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    ITR भरना होगा आसान, पहले से भरा मिलेगा फॉर्म; बस चेक करें और एक क्लिक में फाइल करें, मिलेंगी क्या-क्या सुविधाएं?

    By Jagran BusinessEdited By: Ankit Kumar Katiyar
    Updated: Mon, 09 Feb 2026 08:50 PM (IST)

    New Income Tax Act 2026: अप्रैल 2027 से इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) भरना बेहद आसान हो जाएगा, क्योंकि फॉर्म पहले से भरे मिलेंगे। नए इनकम टैक्स कानून 2026 क ...और पढ़ें

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    ITR भरना होगा आसान, अप्रैल 2027 से मिलेंगे प्री-फिल्ड फॉर्म; जानें नए टैक्स नियम और PAN बदलाव

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    जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में

    संक्षेप में पढ़ें

    जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली| अप्रैल 2027 से इनकम टैक्स रिटर्न (आइटीआर) फार्म को भरना और उसे दाखिल करना बिल्कुल आसान हो जाएगा। इसका कारण यह है कि आइटीआर फार्म (ITR Form) पहले से भरा होगा और अगर आपको लगता है कि वह आपकी आय व व्यय के मुताबिक सही तरीके से भरा गया है तो आपको सिर्फ क्लिक करके उसे सबमिट करना रहेगा। लेकिन आप भरे हुए फार्म से संतुष्ट नहीं है तो अपने हिसाब से बदलाव कर सकते हैं।

    एक अप्रैल 2026 इनकम टैक्स का नया कानून लागू (New Income Tax Act 2026) हो रहा है और उसके तहत यह व्यवस्था की जा रही है। इसलिए अगले वित्त वर्ष 2026-27 में होने वाली आय पर दिए जाने वाले टैक्स के लिए जो आइटीआर भरे जाएंगे, उनमें यह सुविधा होगी। अप्रैल से इसलिए लागू किया जा रहा है क्योंकि कई लोग एडवांस में टैक्स जमा करते हैं।

    अगले महीने मार्च में इनकम टैक्स के नए कानून को अधिसूचित कर दिया जाएगा। अभी विभाग ने प्रस्तावित नए कानून पर लोगों से परामर्श लेने के लिए मसौदा जारी किया है। वर्ष 2027 में जो आइटीआर भरे जाएंगे, उनमें क्रिप्टो रखने की जानकारी को अनिवार्य किया जा रहा है।

    आगामी वित्त वर्ष से इनकम टैक्स विभाग क्रिप्टो एक्सचेंज से क्रिप्टो खरीदने वाले की पूरी जानकारी लेगा और क्रिप्टो रखने वालों को भी इस बारे में आइटीआर में बताना होगा।विभाग का कहना है कि नए कानून में गैर जरूरी जानकारी नहीं ली जाएगी।

    विभाग के मुताबिक, लोगों की आय के बारे में पता लगाने के लिए विभाग विभिन्न प्रकार की टेक्नोलाजी का भी इस्तेमाल कर रहा है, इसलिए बेवजह लोगों से जानकारी नहीं मांगी जाएगी। इनकम टैक्स विभाग के मुताबिक, चालू वित्त वर्ष में 1.1 करोड़ अपडेटेड और रिवाइज्ड रिटर्न भरे गए हैं।

    इन लोगों ने अपनी आय कम बताई थी, लेकिन विभाग की नजरों से बच नहीं सके। नए आयकर कानून में नियमों की संख्या को 511 से घटाकर 333 और फार्म की संख्या को 399 से घटाकर 190 किया गया है।

    यह भी पढ़ें- ITR, TDS से TCS तक, 1 अप्रैल से बदलने जा रहे ये जरूरी फॉर्म; आपका 26AS भी बदला, अब कौन सा फॉर्म किस नाम से होगा?

    पैन को लेकर हो रहे ये बड़े बदलाव

    • एक दिन में 50 हजार रुपये से अधिक नकद बैंक में जमा करने पर पैन नहीं देना पड़ेगा।
    • एक वर्ष में 10 लाख रुपये से अधिक की नकद जमा और निकासी के लिए पैन अनिवार्य होगा।
    • होटल, बैंक्वेट या रेस्टोरेंट के एक लाख रुपये से कम के बिल पर पैन जरूरी नहीं, इससे ज्यादा बिल पर अनिवार्य।
    • पांच लाख से अधिक रकम की कार खरीदने पर ही पैन देना अनिवार्य होगा। अभी किसी भी कीमत की कार खरीदने पर पैन देना पड़ता है।
    • अब 20 लाख रुपये से अधिक की प्रापर्टी खरीदने पर पैन देना होगा। अभी यह सीमा 10 लाख रुपये है।
    • मकान भत्ता दावे के लिए हैदराबाद, बेंगलुरु, पुणे और अहमदाबाद को मेट्रो शेयरों की श्रेणी में डाला जाएगा।
    • 1600 सीसी तक की गाड़ी के लिए प्रतिमाह 8,000 रुपये, इससे ऊपर क्षमता वाली गाड़ी के लिए प्रतिमाह 10,000 रुपये तक का मोटर भत्ता आयकर के दायरे से बाहर।
    • केंद्रीय बैंक डिजिटल करेंसी (CBDT) को इलेक्ट्रानिक तरीके से भुगतान में स्वीकार किया जाएगा