अदाणी ने बनाई ये नई कंपनी, दुनिया के सबसे बड़े मरीन प्लेटफॉर्म की तैयारी; ग्रुप के इस शेयर पर असर
गौतम अदाणी के नेतृत्व वाले अदाणी ग्रुप (Adani Share News) ने अपने समुद्री कारोबार के वैश्विक विस्तार के लिए अफ्रीकी देश अंगोला में 'अस्ट्रो शिप मैनेजम ...और पढ़ें

अदाणी ग्रुप अपने समुद्री कारोबार का तेजी से विस्तार कर रहा है।

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नई दिल्ली। गौतम अदाणी (Gautam Adani News) के नेतृत्व वाला अदाणी ग्रुप अपने समुद्री कारोबार (Adani Marine Business) का तेजी से विस्तार कर रहा है। इसी कड़ी में, ग्रुप की फ्लैगशिप पोर्ट कंपनी अदाणी पोर्ट्स (APSEZ Share Price) ने ग्लोबल लेवल पर अपनी मजबूत पकड़ बनाने के लिए एक और बड़ा कदम उठाया है। अदाणी ग्रुप ने अफ्रीकी देश अंगोला में अपनी एक नई सब्सिडियरी कंपनी बनाई है। इस कदम को दुनिया का सबसे बड़ा इंटीग्रेटेड मरीन प्लेटफॉर्म बनाने की दिशा में एक बड़ी पहल माना जा रहा है। शेयर बाजार को दी गई जानकारी के अनुसार, इस नई कंपनी के जरिए अदाणी ग्रुप अपने फ्लीट समुद्री बेड़े का ग्लोबल डाइवर्सिफिकेशन करेगा।
किस नाम से बनी ये नई कंपनी?
अदाणी पोर्ट्स ने बताया है कि इस नई कंपनी का नाम अस्ट्रो शिप मैनेजमेंट अंगोला (SU) LDA रखा गया है। इसका रजिस्ट्रेशन अफ्रीकी देश अंगोला में किया गया है। इस कंपनी को 18 मई 2026 को इनकॉरपोरेट किया गया था और 20 मई 2026 को इसका सर्टिफिकेट मिला है। यह कंपनी मुख्य रूप से शिप मैनेजमेंट और ऑपरेशंस के सेक्टर में काम करेगी।
अदाणी ग्रुप का इस नई कंपनी से क्या है मास्टरप्लान?
अदाणी पोर्ट्स अपनी समुद्री रणनीति को केवल भारत तक सीमित नहीं रखना चाहता। इस नई कंपनी को बनाने का मुख्य उद्देश्य स्थानीय स्तर पर अपतटीय संचालन करना है।
कंपनी ने एक्सचेंज फाइलिंग में स्पष्ट किया है कि यह कदम APSEZ की उस रणनीति को और मजबूत करता है जिसके तहत कंपनी दुनिया के सबसे बड़े और सबसे बेहतरीन 'इंटीग्रेटेड मरीन प्लेटफॉर्म' का निर्माण करना चाहती है। इसके जरिए कंपनी न सिर्फ अपने समुद्री बेड़े को विश्व स्तर पर बढ़ाएगी, बल्कि अपने मरीन बिजनेस की भौगोलिक पहुंच का भी विस्तार करेगी।
किसके पास है कंपनी का मालिकाना हक?
इस कंपनी का स्ट्रक्चर थोड़ा दिलचस्प है। नई कंपनी अस्ट्रो शिप मैनेजमेंट अंगोला पूरी तरह से अस्ट्रो मिडल ईस्ट शिप मैनेजमेंट (DMCC) के स्वामित्व वाली सब्सिडियरी है। अस्ट्रो मिडिल ईस्ट खुद एक स्टेप-डाउन सब्सिडियरी है, जिसमें अदाणी पोर्ट्स की एक अन्य इकाई की 80% हिस्सेदारी है। नई कंपनी की शुरुआत लगभग 10,000 अमेरिकी डॉलर (Kz. 9,180,000) करीब 9,63,966 रुपये की अधिकृत पूंजी और 1 शेयर के साथ की गई है।
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क्या इसके लिए किसी सरकारी मंजूरी की जरूरत पड़ी?
अदाणी पोर्ट्स की तरफ से दी गई जानकारी के मुताबिक, इस कंपनी के गठन या अधिग्रहण के लिए किसी भी सरकारी या नियामक मंजूरी की जरूरत नहीं थी। यह अधिग्रहण पूरी तरह से कंपनी के शिपिंग और मरीन ऑपरेशन विस्तार के सामान्य कारोबारी उद्देश्यों के तहत किया गया है।
अदाणी पोर्ट के शेयर में कुछ हफ्ते से तेजी देखने को मिल रही है। इसका शेयर अभी 1,793 रुपये पर है। अभी इसका मार्केट कैप ₹4,12,983 करोड़ रुपये है।
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(डिस्क्लेमर: यहां शेयरों को लेकर दी गई जानकारी निवेश की राय नहीं है। चूंकि, स्टॉक मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है इसलिए निवेश करने से पहले किसी सर्टिफाइड इन्वेस्टमेंट एडवाइजर से परामर्श जरूर करें।)
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