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    Vaibhav Suryavanshi की सफलता के पीछे पिता का बड़ा त्‍याग, बेंच दी थी पुश्तैनी जमीन; अब किए कई बड़े खुलासे

    Updated: Thu, 11 Jun 2026 05:23 PM (IST)

    क्रिकेट के गलियारों में इन दिनों जिस नाम की सबसे ज्‍यादा चर्चा है, वह हैं 15 साल के युवा सनसनी वैभव सूर्यवंशी। ...और पढ़ें

    वैभव सूर्यवंशी

    वैभव सूर्यवंशी

    HighLights

    1. श्रीलंका में ट्राई सीरीज खेल रहे वैभव

    2. वैभव को भारतीय टीम में मिली जगह

    3. आयरलैंड में इंटरनेशनल डेब्‍यू का मौका

    स्‍पोर्ट्स डेस्‍क, नई दिल्‍ली। क्रिकेट के गलियारों में इन दिनों जिस नाम की सबसे ज्‍यादा चर्चा है, वह हैं 15 साल के युवा सनसनी वैभव सूर्यवंशी। घरेलू क्रिकेट हो या आईपीएल वैभव ने हर जगह अपनी बल्‍लेबाजी का लोहा मनवाया है। इन दिनों वह श्रीलंका में ट्राई सीरीज खेल रहे हैं।

    इतना ही नहीं उन्‍हें आयरलैंड और इंग्‍लैंड के खिलाफ टी20 सीरीज के लिए भारतीय टीम में जगह मिली है। ऐसे में वैभव के पास सचिन तेंदुलकर का रिकॉर्ड तोड़कर सबसे इंटरनेशनल मैच खेलने वाले सबसे युवा भारतीय बनने का मौका है। वैभव की कामयाबी आज सबको नजर आ रही है, पर इसके पीछे उनके पिता संजीव का त्‍याग छिपा हुआ है।

    पूर्वजों से मिली जमीन बेंच दी

    वैभव सूर्यवंशी के जन्म से बहुत पहले उनके पिता संजीव सूर्यवंशी को बिहार में अपनी पुश्तैनी जमीन मिली थी। यह सिर्फ एक प्रॉपर्टी नहीं, बल्कि अपनी जड़ों और यादों की निशानी थी। भारत के ज्‍यादातर गांवों में जमीन सिर्फ एक संपत्ति से कहीं बढ़कर होती है।

    जिंदगी में कितनी भी मुश्किल क्यों न हो जाए, लोग अपनी पुश्तैनी जमीन बेचना पसंद नहीं करते। संजीव सूर्यवंशी के लिए अपने बेटे के सपने से ज्‍यादा कीमती कुछ भी नहीं था, यहां तक कि उन्हें अपने पूर्वजों से मिली जमीन भी नहीं।

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    सम्‍मान से हम बहुत खुश हैं

    जब वैभव का करियर आगे बढ़ा तो संजीव सूर्यवंशी ने अपने जीवन का सबसे कठिन निर्णय लिया। उन्होंने पुश्तैनी जमीन बेच दी। उस फैसले को कई साल बीत गए और आज उनका सपना पूरा हो गया है। संजीव ने TOI से बातचीत में कहा, "अब सब चीज उसके ऊपर आ गई हैं। सपना सच हो गया है। अब जमीन, पैसा, रुपया का कोई महत्व नहीं है। जो सम्मान मिल रहा है, देश-विदेश में नाम हो रहा है, उससे हम बहुत खुश हैं।"

    IPL 2026 में मचाई तबाही

    IPL 2026 में वैभव सबसे ज्‍यादा रन बनाने वाले बल्‍लेबाज थे। वैभव ने टूर्नामेंट में 776 रन बनाए और ऑरेंज कैप जीती। उन्होंने 237.30 के स्ट्राइक रेट से एक शतक और 5 अर्धशतक लगाए। वैभव को'इमर्जिंग प्लेयर ऑफ द सीजन', 'मोस्ट वैल्युएबल प्लेयर', 'ऑरेंज कैप', 'बेस्ट स्ट्राइक रेट ऑफ द सीजन' और 'मोस्ट सिक्सेस' का अवॉर्ड मिला।

    पिता ने भांप लिया था

    वैभव जब 4 साल के थे तो उनके पिता ने भांप लिया था कि उनका बेटा प्लास्टिक की गेंद को बहुत अच्छी टाइमिंग और ताकत के साथ हिट कर रहा था। यहां से शुरू हुआ सफर पटना की एक अकेडमी पहुंचा। समस्तीपुर से पटना का 90 किलोमीटर का सफर थकाऊ और महंगा था, लेकिन पिता संजीव ने कभी भी इन चुनौतियों को आड़े नहीं आने दिया। उन्होंने अपने बेटे को एक दिन छोड़कर ट्रेनिंग सेशन के लिए ले जाने के लिए एक कार भी खरीदी। यह कार उन्होंने अपनी पुश्तैनी जमीन बेचकर मिले पैसों से खरीदी थी।

    कोई पछतावा नहीं है

    पिता संजीव ने कहा, "कोई पछतावा नहीं है। वैभव जो भी हासिल कर रहा है, वह सब चीजों से बहुत ऊपर है। बच्चा बचपन से बहुत मेहनत करता है। इसी के लिए मेहनत की थी कि देश के लिए खेला जाए। आज उसे वो सौभाग्य मिला है।"

    पिता ने कहा, "जब वैभव के सेलेक्‍शन की खबर आई, तो वैभव श्रीलंका में प्रैक्टिस कर रहा था। उसने फोन करके कहा, 'पापा, मुझे अभी-अभी सिलेक्शन के बारे में पता चला है। मैं आपसे बाद में बात करता हूं।' वहां हर कोई उसे बधाई दे रहा था।"

    इंटरनेशनल डेब्‍यू के लिए तैयार

    IPL, अंडर-19 वर्ल्ड कप के बाद और इंडिया A के दौरे के बीच अब बड़ा सवाल यह है कि क्या वैभव आयरलैंड या इंग्लैंड के दौरे पर भारत के लिए अपना डेब्यू करेंगे। यह युवा खिलाड़ी अब इतिहास रचने के करीब है।

    अगर उन्हें प्लेइंग 11 में चुना जाता है, तो वह भारत के सबसे युवा इंटरनेशनल क्रिकेटर बन जाएंगे और महान सचिन तेंदुलकर का रिकॉर्ड तोड़ देंगे। तेंदुलकर ने 1989 में पाकिस्तान दौरे के दौरान 16 साल और 205 दिन की उम्र में भारत के लिए डेब्यू किया था। 15 साल की उम्र में सूर्यवंशी के पास अब इतिहास बदलने का मौका है।

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