धोनी-कोहली महान नहीं! संन्यास के बाद अजिंक्य रहाणे ने बताया भारत के सर्वश्रेष्ठ बल्लेबाज का नाम
भारत के पूर्व बल्लेबाज अजिंक्य रहाणे ने अब तक के सबसे महान बल्लेबाज का नाम बताया है। उन्होंने विराट कोहली या एमएस धोनी को नहीं चुना है। ...और पढ़ें

अजिंक्य रहाणे

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
स्पोर्ट्स डेस्क, नई दिल्ली। भारत के पूर्व कप्तान अजिंक्य रहाणे ने हाल ही में क्रिकेट से संन्यास का एलान किया था। रिटायरमेंट के बाद अब रहाणे ने भारत के अब तक के सबसे महान खिलाड़ी का नाम बताया है। रहाणे ने अपने करियर का अधिकतर मैच एमएस धोनी और विराट कोहली की कप्तानी में खेला लेकिन उन्होंने इन दोनों में से किसी एक को भी महान खिलाड़ी नहीं बताया।
रहाणे लंबे समय से टीम इंडिया से बाहर चल रहे थे, जिसके बाद उन्होंने संन्यास की घोषणा कर दी। उन्होंने इंटरनेशनल क्रिकेट ही नहीं बल्कि घरेलू और आईपीएल क्रिकेट से भी संन्यास का एलान कर दिया। रिटायरमेंट के बाद वे स्टिक टू क्रिकेट शो में बात करते हुए नजर आए। इस दौरान उन्होंने भारत के अब तक के सबसे महान खिलाड़ी का नाम बताया।
अजिंक्य रहाणे ने चुना भारत का सबसे महान खिलाड़ी
रहाणे ने कहा कि सिर्फ एक नाम चुनना बहुत मुश्किल है। उन्होंने सोचा-विचारा और कहा, "शायद सचिन तेंदुलकर। मुझे लगता है कि सभी युगों में।" उन्होंने यह बात साफ तरीके से कही कि सचिन सभी जमाने के महान खिलाड़ी हैं।
सचिन तेंदुलकर का शानदार करियर
सचिन तेंदुलकर ने 15 नवंबर 1989 से 16 नवंबर 2013 तक 24 साल अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेला। उन्होंने कुल 664 मैच खेले, जिसमें 200 टेस्ट, 463 वनडे और एक टी20 शामिल रहा। इनमें उन्होंने टेस्ट में 15,921 रन, वनडे में 18,426 रन और टी20 में 10 रन बनाए।
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वे टेस्ट और वनडे दोनों में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले खिलाड़ी हैं। सबसे ज्यादा टेस्ट और वनडे मैच खेलने का रिकॉर्ड भी उनके नाम है। 2011 के वनडे विश्व कप जीत में भी उनकी बड़ी भूमिका रही थी। कप्तानी में उन्होंने 25 टेस्ट में भारत की अगुवाई की, जिसमें 4 जीत, 9 हार और 12 ड्रॉ हुए। वनडे में 73 मैचों में कप्तानी की, 23 जीते, 43 हारे, एक टाई और छह बिना नतीजे के रहे।
रहाणे ने 12 सालों तक खेला क्रिकेट
रहाणे ने 12 साल से ज्यादा अंतरराष्ट्रीय करियर में ज्यादातर मैच एमएस धोनी और विराट कोहली की कप्तानी में खेले। 2018-19 में ऑस्ट्रेलिया में टेस्ट सीरीज जीतने वाली टीम के वे अहम सदस्य थे। दो साल बाद खुद कप्तानी में उन्होंने ऑस्ट्रेलिया में एक और यादगार टेस्ट सीरीज जीत दिलाई। वे उन चुनिंदा भारतीय खिलाड़ियों में से हैं जिन्होंने तीनों फॉर्मेट में भारत की कप्तानी की। उन्होंने ऑस्ट्रेलिया, इंग्लैंड और न्यूजीलैंड में टेस्ट सेंचुरी बनाई।