Jio IPO ने गाड़े झंडे: 1.25 करोड़ एप्लीकेशन पाने वाला दुनिया का पहला आईपीओ, टूटे 12 बड़े रिकॉर्ड; अमीरों ने खूब लगाया पैसा
जियो के आईपीओ को 4.5 लाख करोड़ रुपये से अधिक के आवेदन मिले, जिसने वैश्विक स्तर पर सबसे ज्यादा आवेदन ...और पढ़ें

जियो आईपीओ ने बनाए 12 रिकॉर्ड (AI फोटो)
HighLights
जियो आईपीओ को 4.5 लाख करोड़ रुपये के आवेदन मिले
वैश्विक स्तर पर सबसे अधिक 1.25 करोड़ से ज्यादा आवेदन प्राप्त हुए
संस्थागत और खुदरा निवेशकों से जबरदस्त मांग दर्ज की गई
बिजनेस डेस्क, नई दिल्ली। जियो के रिकॉर्ड तोड़ IPO को 4.5 लाख करोड़ रुपये की एप्लिकेशन मिलीं। इसने ग्लोबल लेवल पर आवेदन के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया है और इंस्टिट्यूशनल और रिटेल निवेशकों से जोरदार मांग हासिल की है।
मुकेश अंबानी की जियो प्लेटफॉर्म्स का IPO शुक्रवार को बंद हुआ और इस पब्लिक ऑफरिंग ने भारत के प्राइमरी मार्केट में डिमांड का एक नया रिकॉर्ड कायम किया है। आंकड़ों के अनुसार, 30,213 करोड़ रुपये के इस इश्यू ने 12 रिकॉर्ड तोड़े हैं, जिसमें वैश्विक स्तर पर किसी IPO को मिलने वाले आवेदनों की सबसे बड़ी संख्या भी शामिल है।
कितने आवेदन मिले?
जियो के पब्लिक इश्यू को 1.25 करोड़ से अधिक आवेदन मिले, जो 97.33 लाख आवेदनों के पिछले रिकॉर्ड से कहीं ज्यादा है। जियो दुनिया का पहला ऐसा IPO बन गया है जिसे एक करोड़ से अधिक आवेदन मिले हैं। यह रिटेल निवेशकों, इंस्टीट्यूशनल निवेशकों और रिलायंस इंडस्ट्रीज के मौजूदा शेयरधारकों की जोरदार भागीदारी को दर्शाता है।
4.5 लाख करोड़ रुपये का आंकड़ा पब्लिक सब्सक्रिप्शन के दौरान निवेशकों से मिले आवेदनों की कुल वैल्यू को दर्शाता है। यह भारत के किसी IPO के लिए पहले दर्ज किए गए 4.4 लाख करोड़ रुपये के रिकॉर्ड से अधिक है।
इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स ने किया कमाल
जियो आईपीओ में डिमांड का सबसे बड़ा हिस्सा इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स की ओर से आया। क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIBs) ने 3.87 लाख करोड़ रुपये की बोलियां लगाईं, जो 3.86 लाख करोड़ रुपये के पिछले रिकॉर्ड से ज्यादा है।
अंतिम दिन जियो के IPO को 20 गुना से अधिक सब्सक्राइब किया गया, जिसमें इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स की मांग सबसे आगे रही। यह ऑफर 21 अक्टूबर को खुला और 23 अक्टूबर को बंद हुआ।
कौन-कौन से रिकॉर्ड किए अपने नाम?
आंकड़ों के अनुसार, जियो ने बोलियों के मूल्य और इश्यू के आकार से जुड़े सात रिकॉर्ड तोड़े हैं, जिसमें भारत के सबसे बड़े IPO का दर्जा भी शामिल है और आवेदनों की संख्या से जुड़े पांच रिकॉर्ड भी अपने नाम किए हैं।
नॉन-इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (जिसमें रिटेल निवेशक, हाई-नेटवर्थ वाले व्यक्ति और रिलायंस के शेयरधारक शामिल हैं) से मिली मांग 1 लाख करोड़ रुपये के पार पहुंच गई। केवल शेयरधारकों के लिए आरक्षित श्रेणी में ही 18,800 करोड़ रुपये से अधिक की बोलियां आईं, जो 9,350 करोड़ रुपये के पिछले रिकॉर्ड से दोगुने से भी ज्यादा है।
यह बात इसलिए भी काफी महत्वपूर्ण थी क्योंकि जियो ने रिलायंस इंडस्ट्रीज के एलिजिबल शेयरधारकों के लिए 2,500 करोड़ रुपये तक के शेयर आरक्षित किए थे, जिससे उन्हें जनरल रिटेल कैटेगरी से अलग इसमें हिस्सा लेने का मौका मिला।
पहले ही दिन मांग का रिकॉर्ड
इस IPO ने अपने पहले ही दिन मांग के मामले में एक रिकॉर्ड बनाया, जिसमें 67,117 करोड़ रुपये की बोलियां आईं। 21 अक्टूबर को यह इश्यू तीन गुना से अधिक सब्सक्राइब हुआ, जबकि इससे पहले पहले दिन के सब्सक्रिप्शन का रिकॉर्ड 1.04 गुना था।
पब्लिक इश्यू खुलने से पहले ही जियो को इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स से काफी अच्छा रेस्पॉन्स मिला। 2.5 लाख करोड़ रुपये से अधिक की डिमांड आने के बाद, 212 निवेशक खातों और स्कीमों को 8,110 करोड़ रुपये के एंकर शेयर अलॉट किए गए।
निवेशकों के आवेदनों से जुड़े पांच रिकॉर्ड्स में, रिटेल कैटेगरी की भागीदारी सबसे बड़ी रही। आंकड़ों के अनुसार, इस इश्यू में एक करोड़ से अधिक रिटेल आवेदन आए, जो इस कैटेगरी में अब तक का सबसे बड़ा आंकड़ा है।
HNI का नया रिकॉर्ड
रिलायंस इंडस्ट्रीज के मौजूदा शेयरधारकों की ओर से 21 लाख से अधिक आवेदन आए, जो यह दिखाता है कि निवेशक टेलीकॉम और डिजिटल सर्विस बिजनेस में सीधे हिस्सेदारी लेने के इच्छुक हैं।
'छोटे हाई-नेट-वर्थ' (HNI) निवेशकों की कैटेगरी में 5.75 लाख से अधिक आवेदन आए, जिसने 4,99,825 के पिछले रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया। 'बड़े हाई-नेट-वर्थ' (HNI) निवेशकों की ओर से 3.5 लाख से अधिक आवेदन आए, जबकि पिछला रिकॉर्ड 2,71,403 का था।
कर्मचारियों की कैटेगरी का नया रिकॉर्ड
कर्मचारियों के लिए रिजर्व कैटेगरी में भी दो लाख से अधिक आवेदन आए, जिसने एक और रिकॉर्ड बनाया। शेयर अलॉटमेंट 26 अक्टूबर को पूरा होने की उम्मीद है, जबकि जियो के शेयर 28 अक्टूबर को BSE और NSE पर लिस्ट हो सकते हैं।
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