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    क्या है 50-20-30 रूल? सैलरी चाहे जो भी हो, यह फॉर्मूला कभी खाली नहीं होने देगा आपका अकाउंट!

    Updated: Fri, 17 Jul 2026 04:46 PM (IST)

    बढ़ती महंगाई के बीच 50-20-30 बजटिंग नियम आपकी सैलरी को तीन हिस्सों (50% जरूरतें, 30% इच्छाएं, 20% बचत) में बांटकर वित्तीय अनुशासन सिखाता है। ...और पढ़ें

    50-20-30 रूल से करें मंथली प्लानिंग ( AI-Generated Image)

    50-20-30 रूल से करें मंथली प्लानिंग ( AI-Generated Image)

    HighLights

    1. 50-20-30 नियम वित्तीय अनुशासन और बचत सिखाता है।

    2. यह नियम हर आय वर्ग के लिए प्रभावी है।

    3. सैलरी को जरूरतों, इच्छाओं और बचत में बांटें।

    नई दिल्ली: बढ़ती महंगाई (Inflation) और खर्चों (Expenses) के बीच आज के दौर में सैलरी (Salary) कितनी भी हो, महीने के अंत में पैसा (Money) बचाना मुश्किल हो जाता है। ऐसे में एक्सपर्ट्स एक बेहद आसान और असरदार तरीका बताते हैं वो है 50-20-30 बजटिंग रूल (Budgeting Rule) । खास बात है कि यह नियम हर आय वर्ग पर लागू होता है, चाहे आपकी सैलरी (Salary) ₹25,000 हो या ₹2.5 लाख।

    क्या है 50-20-30 रूल?

    यह एक सिंपल बजटिंग फॉर्मूला है, जिसमें आपकी टेक-होम सैलरी (टैक्स के बाद की आय) को तीन हिस्सों में बांटा जाता है:

    1. 50% जरूरतों (Needs) के लिए- जैसे किराया, राशन , बिजली बिल, EMI
    2. 30% इच्छाओं (Wants) के लिए – जैसे घूमना, शॉपिंग, OTT, बाहर खाना
    3. 20% बचत (Savings) के लिए – निवेश, SIP, इमरजेंसी फंड

    हर सैलरी पर कैसे काम करता है?

    इस नियम की सबसे बड़ी ताकत इसकी लचीलापन (Flexiblity) है।

    * अगर आपकी सैलेरी ₹25,000 है, तब भी आप इसी फॉर्मूले (budgeting Formula) से खर्च और बचत तय कर सकते हैं।
    * वहीं ₹2.5 लाख कमाने वाला व्यक्ति भी इसकी अनुपात से बजट बनाकर ओवरस्पेंडिंग से बच सकता है।
    यानी कम या ज्यादा कमाई मायने नहीं रखती, बल्कि पैसे को सही तरीके से बांटना जरूरी है।

    उदाहरण

    मान लीजिए आपकी सैलरी ₹50,000 है

    ₹25,000 जरूरी खर्च
    ₹15,000 इच्छाएं
    ₹10,000 बचत/निवेश

    क्यों जरूरी है ये नियम?

    आज के समय में ज्यादातर लोग 'कमाओ और खर्च करो' के चक्र में फंस जाते हैं। यह नियम आपको

    * फाइनेंशियल डिसिप्लिन (Financial Discepline) सिखाता है
    * सेविंग्स (Savings) की आदत डालता है
    * फ्यूचर सिक्योरिटी (जैसे रिटायरमेंट, इमरजेंसी) सुनिश्चित करता है।

    एक्सपर्ट्स क्या कहते हैं?

    फाइनेंशियल प्लानिंग एक्सपर्ट्स के अनुसार, यह नियम सिर्फ बजट बनाने का तरीका नहीं बल्कि लाइफस्टाइल कंट्रोल करने का टूल है। इससे आप यह समझ पाते हैं कि आपका पैसा कहां जा रहा है और कहां कटौती की जरूरत है।

    50-20-30 नियम एक ऐसा आसान फॉर्मूला है जो हर आय वर्ग के लोगों को बेहतर फाइनेंशियल प्लानिंग और मजबूत भविष्य की दिशा में आगे बढ़ने में मदद करता है।

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