172 रुपये से ₹260 तक पहुंचने की उम्मीद, इस बेकरी शेयर पर बुलिश हुए एक्सपर्ट्स, 51% मुनाफे का मौका!
मिसेज बेक्टर्स फूड स्पेशलिटीज ने Q4FY26 में 8.9% रेवेन्यू ग्रोथ दर्ज की, जबकि ब्रोकरेज फर्म इलारा कैपिटल ने 'BUY' रेटिंग बरकरार रखते हुए टारगेट प्राइस ...और पढ़ें

HighLights
इलारा कैपिटल ने 'BUY' रेटिंग बरकरार रखी, टारगेट ₹260।
Q4FY26 में कंपनी की रेवेन्यू ग्रोथ 8.9% रही।
कच्चे माल की महंगाई, निर्यात में चुनौतियां मौजूद।
नई दिल्ली। मशहूर बिस्किट और बेकरी कंपनी 'मिसेज बेक्टर्स फूड स्पेशलिटीज' (Mrs. Bectors Food Specialities) के चौथी तिमाही (Q4FY26) के नतीजे सामने आ चुके हैं। 2 मई 2026 को कंपनी का शेयर 172 रुपये (CMP) पर ट्रेड कर रहा है। ब्रोकरेज फर्म्स इलारा कैपिटल ने इस शेयर पर अपनी 'BUY' की रेटिंग को बरकरार रखा है। हालांकि, टारगेट प्राइस को 300 रुपये से घटाकर 260 रुपये कर दिया गया है, लेकिन मौजूदा भाव से देखा जाए तो इसमें 51% की शानदार बढ़त की गुंजाइश नजर आ रही है।
कंपनी का चौथी तिमाही (Q4FY26) में प्रदर्शन कैसा रहा?
मिसेज बेक्टर्स फूड ने चौथी तिमाही में सालाना आधार पर (YoY) 8.9% की रेवेन्यू ग्रोथ दर्ज की है, जिससे कंपनी की कुल नेट सेल्स 4.9 अरब रुपये रही। यह आंकड़ा बाजार के अनुमानों के बिल्कुल मुताबिक है। इस दौरान कंपनी का EBITDA मार्जिन भी सालाना आधार पर 25 बेसिस पॉइंट सुधरकर 12.7% पर पहुंच गया, जबकि ग्रॉस मार्जिन 186 बेसिस पॉइंट बढ़कर 46.2% रहा।
ब्रोकरेज ने टारगेट प्राइस कटौती क्यों की है?
रेवेन्यू ग्रोथ की रफ्तार अनुमान से थोड़ी धीमी रहने के कारण ब्रोकरेज ने वित्त वर्ष 2027 और 2028 के लिए अर्निंग अनुमान में क्रमशः 7.8% और 6.7% की कटौती की है। पीई मल्टीपल (P/E) को भी 45x से घटाकर 40x किया गया है, जिसके चलते टारगेट प्राइस 300 रुपये से घटकर 260 रुपये हो गया है। इसके बावजूद, मजबूत बेकरी मोमेंटम, क्विक-कॉमर्स में बढ़ती पैठ और नए प्रोडक्ट्स जैसे NaturBaked सुपर प्रोटीन ब्रेड और इंग्लिश ओवन जार डेजर्ट के दम पर शेयर में खरीदारी (BUY) की मजबूत सलाह बनी हुई है।
बिस्किट और बेकरी सेगमेंट में क्या रुझान देखने को मिल रहा है?
कंपनी के बेकरी सेगमेंट, खासकर इसके लोकप्रिय ब्रांड 'इंग्लिश ओवन' ने लगातार चौथे साल हाई-टीन्स ग्रोथ बनाए रखी है। हालांकि, मार्च में नवरात्रि आने की वजह से ब्रेड की खपत में थोड़ी अस्थायी सुस्ती देखी गई थी। वहीं, घरेलू बिस्किट कारोबार में भी लो-टू-मिड टीन्स की अच्छी ग्रोथ रही है। ₹5 और ₹10 वाले पैकेट्स की हिस्सेदारी बढ़कर अब ~65% हो गई है, जो इंडस्ट्री स्टैंडर्ड के अनुसार है।
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किन वजहों से असर पड़ा है?
तिमाही के दौरान कंपनी का एक्सपोर्ट बिजनेस प्रभावित हुआ और यह सिंगल डिजिट में ही बढ़ सका। इसके पीछे मुख्य वजह अमेरिकी टैरिफ (Trump tariffs) और खाड़ी देशों में चल रहा भू-राजनीतिक तनाव (जैसे यूएस-ईरान संघर्ष) रहा, जिससे विशेष रूप से बहरीन और कुवैत जैसे देशों में सप्लाई पर असर पड़ा। हालांकि, मैनेजमेंट को उम्मीद है कि कम होते अमेरिकी टैरिफ और नए ग्राहकों के जुड़ने से वित्त वर्ष 2027 की पहली और दूसरी तिमाही में निर्यात फिर से रफ्तार पकड़ेगा।
क्षमता विस्तार को लेकर कंपनी की क्या योजना है?
मिसेज बेक्टर्स ने जनवरी में अपने कोलकाता प्लांट शुरू कर दिया है, जिससे पूर्वी भारत में कंपनी की पकड़ मजबूत होगी। इसके अलावा, कंपनी का लक्ष्य राजपुरा, धर और कोलकाता फैसिलिटी के 400 किलोमीटर के दायरे में अपने डिस्ट्रीब्यूशन का तेजी से विस्तार करना है। वर्तमान में कंपनी की पहुंच 7 लाख आउटलेट्स तक है, जिसे वित्त वर्ष 2030 तक बढ़ाकर 9 लाख से 10 लाख आउटलेट्स करने का लक्ष्य है।
कच्चे माल की महंगाई और मार्जिन को लेकर क्या चुनौतियां हैं?
शॉर्ट टर्म में कंपनी के सामने कच्चे माल (Raw Material) की महंगाई एक बड़ी चुनौती बनकर उभरी है। पाम ऑयल (Palm Oil), क्रूड डेरिवेटिव्स और पैकेजिंग मटेरियल की कीमतों में बढ़ोतरी के कारण कच्चे माल की लागत में करीब 3% का इजाफा हुआ है। इस दबाव से निपटने और अपने मार्जिन को बचाने के लिए कंपनी ने पहले ही कीमतों में बढ़ोतरी (Pricing Actions) की है और जरूरत पड़ने पर आगे भी दाम बढ़ाए जा सकते हैं।
आनंद राठी ने कितना दिया टारगेट
एक दूसरे ब्रोकरेज आनंद राठी ने भी इस शेयर पर बाय रेटिंग दी है। राठी ने 12 महीने के लिए स्टॉक का टारगेट 250 रुपये दिया है।
"शेयर से जुड़े अपने सवाल आप हमें business@jagrannewmedia.com पर भेज सकते हैं।"
(डिस्क्लेमर: यहां शेयरों को लेकर दी गई जानकारी ब्रोकरेज हाउस की रिपोर्ट पर आधारित है। चूंकि, स्टॉक मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है इसलिए निवेश करने से पहले किसी सर्टिफाइड इन्वेस्टमेंट एडवाइजर से परामर्श जरूर करें।)
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