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    बजट से इन सेक्टर्स के शेयरों को लॉन्ग टर्म में हो सकता है फायदा, लिस्ट में MSME, टेक्सटाइल, टूरिज्म और सेमीकंडक्टर शामिल

    Updated: Mon, 02 Feb 2026 11:41 AM (IST)

    बजट (Union Budget 2026) में F&O पर एसटीटी बढ़ने से शेयर बाजार में गिरावट के बावजूद, कई सेक्टरों को दीर्घकालिक लाभ मिल सकता है। बायोफार्मा, सेमीकंडक्टर ...और पढ़ें

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    किन प्रमुख सेक्टरों के लिए बजट में हुए बड़े एलान

    स्मार्ट व्यू- पूरी खबर, कम शब्दों में

    नई दिल्ली। बजट में फ्यूचर एंड ऑप्शन पर एसटीटी यानी सिक्योरिटी ट्रांजैक्शन टैक्स बढ़ाने से भले ही 1 फरवरी को शेयर बाजार औंधे मुंह लुढ़क गया, मगर कई सेक्टर ऐसे हैं, जिन्हें लॉन्ग टर्म में फायदा हो सकता है। ये फायदा उन घोषणाओं से हो सकता है, जो विभिन्न सेक्टरों के लिए की गयी हैं। जैसे कि बायोफार्मा और बायोलॉजिक्स सेक्टर, जिनके लिए कुछ खास अलॉटमेंट हुए हैं। नतीजे में इन सेक्टरों की लिस्टेड कंपनियों को भी फायदा हो सकता है। आइए जानते हैं, ऐसे ही सभी सेक्टरों के बारे में की गई मुख्य घोषणाओं के बारे में।

    बायोफार्मा और बायोलॉजिक्स क्षेत्र

    • बायोफार्मा शक्ति: देश को एक प्रमुख ग्लोबल बायोफार्मा मैन्युफैक्चरिंग हब के रूप में डेवलप करने के टार्गेट के साथ, बायोफार्मा शक्ति इनिशिएटिव का प्रस्ताव है, जिसमें पूरे इकोसिस्टम को बनाने के लिए अगले पांच सालों में कुल ₹10,000 करोड़ का खर्च किया जाएगा।
    • NIPERS - तीन नए नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ फार्मास्युटिकल एजुकेशन एंड रिसर्च (NIPERS), स्थापित किए जाएंगे और सात मौजूदा संस्थानों को अपग्रेड किया जाएगा।
    • क्लिनिकल ट्रायल साइट्स - 1,000 मान्यता प्राप्त क्लिनिकल ट्रायल साइट्स का एक नेटवर्क बनेगा।
    • CDSCO इनिशिएटिव - सेंट्रल ड्रग स्टैंडर्ड कंट्रोल ऑर्गनाइजेशन को ग्लोबल स्टैंडर्ड्स को पूरा करने के लिए मजबूत किया जाएगा, जबकि डेडिकेटेड साइंटिफिक रिव्यू और विशेषज्ञों के माध्यम से अप्रूवल टाइमफ्रेम तय किए जाएंगे।

    सेमीकंडक्टर्स

    • ISM 2.0 - यह स्कीम फुल स्टैक डिजाइन, इंडियन IP के साथ-साथ मैटीरियल और इक्विपमेंट बनाने और सप्लाई चेन को बढ़ावा देने के लिए लॉन्च की गई है।
    • रिसर्च और ट्रेनिंग सेंटर - स्किल्ड वर्कफोर्स और टेक्नोलॉजी डेवलप करने के लिए इंडस्ट्री-ड्रिवन रिसर्च और ट्रेनिंग सेंटर पर फोकस किया जाएगा।

    रेयर अर्थ और माइनिंग

    • खनिजों से समृद्ध केरल, ओडिशा, तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश जैसे राज्यों को डेडिकेटेड रेयर अर्थ कॉरिडोर स्थापित करने में मदद दी जाएगी। इससे प्रोसेसिंग, माइनिंग, मैन्युफैक्चरिंग और रिसर्च को बढ़ावा मिलेगा।
    • घरेलू केमिकल्स के उत्पादन को बढ़ावा देने और आयात पर निर्भरता कम करने के लिए, चैलेंज रूट के जरिए राज्यों को तीन डेडिकेटेड केमिकल पार्क स्थापित करने में सहायता देने के लिए एक योजना शुरू की जाएगी। यह क्लस्टर-आधारित प्लग-एंड-प्ले सिस्टम के आधार पर किया जाएगा।

