Peshwa Wheat Share: लिस्टिंग से अब तक 16 दिन में 46 फीसदी गिरा ये शेयर, लगा 20% लोअर सर्किट; इंदौर की ये कंपनी
पेशवा व्हीट के शेयर लिस्टिंग के बाद से लगातार गिर रहे हैं, आज 20% का लोअर सर्किट लगा। सर्किट लिमिट ...और पढ़ें

पेशवा व्हीट के शेयरों में लगातार गिरावट हावी।
HighLights
पेशवा व्हीट शेयर में 20% का लोअर सर्किट लगा।
1 अक्टूबर लिस्टिंग के बाद से 46% तक टूटा शेयर।
सर्किट लिमिट 5% से बढ़कर 20% होने पर फिर गिरावट।
नई दिल्ली। 1 अक्टूबर को लिस्ट हुए एक शेयर ने पिछले 15 दिनों में तगड़ी गिरावट दिखाई है और यह 46 फीसदी तक गिर चुका है। आज, 16 अक्टूबर को भी पेशवा व्हीट (Peshwa Wheat Share Price) के शेयरों में 20% का लोअर सर्किट लग गया। दरअसल, इस SME स्टॉक के सर्किट लिमिट को 5% से बढ़ाकर 20% किए जाने के बाद यह गिरावट देखने को मिली है। कंपनी के शेयर सुबह 54.15 रुपये के स्तर पर खुले और 20 फीसदी की गिरावट के साथ 53.20 रुपये पर ट्रेड कर रहे हैं।
पेशवा व्हीट के शेयरों ने 1 अक्टूबर, 2026 को शेयर बाजार में कदम रखा था। BSE के SME प्लेटफॉर्म पर इन शेयरों की लिस्टिंग 100 रुपये प्रति शेयर के भाव पर हुई, जबकि IPO का इश्यू प्राइस 101 रुपये प्रति शेयर था। इस तरह, इसकी शुरुआत लगभग 0.99% के डिस्काउंट के साथ हुई।
लिस्टिंग के बाद लगातार गिरा
इस कंपनी के शेयरों की लिस्टिंग 53.52 करोड़ रुपये के SME IPO के बाद हुई है, जो 24 सितंबर से 28 सितंबर, 2026 तक सब्सक्रिप्शन के लिए खुला था। इस IPO को कुल मिलाकर 2.77 गुना सब्सक्रिप्शन मिला। इसके लिए 95 रुपये से 101 रुपये प्रति शेयर का प्राइस बैंड तय किया गया था।
पेशवा व्हीट, फूड-प्रोसेसिंग सेक्टर में काम करती है। यह गेहूं और अनाज से बने अन्य उत्पादों को प्रोसेस करती है, जिनमें आटा, सॉर्टेक्स गेहूं (Sortex wheat), दलिया, बेसन और मक्के का आटा शामिल हैं।
क्या है कंपनी का कारोबार?
अपनी लिस्टिंग के बाद से ही इस SME स्टॉक में लगातार 5% के लोअर सर्किट देखने को मिले, अब जब सर्किट फिल्टर रिवाइज हुआ तो 20% की गिरावट आ गई। इंदौर में स्थित इसकी इंटीग्रेटेड आटा-प्रसंस्करण इकाई की सालाना क्षमता लगभग 56,100 मीट्रिक टन है।
ये भी पढ़ें - Tech Mahindra Share: बेहतर मुनाफा और 1:1 बोनस शेयर का एलान, टेक महिंद्रा के शेयरों में 7% की तेजी
IPO से मिलने वाली रकम का एक हिस्सा प्लांट और मशीनरी तथा सिविल निर्माण कार्यों के लिए तय किया गया है, जिससे अतिरिक्त प्रोसेसिंग इंफ्रास्ट्रक्चर को मदद मिलेगी। प्लांट और मशीनरी की खरीद के लिए लगभग 6.69 करोड़ रुपये का प्रस्ताव है, जबकि सिविल निर्माण कार्य के लिए 5.01 करोड़ रुपये तय किए गए हैं। सबसे बड़ा आवंटन वर्किंग कैपिटल की जरूरतों के लिए है, जो लगभग 26.50 करोड़ रुपये है।
