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    New Income Tax Rules 2026: आज से बदल गए टैक्स से जुड़े 11 बड़े नियम, आप पर कैसे पड़ेगा असर?

    Updated: Wed, 01 Apr 2026 09:21 AM (IST)

    New Income Tax Rules 2026: आज से नया वित्त वर्ष शुरू होने के साथ ही नया इनकम टैक्स एक्ट 2026 भी लागू हो गया है, जिसने मौजूदा एक्ट 1961 की जगह ली है। इ ...और पढ़ें

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    New Income Tax Rules 2026: आज से नया वित्त वर्ष शुरू हो चुका है। इसके साथ ही आज से ही  नया इनकम टैक्स एक्ट भी लागू हो चुका है। इसलिए 1 अप्रैल खुद में ही बहुत खास है। 1 अप्रैल यानी आज से नया इनकम टैक्स एक्ट (New Income Tax Act) ने मौजूदा इनकम टैक्स एक्ट, 1961 को रिप्लेस किया है। ए इनकम टैक्स एक्ट का उद्देश्य  इनकम टैक्स से जुड़े नियमों (Income Tax Rules) आसान या सरल बनाना है। ताकि आम जनता भी इसे आसानी से समझ पाए। 

    इनकम टैक्स से जुड़े नियम बदलने के अलावा शेयर मार्केट से जुड़े टैक्स नियम भी बदले है। आइए इनके बारे में एक-एक करके जानते हैं। 

    new income tax act info

    1. Assessment Year की जगह आएगा टैक्स ईयर

    आटीआर फाइल करते वक्त आपको अब तक एसेसमेंट ईयर शो होता होगा, लेकिन अब से एसेसमेंट ईयर की जगह टैक्स ईयर शो होगा। यह इसलिए किया गया ताकि टैक्सपेयर्स को समझने में आसानी हो। 

    2. ITR Filing Due date बढ़ाई

    जो टैक्सपेयर्स आईटीआर-1 और आईटीआर-2 के तहत इनकम टैक्स फाइल करते हैं वह पहले की तरह 31 जुलाई तक टैक्स फाइल कर सकते हैं। वहीं जो नॉन आडिट टैक्सपेयर्स आईटीआर-3 और आईटीआर-4 के तहत आईटीआर फाइल करते हैं उन्हें अब 31 अगस्त तक का समय मिल गया है। 

    3. Revised Return की तारीख भी बदली

    रिवाइज्ड रिटर्न फाइल करने की तारीख को 31 मार्च तक बढ़ा दिया गया है। 31 मार्च तक टैक्सपेयर्स पेनेल्टी के साथ आईटीआर फाइल कर पाएंगे। 

    4. TCS में की कटौती 

    • उदारीकृत प्रेषण योजना (Liberalised Remittance Scheme) के अंतर्गत 10 लाख रुपये से अधिक की शिक्षा और चिकित्सा प्रेषण राशि पर कर अब (TCS) 5% से घटाकर 2% कर दिया है। 
    • विदेशी पर्यटन पैकेजों पर भी लगने वाली टीसीएस  2% कर दिया है। 
    • अन्य प्रेषणों (Remittances) पर पहले की तरह 20% टीसीएस ही लगाया जाएगा। 

    5. इन्हें किया TDS फ्री

    • मोटर एक्सीडेंट क्लेम ट्रिब्यूनल के तहत मोटर दुर्घटना पर सरकार की तरफ से गाठित ट्रिब्यूनल मुआवजे का आदेश देती है। मुआवजे में अगर देरी हो जाए तो इसके साथ ब्याज भी मिलता है। इस ब्याज पर अब टीडीएस नहीं लगेगा। 
    • कर्मचारियों को घर आने-जाने के लिए रीइंबर्समेंट दिया जाता है। उसमें में भी अब टीडीएस नहीं लगाया जाएगा। 

    6. TAN होगा खत्म 

    गैर-निवासी संपत्ति खरीदने पर टैन(TAN) के जरिए टैक्स भरते हैं। अब इसकी जरूरत खत्म हो जाएगी। क्योंकि गैर निवासी पैन लिंक चालान के जरिए टीडीएस जमा करने में सक्षम होंगे।

    7. पेंशन पर टैक्स छूट नियम बदले

    आर्म फोर्स की पेंशन अभी तक हर किसी के लिए टैक्स फ्री थी। लेकिन अब पेंशन पर टैक्स छूट केवल उन्हें ही मिलेगी, जिन्होंने शारीरिक अक्षमताओं के कारण सेवा छोड़ दी है।

    8. Exemption में की बढ़ोतरी

    • एजुकेशन एक्जेमशन को बढ़ाकर 3000 रुपये प्रति छात्र या छात्रा कर दिया गया है। 
    •  होस्टल एक्जेमशन को बढ़ाकर 9000 रुपये प्रति छात्र या छात्रा कर दिया गया है। 

    Share Market Tax Rule क्या-क्या बदला?

    9. STT बढ़ाया 

    फ्यूचर ट्रेडिंग पर लगने वाला STT 0.02% से बढ़कर 0.05% कर दिया गया है। 

    इसी तरह ऑप्शन प्रीमियम पर SST 0.10% से बढ़कर 0.15% कर दिया गया है। 

    ऑप्शन एक्सरसाइज पर भी 0.15% SST लगेगा।

    10. Buyback करना पड़ेगा महंगा

    कंपनी जब अपने शेयर्स को शेयरहोल्डर से अधिक कीमत पर वापस खरीदती है, तब उसे बायबैक कहा जाता है। अब यही बायबैक निवेशक और कंपनी दोनों को महंगा पड़ने वाला है। क्योंकि अगर निवेशक इस बायबैक के जरिए मुनाफा कमाते हैं तो उन्हें कैपिटल गेन टैक्स के अंतर्गत टैक्स देना होगा। 

    इसी तरह अगर कोई कंपनी का प्रमोटर बायबैक करता है तो उसे 30 फीसदी टैक्स देना होगा। इसी तरह अगर कंपनी बायबैक करती है तो उसे 22 फीसदी टैक्स देना होगा। 

    11. SGB पर भी लगेगा टैक्स

    सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड एक सरकारी स्कीम है। ये स्कीम निवेशकों की पहले मनपसंदीदा स्कीम थी क्योंकि इसमें कोई टैक्स नहीं लिया जा रहा था। लेकिन अब जो निवेशक इसमें पैसे शुरुआत से नहीं लगा रहे हैं या शुरुआत से होल्ड नहीं किया है तो उन्हें कैपिटल गेन के तहत टैक्स देना होगा। 

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