    रियल एस्टेट, इंफ्रास्ट्रक्चर और लॉजिस्टिक्स

    • पब्लिक कैपिटल एक्सपेंडिचर - FY2026-27 में पब्लिक कैपिटल एक्सपेंडिचर को BE2025-26 के 11.2 लाख करोड़ से बढ़ाकर 12.2 लाख करोड़ करने का प्रस्ताव है।
    • इंफ्रास्ट्रक्चर रिस्क गारंटी फंड - इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट और कंस्ट्रक्शन के चरणों के दौरान जोखिमों पर प्राइवेट डेवलपर्स का भरोसा बढ़ाने के लिए, एक इंफ्रास्ट्रक्चर रिस्क गारंटी फंड का प्रस्ताव है। यह कर्ज देने वालों के लिए कैलिब्रेटेड पब्लिक क्रेडिट गारंटी देगा।
    • CPSE एसेट रीसाइक्लिंग - CPSEs की काफी रियल एस्टेट संपत्तियों की रीसाइक्लिंग का प्रस्ताव है, जिसके लिए खास अधिकार स्थापित किए जाएंगे।
    • कार्गो आवाजाही के लिए, नए डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर का प्रस्ताव है, जो पूर्व में डानकुनी को पश्चिम में सूरत से जोड़ेंगे
    • एक नई योजना का प्रस्ताव है ताकि कंटेनर निर्माण को मिले और एक ऐसा इकोसिस्टम तैयार किया जा सके जो विश्व स्तर पर प्रतिस्पर्धी हो। इस सेक्टर के लिए बजटीय आवंटन पांच सालों में 10,000 करोड़ रुपये है।
    • अगले पांच सालों में 20 नए जलमार्ग स्थापित किए जाएंगे।
    • कॉस्टल कार्गो प्रमोशन स्कीम - इसका लक्ष्य 2047 तक अंतर्देशीय जलमार्गों और तटीय शिपिंग की हिस्सेदारी को 6% से बढ़ाकर 12% करना है।
    • हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर - अर्थव्यवस्था के लिए विकास कनेक्टर के रूप में 7 हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर का प्रस्ताव किया गया है।
    • मिशन पूर्वोदय - यह भारत के पूर्वोत्तर क्षेत्रों में इंफ्रास्ट्रक्चर को बढ़ावा देगा। एक ईस्ट कोस्ट इंडस्ट्रियल कॉरिडोर को इंटीग्रेटेड तरीके से डेवलप किया जाएगा, जिसमें दुर्गापुर में एक सड़क, पूर्वोदय राज्यों में पर्यटन के लिए पांच जगहें, और 4,000 ई-बसें शामिल होंगी।

    टेक्सटाइल

    • नेशनल फाइबर स्कीम - इससे जूट, ऊन और रेशम जैसे नेचुरल फाइबर के साथ-साथ नए जमाने के फाइबर और मैन-मेड फाइबर में आत्मनिर्भरता सुनिश्चित होगी।
    • टेक्सटाइल एक्सपेंशन एंड एम्प्लॉयमेंट स्कीम - इससे टेक्नोलॉजी अपग्रेड, मशीनरी और कॉमन सर्टिफिकेशन और टेस्टिंग सेंटर के लिए पर्याप्त कैपिटल सपोर्ट के साथ पारंपरिक क्लस्टर का आधुनिकीकरण होगा।
    • नेशनल हैंडलूम एंड हैंडिक्राफ्ट प्रोग्राम - यह मौजूदा योजनाओं को इंटीग्रेट और बढ़ावा देगा, साथ ही कारीगरों और बुनकरों को लक्षित सपोर्ट देगा।
    • साथ ही समर्थ 2.0, मेगा टेक्सटाइल्स पार्क और महात्मा गांधी ग्राम स्वराज इनिशिएटिव का भी एलान हुआ है।

    MSME

    MSME के लिए 10000 करोड़ रुपये के SME Growth Fund, 2000 करोड़ रुपये के टॉप-अप आत्मनिर्भर फंड, नए लिक्विडिटी पैकेज और कॉरपोरेट मित्र का एलान हुआ है, जिससे यह हस्तशिल्प और हथकरघा क्षेत्रों को बढ़ावा मिलेगा।

    अन्य सेक्टरों के लिए हुए एलान

    • हेल्थकेयर और फार्मा - बजट में तीन नए अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थानों का प्रस्ताव दिया गया है। मेडिकल टूरिज्म के लिए पांच रीजनल हब स्थापित होंगे, जो एजुकेशनल, मेडिकल और रिसर्च सुविधाओं वाले इंटीग्रेटेड हेल्थकेयर कॉम्प्लेक्स होंगे।
    • AVGC- एनिमेशन, विजुअल इफेक्ट्स, गेमिंग और कॉमिक्स सेक्टर को बढ़ावा देने के लिए मुंबई के इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ क्रिएटिव टेक्नोलॉजीज को 15,000 सेकेंडरी स्कूलों और कॉलेजों में AVGC कंटेंट क्रिएटर लैब स्थापित करने का प्रस्ताव दिया गया है।
    • यात्रा और पर्यटन - ओवरसीज टूर प्रोग्राम पैकेज पर TCS कम किया गया है। पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए VGF सीप्लेन योजना का भी प्रस्ताव है। एक नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हॉस्पिटैलिटी स्थापित किया जाएगा, जबकि प्रतिष्ठित पर्यटन स्थलों पर 10,000 गाइडों को अपस्किल करने के लिए एक पायलट योजना का भी प्रस्ताव दिया गया है।
    • कृषि - पशुधन किसान उत्पादक संगठनों की मदद के लिए क्रेडिट-लिंक्ड सब्सिडी कार्यक्रम शुरू किया गया है, जिसका उद्देश्य रोजगार पैदा करना है। एग्री-स्टैक इंटीग्रेशन के लिए भारत विस्तार, एक बहुभाषी AI टूल पेश किया गया है। शी मार्ट्स बनाए जाएंगे, जो स्थानीय उद्यमियों को सशक्त बनाने के लिए समुदाय के स्वामित्व वाले रिटेल आउटलेट हैं।
    • इलेक्ट्रॉनिक्स - इलेक्ट्रॉनिक्स कंपोनेंट्स मैन्युफैक्चरिंग स्कीम के लिए ₹40,000 करोड़ का आवंटन किया गया है।
    • IT और ITeS-AI मिशन - AI मिशन बनाने के लिए ₹25 करोड़ का आवंटन किया गया है। साथ ही नेशनल क्वांटम मिशन, अनुसंधान नेशनल रिसर्च फंड, और रिसर्च एंड डेवलपमेंट एंड इनोवेशन फंड भी शामिल हैं।

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