शेयर बाजार गिरावट में हुआ बंद, सेंसेक्स 508 अंक फिसला; जानें कारण और एक्सपर्ट राय
भारतीय शेयर बाजार सोमवार को वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव और एफआईआई की बिकवाली के चलते लाल निशान में बंद हुआ। सेंसेक्स और निफ्टी में गिरावट दर्ज की गई, जबक ...और पढ़ें

HighLights
सेंसेक्स 508 अंक और निफ्टी 165 अंक गिरा।
वैश्विक तनाव, एफआईआई बिकवाली से बाजार पर दबाव।
मिडकैप, स्मॉलकैप में भी गिरावट, आईटी, मेटल हरे निशान में।
नई दिल्ली। भारतीय शेयर बाजार सोमवार के कारोबारी सत्र में लाल निशान में बंद हुआ। दिन के अंत में सेंसेक्स 508.40 अंक या 0.68 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 74,267.34 और निफ्टी 165.15 अंक या 0.70 प्रतिशत की गिरावट के साथ 23,382.60 पर बंद हुआ।
बाजार में चौतरफा गिरावट देखी गई। लार्जकैप के साथ मिडकैप और स्मॉलकैप में भी बिकवाली हावी रही। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 895.85 अंक या 1.45 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 60,827.95 और निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 159 अंक या 0.99 प्रतिशत की गिरावट के साथ 17,979.80 पर था।
निफ्टी एफएमसीजी, निफ्टी इंडिया डिफेंस, निफ्टी पीएसयू बैंक, निफ्टी रियल्टी, निफ्टी ऑटो, निफ्टी कंजप्शन, निफ्टी एनर्जी और निफ्टी इन्फ्रा सबसे ज्यादा गिरने वाले सूचकांक थे। वहीं, निफ्टी आईटी, निफ्टी मीडिया और निफ्टी मेटल हरे निशान में बंद हुए।
सेंसेक्स पैक में टेक महिंद्रा, इन्फोसिस, टीसीएस, इंडिगो, एचसीएल टेक और टाटा स्टील गेनर्स थे। एचयूएल, आईटीसी, एनटीपीसी, एमएंडएम, कोटक महिंद्रा बैंक, ट्रेंट, बजाज फाइनेंस, अल्ट्राटेक सीमेंट, एलएंडटी, मारुति सुजुकी और बजाज फिनसर्व लूजर्स थे।
आज मार्केट की गिरावट पर क्या कहते हैं एक्सपर्ट
“हालिया अमेरिकी हमलों और इजरायल-लेबनान के बीच सीमा पार दुश्मनी में बढ़ोतरी ने इक्विटी मार्केट पर बिकवाली का दबाव डाला है, जो बढ़ी हुई भू-राजनीतिक अनिश्चितता और रिस्क-ऑफ भावना को दर्शाता है। हालांकि, अब संघर्ष चौथे महीने में प्रवेश कर चुका है, इसलिए बाजार के निकट भविष्य में कूटनीतिक प्रगति की उम्मीद लगाने लगे हैं। देश में, भारत-अमेरिका व्यापार वार्ताओं के फिर से शुरू होने और अंतरिम व्यापार समझौते पर फोकस के साथ बाजार की भावना के लिए सकारात्मक ट्रिगर बन सकता है। निफ्टी मिड और स्मॉलकैप इंडेक्स में कमजोरी रही, क्योंकि निवेशकों ने वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच स्थिरता की तलाश में बड़े कैप शेयरों की ओर रुख किया, जहां मूल्यांकन अपेक्षाकृत बेहतर है। आगे देखें तो आगामी आरबीआई नीति फैसले और जीडीपी डेटा रिलीज बाजार की दिशा तय करने वाले प्रमुख घरेलू ट्रिगर्स होंगे।”
-विनोद नायर, हेड ऑफ रिसर्च, जियोजित इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड
एसबीआई सिक्योरिटीज के टेक्निकल और डेरिवेटिव्स रिसर्च प्रमुख सुदीप शाह ने कहा कि निफ्टी के लिए तत्काल समर्थन स्तर 23,250-23,230 के आसपास है। अगर यहां से गिरावट बढ़ती है तो यह 23,100 तक भी जा सकता है। छोटी अवधि में रुकावट का स्तर 23,530-23,550 का जोन है।
उन्होंने आगे बताया कि बैंक निफ्टी के लिए सपोर्ट 53,200-53,100 के बीच है। वहीं, रुकावट का स्तर 54,000-54,100 के बीच मौजूद है। बाजार के गिरने की वजह अमेरिका-ईरान के बीच शांति समझौते को लेकर अनिश्चितता होना है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, ट्रंप ने कहा कि ईरान के साथ अमेरिका का समझौता न्यूक्लियर को लेकर है। साथ ही, कहा कि वह डील को लेकर जल्दबाजी में नहीं है।
दूसरी तरफ विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) की बिकवाली बाजार पर दबाव बनाने का काम कर रही है। शुक्रवार को एफआईआई ने भारतीय बाजारों में 21,106 करोड़ रुपए के शेयर बेचे थे।
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(डिस्क्लेमर: यहां शेयरों को लेकर दी गई जानकारी निवेश की राय नहीं है। चूंकि, स्टॉक मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है इसलिए निवेश करने से पहले किसी सर्टिफाइड इन्वेस्टमेंट एडवाइजर से परामर्श जरूर करें।)
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