नई दिल्ली। करदाताओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने और स्वैच्छिक कर अनुपालन को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (CBDT) ने इनकम टैक्स ई-फाइलिंग पोर्टल पर पात्र करदाताओं के एनुअल इन्फॉर्मेशन स्टेटमेंट (एआईएस) में विदेशों में मौजूद संपत्तियों और विदेशी आय से जुड़ी जानकारी दिखाने की सुविधा शुरू कर दी है। यह जानकारी ऑटोमैटिक एक्सचेंज ऑफ इन्फॉर्मेशन (एईओआई) व्यवस्था के तहत प्राप्त होती है।

    एक वरिष्ठ अधिकारी ने गुरुवार को बताया कि यह सुविधा करदाताओं (ITR Filing) की जांच करने के लिए नहीं, बल्कि उन्हें कर नियमों का सही तरीके से पालन करने में मदद देने के उद्देश्य से शुरू की गई है।

    100 से अधिक देशों के साथ साझेदारी

    भारत ने दुनिया के 100 से अधिक साझेदार देशों के साथ वित्तीय जानकारी के आदान-प्रदान से जुड़े कई अंतरराष्ट्रीय समझौते किए हैं। इन समझौतों के तहत भारत को हर साल अपने कर निवासियों (टैक्स रेजिडेंट्स) की विदेशों में मौजूद वित्तीय संपत्तियों और आय से जुड़ी जानकारी प्राप्त होती है।

    अधिकारी ने बताया कि ऑटोमैटिक एक्सचेंज ऑफ इन्फॉर्मेशन (एईओआई) के तहत पिछले कैलेंडर वर्ष की जानकारी हर साल सितंबर से मिलनी शुरू होती है, जिसमें विदेशी बैंक खातों, कस्टोडियल खातों, कुछ वित्तीय निवेशों, ब्याज, डिविडेंड और अन्य निर्धारित वित्तीय आय से जुड़ी जानकारी शामिल हो सकती है, जिसे साझेदार देश अंतरराष्ट्रीय मानकों के तहत साझा करते हैं।

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    अभी इन वर्षों की जानकारी होगी उपलब्ध

    फिलहाल कैलेंडर वर्ष 2022, 2023 और 2024 से संबंधित उपलब्ध जानकारी एआईएस में प्रदर्शित कर दी गई है। वहीं कैलेंडर वर्ष 2025 की जानकारी सितंबर या अक्टूबर 2026 में प्राप्त होने के बाद पोर्टल पर उपलब्ध कराई जाएगी।

    सीबीडीटी ने स्पष्ट किया है कि एआईएस में दिखाई गई विदेशी संपत्ति और आय की जानकारी केवल वही है, जो भारत को साझेदार देशों से प्राप्त हुई है। इसे किसी करदाता की विदेशों में मौजूद सभी संपत्तियों और आय का पूरा रिकॉर्ड नहीं माना जाएगा। इसलिए करदाताओं के लिए यह जरूरी है कि वे अपनी सभी विदेशी संपत्तियों और विदेशी स्रोत से होने वाली आय का सही और पूर्ण विवरण इनकम टैक्स रिटर्न के शेड्यूल एफए और शेड्यूल एफएसआई में दें, चाहे वह जानकारी एआईएस में दिखाई दे रही हो या नहीं।

    इस नई सुविधा के तहत करदाता अपने ई-फाइलिंग अकाउंट में सुरक्षित तरीके से लॉगिन करके अपनी विदेशी संपत्तियों और विदेशी आय से संबंधित जानकारी आसानी से देख सकेंगे। इससे इनकम टैक्स रिटर्न भरते समय शेड्यूल एफए और शेड्यूल एफएसआई में सही जानकारी दर्ज करना आसान होगा।

    ऐसे देख पाएंगे विदेशी संपत्ति

    विदेशी संपत्ति से जुड़ी जानकारी देखने के लिए करदाताओं को इनकम टैक्स ई-फाइलिंग पोर्टल पर लॉगिन करना होगा। इसके बाद एआईएस सेक्शन में जाकर कंप्लायंस पोर्टल खोलना होगा। वहां रिपोर्ट्स विकल्प पर क्लिक करने के बाद फॉरेन एसेट्स इन्फॉर्मेशन चुनना होगा। इसके बाद संबंधित कैलेंडर वर्ष का चयन कर पीडीएफ डाउनलोड करके पूरी जानकारी देखी जा सकती है।

    सीबीडीटी ने कहा कि यह सुविधा पूरी तरह करदाता हित में शुरू की गई है, जिसका उद्देश्य केवल करदाताओं को विभाग के पास उपलब्ध अंतरराष्ट्रीय जानकारी उपलब्ध कराना है, ताकि वे सही और पारदर्शी तरीके से कर रिटर्न दाखिल कर सकें। इसे किसी प्रकार की जांच या पूछताछ का माध्यम नहीं बनाया गया है।

    भेजा जा रहा मैसेज

    इस पहल के तहत करदाताओं को एसएमएस और ई-मेल भी भेजे जा रहे हैं, जिनमें उन्हें इस सुविधा की जानकारी देने के साथ यह याद दिलाया जा रहा है कि यदि उनके पास विदेशों में संपत्ति या विदेशी आय है, तो आकलन वर्ष 2026-27 के लिए इनकम टैक्स रिटर्न दाखिल करते समय उसका सही विवरण अवश्य दें। करदाता ई-फाइलिंग पोर्टल (ITR Filing 2026) पर उपलब्ध एआई-आधारित वर्चुअल असिस्टेंट 'कर साथी' की मदद भी ले सकते हैं।

    यह सही रिटर्न फॉर्म चुनने, विदेशी संपत्तियों और आय की रिपोर्टिंग करने तथा अन्य कर संबंधी सवालों के जवाब देने में सहायता करेगा। सीबीडीटी का कहना है कि इस नई सुविधा के जरिए करदाताओं को समय पर आवश्यक जानकारी उपलब्ध होगी, जिससे अनजाने में होने वाली रिपोर्टिंग संबंधी गलतियां कम होंगी, इनकम टैक्स रिटर्न अधिक सटीक बनेंगे और कर अनुपालन पहले की तुलना में अधिक सरल, सुविधाजनक और पारदर्शी होगा।

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