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    ऐसे उठाएं टैक्स-फ्री निवेश का फायदा, PPF-सुकन्या समृद्धि और ELSS से पाएं तगड़ा रिटर्न; क्या कहता है नियम?

    Updated: Thu, 09 Apr 2026 03:43 PM (IST)

    यह लेख भारत में टैक्स-फ्री निवेश (Tax Free Investment Options) विकल्पों पर प्रकाश डालता है, जो पुरानी टैक्स रिजीम के तहत अच्छे रिटर्न देते हैं। इसमें ...और पढ़ें

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    अब भी मिल सकता है निवेश पर टैक्स बेनेफिट

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    समय कम है?

    जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में

    संक्षेप में पढ़ें

    आईएएनएस, नई दिल्ली। अगर आप भी निवेश के ऐसे विकल्प ढूंढ रहे हैं, जहां रिटर्न पर किसी भी तरह का टैक्स न देना पड़े, तो देश में कुछ ऐसे खास स्कीम्स मौजूद हैं, जिनमें निवेश करके आप बिना टैक्स के मोटा पैसा बना सकते हैं। आमतौर पर इक्विटी, गोल्ड, प्रॉपर्टी या अन्य निवेश साधनों पर मैच्योरिटी के समय टैक्स देना पड़ता है, लेकिन कुछ ऐसे विकल्प भी हैं जो ईईई (एक्जेम्प्ट-एक्जेम्प्ट-एक्जेम्प्ट) कैटेगरी में आते हैं। यानी निवेश, ब्याज और मैच्योरिटी - तीनों ही स्तर पर टैक्स से पूरी छूट मिलती है। मगर ध्यान रहे कि इन सभी योजनाओं पर टैक्स बेनेफिट सिर्फ पुरानी टैक्स रिजीम में मिलते हैं।

    ये हैं अच्छे बेस्ट ऑप्शन

    जानकारों के मुताबिक, सबसे लोकप्रिय विकल्पों में पब्लिक प्रोविडेंट फंड (पीपीएफ), सुकन्या समृद्धि योजना, कुछ लाइफ इंश्योरेंस पॉलिसी और इक्विटी लिंक्ड सेविंग्स स्कीम (ईएलएसएस) शामिल हैं, जो निवेशकों को टैक्स बचाने के साथ सुरक्षित रिटर्न का मौका देते हैं।
    पब्लिक प्रोविडेंट फंड यानी पीपीएफ लंबे समय के निवेश के लिए सबसे भरोसेमंद विकल्प माना जाता है। इसमें सालाना न्यूनतम 500 रुपए और अधिकतम 1.5 लाख रुपए तक निवेश किया जा सकता है। इस स्कीम में 15 साल का लॉक-इन पीरियड होता है, जिसे आगे 5-5 साल के ब्लॉक में बढ़ाया जा सकता है।

    पीपीएफ पर कितना ब्याज?

    पीपीएफ पर मिलने वाला ब्याज पूरी तरह टैक्स-फ्री होता है और वर्तमान में इस पर 7.1 प्रतिशत सालाना ब्याज मिल रहा है। खास बात यह है कि इसमें जमा राशि कोर्ट के आदेश से भी सुरक्षित रहती है।

    सुकन्या समृद्धि योजना पर कितना ब्याज?

    सुकन्या समृद्धि योजना खास तौर पर बेटियों के भविष्य को सुरक्षित बनाने के लिए शुरू की गई है। इस योजना में 10 साल तक की बच्ची के नाम पर खाता खोला जा सकता है। इसमें 250 रुपए से लेकर 1.5 लाख रुपए तक सालाना निवेश किया जा सकता है।
    इस पर फिलहाल 8.2 प्रतिशत का सालाना ब्याज मिल रहा है। 18 साल की उम्र में उच्च शिक्षा के लिए 50 प्रतिशत तक निकासी की सुविधा मिलती है और 21 साल में खाता मैच्योर होता है।

    ELSS में क्या है खास?

    विशेषज्ञों के अनुसार, इक्विटी लिंक्ड सेविंग्स स्कीम (ईएलएसएस) भी उन निवेशकों के लिए बेहतरीन विकल्प है, जो टैक्स बचाने के साथ इक्विटी में निवेश करना चाहते हैं। इसमें 3 साल का लॉक-इन पीरियड होता है, जो सबसे कम है। हालांकि इसमें मिलने वाला रिटर्न बाजार पर निर्भर करता है। 1.25 लाख रुपए तक का मुनाफा टैक्स-फ्री होता है, लेकिन इससे ज्यादा लाभ पर 12.5 प्रतिशत लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन टैक्स लगता है।

    लाइफ इंश्योरेंस पॉलिसी क्यों है अच्छा ऑप्शन

    लाइफ इंश्योरेंस पॉलिसी भी टैक्स छूट के लिहाज से एक अच्छा विकल्प हैं, लेकिन इनमें कुछ शर्तें लागू होती हैं। पॉलिसी पर मिलने वाला भुगतान तभी टैक्स-फ्री होता है, जब प्रीमियम और सम एश्योर्ड का अनुपात तय सीमा के भीतर हो। इसके अलावा, नई शर्तों के तहत प्रीमियम की कुल सीमा भी तय की गई है, जिसे ध्यान में रखना जरूरी है।
    इसके अलावा, ईपीएफ और ग्रेच्युटी से मिलने वाली रकम भी कुछ शर्तों के साथ टैक्स-फ्री होती है। गोल्ड मोनेटाइजेशन स्कीम और कुछ सरकारी बॉन्ड्स पर मिलने वाला ब्याज भी टैक्स से मुक्त रहता है।
    ऐसे में, अगर आप सुरक्षित और टैक्स-फ्री रिटर्न चाहते हैं, तो ये निवेश विकल्प आपके लिए बेहतरीन साबित हो सकते हैं। सही समय पर सही स्कीम का चुनाव करके आप न केवल टैक्स बचा सकते हैं, बल्कि लंबी अवधि में मजबूत फंड भी तैयार कर सकते हैं।

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