सुनील गावस्कर की BCCI को सलाह, सचिन-द्रविड़ जैसे दिग्गजों को दी जाए बड़ी जिम्मेदारी
सुनील गावस्कर ने बीसीसीआई को सलाह दी है कि सचिन तेंदुलकर, राहुल द्रविड़ और सौरव गांगुली जैसे दिग्गजों को भारतीय क्रिकेट में बड़ी भूमिकाएं दी जाएं।

सुनील गावस्कर

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स्पोर्ट्स डेस्क, नई दिल्ली। भारत के पूर्व दिग्गज बल्लेबाज सुनील गावस्कर हमेशा ही तर्कसंगत बातें रखने के लिए जाने जाते हैं। उन्होंने भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) को एक सलाह दी है। गावस्कर की सलाह के मुताबिक बीसीसीआई को पूर्व दिग्गज क्रिकेटरों सचिन तेंदुलकर, राहुल द्रविड़ और सौरव गांगुली जैसे दिग्गजों का रोल भारतीय क्रिकेट में बढ़ाना चाहिए। उन्होंने क्रिकेट सलाहकार समिति के कार्य का दायरा बढ़ाने का भी अनुरोध किया है।
दलीप ट्रॉफी 2026 का खिताब हाल ही में ईशान किशन की कप्तानी में ईस्ट जोन ने खिताब अपने नाम किया था। ईस्ट जोन को पहली पारी में बढ़त के आधार पर विजेता घोषित किया गया था। गावस्कर इस नियम से खुश नहीं दिखे। दरअसल, पहली पारी में बढ़त के आधार पर घरेलू क्रिकेट में विजेता घोषित करने के नियम की पिछले कुछ समय से जमकर आलोचना हो रही है। अब गावस्कर ने भी इसको लेकर सवाल उठाए हैं।
सुनील गावस्कर ने दी अहम सलाह
टेस्ट क्रिकेट में दस हजार रन पूरे करने वाले दुनिया के पहले बल्लेबाज गावस्कर ने अपने मिड-डे के कॉलम में लिखते हुए ये सलाह दी है। उन्होंने लिखा, "सेलेक्शन कमेटी और सीएसी के अलावा आज बीसीसीआई में कोई समिति नहीं है। मुझे लगता है कि अब समय आ गया है कि सीएसी का दायरा बढ़ाया जाए। कोचों के चयन के साथ-साथ घरेलू और इंटरनेशनल मैचों के शेड्यूल पर भी ध्यान दिया जाना चाहिए। कुछ बेहद अनुभवी और पूर्व क्रिकेटर हैं, जिनकी विशेषज्ञता का उपयोग समिति में किया जा सकता है।"
1983 विश्व कप विजेता ने आगे लिखा, "सचिन तेंदुलकर, राहुल द्रविड़, सौरव गांगुली, रवि शास्त्री, अनिल कुंबले, हरभजन सिंह और वीरेंद्र सहवाग जैसे नामों के बारे में सोचना चाहिए। अध्यक्ष और सचिव भी वहां पर मौजूद रहेंगे।" बता दें कि सीएसी का कार्य कोच और सेलेक्टर का चयन करना होता है। इसके अलावा मौजूदा सीएसी अभी भी चल रही है या इसे भंग कर दिया गया है, इसको लेकर भी स्पष्ट जानकारी नहीं है।
गावस्कर ने बताया इसे एक सपना
भारत के लिए 125 टेस्ट मैच खेल चुके दिग्गज बल्लेबाज ने अपनी इस सलाह को एक सपना बताया है। उन्होंने लिखा, "जब ये समिति कोच, कप्तान और एनसीए के प्रमुख से बात करेगी, तो इसका महत्व और भी बढ़ जाएगा। महिला क्रिकेट में भी ऐसी ही एक समिति होनी चाहिए, जहां अनुभवी खिलाड़ी महिला क्रिकेट को आगे बढ़ाने के लिए निर्णय लें। इसके बारे में सोचते ही मेरे रोंगटे खड़े हो जाते हैं। क्या ये कभी सच होगा या फिर ये सिर्फ एक सपना है।"
