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    BCCI का नया फिटनेस फरमान, बदला गया टेस्ट का नियम; 'चपेट' में आएंगे विराट-रोहित!

    Updated: Thu, 06 Aug 2026 11:07 PM (IST)

    खिलाड़ियों की लगातार चोटों और फिटनेस में गिरावट से चिंतित बीसीसीआई ने अपने फिटनेस सिस्टम को दुरुस्त करने का फैसला किया है। अब ब्रोंको टेस्ट और 2के टेस ...और पढ़ें

    रोहित शर्मा-विराट कोहली (फोटो: BCCI)

    रोहित शर्मा-विराट कोहली (फोटो: BCCI)

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    जागरण न्यूज नेटवर्क, नई दिल्ली। भारतीय खिलाड़ियों के लगातार चोटिल होने, मैदान पर फिटनेस में गिरावट और फिटनेस परीक्षणों में एकरूपता नहीं होने से चिंतित बीसीसीआई अब अपने पूरे फिटनेस सिस्टम को दुरुस्त करने में जुट गया है। बेंगलुरु स्थित सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (सीओई) की मेडिकल टीम खिलाड़ियों के लिए फिटनेस के न्यूनतम मानकों को एक समान करने पर काम कर रही है।

    माना जा रहा है कि अलग-अलग खिलाड़ियों के लिए अलग और स्पष्ट मानक नहीं होने को टीम की समग्र फिटनेस में गिरावट की बड़ी वजह माना गया है। पिछले वर्ष सोहम देसाई की जगह एड्रियन लेरोक्स के स्ट्रेंथ एंड कंडीशनिंग कोच बनने के बाद भारतीय टीम के फिटनेस परीक्षणों में बदलाव किया गया था। यो-यो टेस्ट की जगह अधिक चुस्ती और सहनशक्ति पर आधारित ब्रोंको टेस्ट को प्रमुख पैमाना बनाया गया, लेकिन इसके लिए अब तक कोई निश्चित न्यूनतम मानक नहीं था।

    खिलाड़ियों के फिट घोषित किए जाने पर उठे सवाल

    अब बीसीसीआई की मेडिकल टीम ने ब्रोंको टेस्ट के लिए 5.15 से 5.20 मिनट का आधार समय तय किया है। वहीं दो किलोमीटर दौड़ यानी 2के टेस्ट के लिए 9 से 10 मिनट का मानक निर्धारित किया गया है। इससे पहले यो-यो टेस्ट पास करने के लिए 16.5 का स्तर निर्धारित था।

    एक रिपोर्ट के अनुसार, पिछले एक साल में सीओई ने अलग-अलग खिलाड़ियों के लिए अलग फिटनेस मानक अपनाए। कुछ वरिष्ठ खिलाड़ियों को अपेक्षाकृत आसान लक्ष्य दिए जाने की बात भी सामने आई है। हर्षित राणा और नीतीश कुमार रेड्डी जैसे खिलाड़ियों को फिट घोषित किए जाने पर भी सवाल उठे हैं। आयरलैंड और इंग्लैंड के सीमित ओवरों के निराशाजनक दौरे के बाद बीसीसीआई ने फिटनेस को लेकर सख्ती बढ़ाई है।

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    देवजीत सैकिया और टीम प्रबंधन ने उठाए सवाल

    बोर्ड सचिव देवजीत सैकिया और टीम प्रबंधन ने भारतीय टीम के फिजियो कमलेश जैन से खिलाड़ियों के बार-बार चोटिल होने और फिटनेस स्तर में गिरावट को लेकर सवाल किए हैं। इंग्लैंड के अनुकूल मौसम में भी खिलाड़ियों के लगातार ऐंठन से जूझने पर टीम प्रबंधन नाखुश बताया जा रहा है।

    अनुभवी खिलाड़ियों को दी गई छूट

    सूत्रों के अनुसार, जैन को स्पष्ट कर दिया गया है कि खिलाड़ी कितना भी बड़ा क्यों न हो, फिटनेस में कमी नजर आने पर उसे रिपोर्ट किया जाए। कुछ खिलाड़ियों की फील्डिंग में गतिशीलता और वरिष्ठ बल्लेबाजों की लंबी पारी के दौरान विकेटों के बीच दौड़ने की क्षमता पर भी सवाल उठे हैं।

    जसप्रीत बुमराह का मामला भी सीओई के लिए चिंता का कारण बना। चयनकर्ताओं और टीम प्रबंधन को पहले उनके 15 अगस्त से श्रीलंका के विरुद्ध होने वाले पहले टेस्ट तक फिट होने की उम्मीद दी गई थी, लेकिन सीओई उन्हें समय पर तैयार नहीं कर सका।

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