पिता ने फिरकी पर दुनिया को घुमाया, लेकिन बेटा नहीं कर सका कमाल; इस बीमारी ने खत्म कर दिया क्रिकेट करियर
भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान बिशन सिंह बेदी की गिनती दुनिया के महान क्रिकेटरों में होती है। हालांकि, उनका ...और पढ़ें

क्रिकेट छोड़ एक्टिंग की दुनिया में छा गए अंगद बेदी

समय कम है?
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स्पोर्ट्स डेस्क, नई दिल्ली। बिशन सिंह बेदी का नाम क्रिकेट की दुनिया में हर कोई जानता है। बाएं हाथ के इस पूर्व स्पिनर ने अपनी फिरकी पर दुनिया भर के बल्लेबाजों को नचाया है। उनकी गिनती सर्वकालिक महान स्पिनरों में होती है। उनका बेटा भी इसी राह पर चल रहा था, लेकिन एक बीमारी ने उनके रास्ते क्रिकेट से अलग कर दिए।
बिशन सिंह बेदी का बेटा अब बॉलीवुड एक्टर है और कई फिल्मों में काम कर चुके हैं। उनका नाम है अंगद बेदी। हमारी खास सीरीज स्पोर्ट्स टू स्क्रीन में हम आज आपको अंगद की वो कहानी बताएंगे जिसने उन्हें क्रिकेट से दूर कर दिया।
खेलना चाहते थे क्रिकेट
अंगद दिल्ली की अंडर-16 और अंडर-19 टीम का हिस्सा रहे थे। वह रणजी ट्रॉफी टीम के लिए भी चुने गए थे, लेकिन खेलने का मौका नहीं मिला। साल 2018 में दिल्ली के फिरोज शाह कोटला स्टेडियम (अब अरुण जेटली स्टेडियम) में बिशन सिंह बेदी के नाम का स्टैंड बनाया गया था। तब अंगद अपने पिता के साथ मैदान पर आए थे। इसी दौरान टाइम्स ऑफ इंडिया को दिए इंटरव्यू में अंगद ने अपने करियर के बारे में बताया था।
27 जनवरी 2018 को छपे इंटरव्यू में अंगद ने बताया था, "मैंने यहां पापा के खिलाफ एक मैच खेला है। तब मैं शायद 11 साल का था। मैंने अंडर-16 और अंडर-19 में दिल्ली का प्रतिनिधित्व किया था। यह हमारा घरेलू मैदान हुआ करता था। पापा हमारे कोच हुआ करते थे और विजय दहिया हमारे कप्तान। एक साल मैं रणजी ट्रॉफी टीम में भी चुना गया, लेकिन खेलने का मौका नहीं मिला।"
खेल सकता था इंडिया
अंगद ने क्रिकेट छोड़ दिया और एक्टिंग में चले गए क्योंकि वह अमिताभ बच्चन के फैन थे। उनके पिता इस बात से खुश थे कि उन्होंने अपना अलग नाम कमाया, लेकिन उनका मानना था कि अगर अंगद क्रिकेट को उतनी गंभीरता से लेते और उतनी मेहनत करते जितनी एक्टिंग में की है तो वह इंडिया खेल सकते थे।
उन्होंने कहा, "यह अब बिशन सिंह बेदी का बेटा नहीं, इसने अपना अलग नाम कमाया है। जब ये क्रिकेट खेलता था तो मुझे नहीं लगता था कि ये ज्यादा मेहनत करता था। ये सोचता था कि बिशन सिंह बेदी का बेटा होना ही काफी है, लेकिन जब ये फिल्मों में गया इसने काफी मेहनत की। अगर ये उसकी 25 फीसदी मेहनत भी क्रिकेट में कर लेता तो देश के लिए खेल सकता था।"
17 साल की उम्र में छोड़ा क्रिकेट
अंगद ने महज 17 साल की उम्र में क्रिकेट छोड़ दिया था। इसके पीछे एक वजह थी वो थी उनकी माइग्रेन की बीमारी जिसके बारे में अंगद ने बिजनेस टाइम्स को पांच दिसंबर 2019 को दिए इंटरव्यू में बताया था। अंगद ने कहा था, "मुझे लगता है कि काश में इंडिया के लिए खेल लेता। क्रिकेट छोड़ने का फैसला करना आसान नहीं था। खासकर इतने महान खिलाड़ी का बेटा होने के नाते, लेकिन मैं गंभीर माइग्रेन से परेशान था। मुझे लंबे समय तक सिरदर्द रहता था और मेरे लिए मैदान पर जाना मुश्किल हो जाता था।"
उन्होंने कहा, "मैं इस बात को लेकर पक्का था कि अगर मैं 18-19 साल की उम्र तक इंडिया के लिए नहीं खेला तो मैं क्रिकेट छोड़ दूंगा। ऐसे में जब मेरा माइग्रेन लगातार रहता था तो मेरे अंदर के खिलाड़ी ने कहा कि क्रिकेट के लिए जो फिटनेस चाहिए वो मैं हासिल नहीं कर सकता और मैंने अपने क्रिकेट करियर को अलविदा कह दिया।"
