EPFO का बड़ा तोहफा: अब गिग वर्कर्स से लेकर दुकानदारों तक.. सबका खुलेगा PF खाता; आ गई आपके लिए बेस्ट स्कीम!
EPFO Scheme: ईपीएफओ असंगठित क्षेत्र के कामगारों, गिग वर्कर्स और स्वरोजगार करने वालों के लिए एक नई 'यूनिवर्सल पीएफ स्कीम' लाने की तैयारी में है। ...और पढ़ें

EPFO का बड़ा तोहफा (AI-Generated Image)
HighLights
असंगठित क्षेत्र, गिग वर्कर्स, स्वरोजगारियों को पीएफ कवरेज।
लचीले योगदान विकल्प: दैनिक, मासिक या वार्षिक जमा।
रिटायरमेंट के बाद भी फंड में पैसा रखने का विकल्प।
नई दिल्ली: देश को करोड़ों असंगठित क्षेत्र के कामगारों (unorganized sector workers), गिग वर्कर्स (Gig Workers) और स्वरोजगार (Self Employed) करने वालों के लिए बड़ी राहत की तैयारी चल रही है। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) एक ऐसी नई स्कीम का खाका तैयार कर रहा है, जिसके तहत वे लोग भी प्रोविडेंट फंड (PF) से जुड़ सकेंगे, जो अभी तक इस दायर से बाहर हैं।
EPFO का बड़ा कदम
EPFO लॉन्च करने जा रहा है नई “यूनिवर्सल PF स्कीम” (Universal PF Scheme)। इस योजना का उद्देश्य हर वर्ग के कामगार को रिटायरमेंट (Retirement) के लिए सुरक्षित बचत का विकल्प देना है, चाहे वह फ्रीलांसर (Freelancer) हो, डिलीवरी एजेंट (Delivery Agent) हो या खुद का काम करने वाला व्यक्ति हो।
क्या है नई सुविधा?
इस नई व्यवस्था से सब्सक्राईबर्स (PF Subscribers) को अपनी आय (Income) का एक हिस्सा PF में जमा करना की सुविधा मिलेगी, जिसमें लचीलापन सबसे बड़ी खासियत होगी। लोग अपनी सुविधा के अनुसार रोजाना, मासिक या सालाना योगदान कर सकेंगे। यह स्कीम मौजूदा EPFO मॉडल पर आधारित होगी, यामी जमा राशि पर सालाना ब्याज (Interest) मिलगा और टैक्स (Tax) छूट का भी लाभ मिलेगा।
जानकारी के मुताबिक, सालाना ₹2.5 लाख तक के योगदान और उस पर मिलने वाले ब्याज पर टैक्स छूट जारी रह सकती है, जिससे यह स्कीम निवेश के लिहाज से भी आकर्षक बनेगी।
निकासी (Withdrawal) में होगा बड़ा बदलाव
इस योजना का सबसे बड़ा बदलाव इसके विदड्रॉल सिस्टम (PF Withdrawal System) में देखने को मिल सकता है। EPFO ऐसे मॉडल पर काम कर रहा है, जिसमें रिटायरमेंट के बाद भी सब्सक्राइबर्स अपना पैसा फंड में बनाए रख सकें। साथ ही, उन्हें Systematic Withdrawal Plan (SWP) जैसा विकल्प दिया जा सकता है, जिसके जरिए वे अपनी जरूरत के अनुसार एकमुश्त या किस्तों में पैसा निकाल सकेंगे।
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इंटरनेशनल मॉडल से ली जा रही है प्रेरणा
यह स्कीम पूरी तरह से सेल्फ-फंडेड (Self Funded) होगी, यानी इसमें सरकार की ओर से कोई आर्थिक योगदान नहीं किया जाएगा। यह इसे ‘प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना’ से अलग बनाती है, जहां सरकार भी हिस्सेदारी देती है। EPFO इस मॉडल को तैयार करने के लिए सिंगापुर जैसे देशों के सिस्टम का अध्ययन कर रहा है, ताकि इसे ज्यादा प्रभावी और व्यवहारिक बनाया जा सके।
बता दें कि फिलहाल इस योजना का पूरी तरह से मंजूरी नहीं मिली है लेकिन EPFO ने इसके लिए IT इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करने की दिशा में कदम बढ़ा दिए हैं।