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    360 डिग्री घूम गया रोहित शर्मा का करियर, जहां बने हिटमैन वहीं कहेंगे अलविदा!

    Updated: Fri, 17 Jul 2026 01:32 PM (IST)

    रोहित शर्मा को लेकर अटकलें हैं कि 19 जुलाई को लॉर्ड्स में खेला जाने वाला तीसरा वनडे उनका आखिरी मैच हो सकता है। अगर ऐसा होता है तो रोहित का करियर पूरा ...और पढ़ें

    रोहित शर्मा का करियर अंतिम पड़ाव पर

    रोहित शर्मा का करियर अंतिम पड़ाव पर

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    स्पोर्ट्स डेस्क, नई दिल्ली। भारत और इंग्लैंड के बीच गुरुवार को कार्डिफ में जब दूसरा वनडे मैच खेला जा रहा था तभी अचानक से ये खबर हवा में तैरने लगी कि रोहित शर्मा का करियर खत्म होने की कगार पर है और लॉर्ड्स में खेला जाने वाला तीसरा वनडे उनके करियर का आखिरी मैच हो सकता है।

    इसके पीछे कई दावे किए जा रहे हैं। अगर ऐसा होता है तो रोहित को बेहद बुरा लगेगा। बुरा सिर्फ करियर खत्म होने का नहीं बल्कि इस बात का भी कि जहां उनका करियर परवान चढ़ा वहीं बैठ गया।

    इंग्लैंड ने बदला करियर

    रोहित टीम इंडिया में बतौर ओपनर खेलते हैं। हालांकि, हाल के समय में उनका प्रदर्शन अच्छा नहीं रहा है और तमाम मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो इसी कारण सेलेक्टर्स और टीम मैनेजमेंट ने उन्हें साफ कह दिया है कि वह उनको अब टीम में नहीं देख रहे हैं। रोहित न अपने करियर की शुरुआत बतौर ओपनर नहीं की थी बल्कि वह मीडिल ऑर्डर में खेलते थे। एमएस धोनी ने उन्हें ओपनर बनाया और इंग्लैंड से ही उनका ओपनिंग करियर परवान चढ़ा। धोनी के प्रयोग ने इंग्लैंड में वो रंग दिखाया जिससे न सिर्फ भारतीय क्रिकेट का भविष्य सुरक्षित नजर आ रहा था बल्कि रोहित शर्मा का करियर भी नई तरफ मुड़ चुका था।

    बात साल 2013 में खेली गई चैंपियंस ट्रॉफी की है। गौतम गंभीर और वीरेंद्र सहवाग जैसे दिग्गज टीम से बाहर जा चुके थे। शिखर धवन ओपनर थे, लेकिन उनके पास कोई जोड़ीदार नहीं था। धोनी ने ये जिम्मेदारी रोहित को दी और चैंपियंस ट्रॉफी में इस जोड़ी ने धमाल मचा दिया। यहीं से रोहित टीम इंडिया के नए ओपनर बन गए है और उनकी तूफानी बल्लेबाजी ने उनको भारत का हिटमैन बना दिया। इस ट्रॉफी ने रोहित की बतौर ओपनर जगह पक्की कर दी और उनका करियर जो बार-बार टीम के अंदर-बाहर की ठोकरें खा रहा था उसे एक पक्का स्थान मिल गया था।

    वर्ल्ड कप में मचाया कोहराम

    रोहित का बतौर ओपनर खेलना उनके करियर में संजीवनी का काम कर गया। वह टी20 और वनडे में भारतीय टीम का नियमित हिस्सा बन गए और धवन के साथ उनकी जोड़ो चल निकली। हालांकि, टेस्ट में बतौर ओपनर उन्हें आने में काफी समय लगा। इंग्लैंड से जो शुरुआत मिली थी वो रोहित को महानता की ओर ले जा रही थी।

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    फिर आया साल 2019 जब इंग्लैंड में ही वनडे वर्ल्ड कप का आयोजन किया गया। यहां तो रोहित ने कमाल ही कर दिया। इस वर्ल्ड कप में रोहित ने तमाम रिकॉर्ड तोड़ दिए। उनके बल्ले से पांच शतक निकले और वह एक वर्ल्ड कप में सबसे ज्यादा शतक लगाने वाले बल्लेबाज बने। टीम इंडिया सेमीफाइनल में पहुंची जहां उसे हार मिली, लेकिन रोहित की बल्लेबाजी पूरे टूर्नामेंट में छा गई। ये टूर्नामेंट उनके करियर को नया आयाम देने वाला साबित हुआ और यहां से रोहित महान बल्लेबाजों की फेहरिस्त में सीढ़ी दर सीढ़ी आगे बढ़ते चले गए।

    ऐसा रहा इंग्लैंड में करियर

    टेस्ट में भी रोहित ने इंग्लैंड में अच्छा खेल दिखाया। यहां खेले गए सात टेस्ट मैचों में रोहित के बल्ले से 524 रन निकले और उनका औसत 40.30 का रहा जिसमें एक शतक और दो अर्धशतक शामिल हैं। वनडे में देखा जाए तो रोहित ने 29 मैचों में 61.04 की औसत से 1465 रन बनाए हैं जिसमें सात शतक और सात अर्धशतक शामिल हैं। भारत के बाद रोहित ने अगर सबसे ज्यादा वनडे शतक जमाए हैं तो इंग्लैंड में ही जमाए हैं। 12 टी20 मैचों में रोहित ने इंग्लैंड में 33.50 की औसत और 133.46 की स्ट्राइक रेट से 335 रन बनाए हैं जिसमें एक शतक और एक अर्धशतक शामिल हैं।

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