IND vs SL: लंका विजय की ओर भारत, सीरीज जीतकर WTC फाइनल की उम्मीदों को बरकरार रखना चाहेगी टीम इंडिया
कोलंबो टेस्ट में भारतीय टीम श्रीलंका पर 2-0 से सीरीज जीत के बेहद करीब है, चौथे दिन के अंतिम सत्र में भारतीय गेंदबाजों ने शानदार प्रदर्शन कर मैच का रुख पलट दिया।

भारतीय क्रिकेट टीम

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
अभिषेक त्रिपाठी, जागरण, कोलंबो। महारथी भारत का सामना करने के लिए पासिंदु सूरियाबंदारा और कामिंदु मेंडिस ने अपने पैर तो जमाए लेकिन इतनी बड़ी लड़ाई को जीतने के लिए अंगद के पैर की जरूरत होती है, जिसे कोई हिला नहीं पाता। ऐसा हो न सका। 110 मिनट की साझेदारी के बाद भारतीय गेंदबाज ऐसा सैलाब लाए कि इन दोनों के साथ कप्तान धनंजय डिसिल्वा और विकेटकीपर निरोशन डिकवेला भी बह गए।
वर्षा ने जीत को एक दिन के लिए जरूर टाल दिया लेकिन गुरुवार को भारतीय टीम फिर से क्रिकेट की गुरू बनकर उभरेगी। कोच बनने के बाद विदेश में टेस्ट सीरीज जीतने के लिए बांट जोह रहे गौतम गंभीर के लिए कोलंबो सबसे सुकून देने वाला स्थल साबित होने वाला है।
भारत सीरीज को 2-0 से कर सकता है अपने नाम
भारत के पहली पारी के 503 रनों के जवाब में पहली पारी में 290 रनों पर आउट होने वाली श्रीलंकाई टीम चौथे दिन का खेल खत्म होने तक 229 रनों पर छह विकेट गंवा चुकी है। उसे सिर्फ 16 रनों की बढ़त मिली है। मेजबानों को फॉलोऑन देने वाली शुभमन गिल की टीम पांचवें दिन जल्द से जल्द श्रीलंका को ऑलआउट करके लक्ष्य हासिल करना चाहेगी। गॉल टेस्ट को 165 रनों से जीतने वाली भारतीय टीम दो टेस्ट मैचों की सीरीज को 2-0 से अपने नाम करने से कुछ ही दूर है।
श्रीलंका की आशाएं
श्रीलंका ने बुधवार को 265/8 स्कोर से पहली पारी को आगे बढ़ाया। इस सीरीज में श्रीलंका के लिए खुशी का एकमात्र कारण रहे सोनल दिनुशा ने सीरीज का दूसरा शतक पूरा किया। हालांकि श्रीलंका की टीम फॉलोॉन बचाने से 13 रन पहले ऑलआउट हो गई। भारतीय कप्तान शुभमन गिल ने बारिश के डर से मेजबानों को फॉलोऑन दिया।
मोहम्मद सिराज ने दूसरी पारी में आते ही उनके ओपनर लाहिरू उदारा को आउट कर दिया लेकिन इसके बाद अपना दूसरा टेस्ट खेल रहे सूरियाबंदारा (92) ने कामिल मिसारा (32) के साथ 58 और कामिंदु मेंडिस (55) के साथ 115 रनों की साझेदारी करके भारत के विजय रथ को रोकने की कोशिश की। हालांकि भारतीय गेंदबाजों ने आखिरी में नौ रन पर तीन विकेट लेकर जीत का मुंह अपनी तरह मोड़ दिया।
कमाल की साझेदारी
सूरियाबंदारा और मेंडिस की बल्लेबाजी कमाल की थी। दोनों ने आक्रामक बल्लेबाजी की। मेंडिस ने बाएं हाथ के स्पिनर मानव सुथार पर दो छक्के मारे। पहले मैच में 10 विकेट लेने वाले इस गेंदबाज की उन्होंने लय तोड़ दी। सूरियाबंदारा ने भी उन पर छक्का लगाया। प्रसिद्ध ने एक शॉर्ट पिच गेंद से इस साझेदारी को तोड़ा। शुभमन गिल ने दौड़ते हुए मेंडिस का बेहतरीन कैच लपका।
अपने टेस्ट करियर की ब्रैडमैन जैसी शुरुआत करने के बाद खराब फॉर्म से गुजर रहे मेंडिस को प्रसिद्ध ने पिछली दो पारियों शॉर्ट बाल पर ही आउट किया था। मेंडिस ने इस पारी में प्रसिद्ध पर एक चौका और एक छक्का लगाया लेकिन भारतीय तेज गेंदबाज अपने शॉर्ट बाल प्लान पर डटे रहे। कामिंदु भी पुल शॉट खेलते रहे लेकिन आखिर में वह चूक गए। चायकाल के समय मेजबान टीम तीन विकेट पर 199 रन की आरामदायक स्थिति में थी और उसे पारी की हार की शर्मनाक हार से उबरने के लिए सिर्फ 14 रन और चाहिए थे।
आखिरी सेशन में बदला मैच
दिन के आखिरी सत्र में मैच का रुख बदल गया। पहले धनंजय सुथार की गेंद पर पडिक्कल को कैच दे बैठे। फिर सूरियाबंदारा स्टंप हो गए। वह अपने पहले टेस्ट शतक के करीब थे। एक गेंद पहले ही वह रिव्यू के जरिये एलबीडब्ल्यू से बचे थे। पीछे से विकेटकीपर ऋषभ पंत उनको उकसा रहे थे। वह बड़ा शॉट मारने के लिए आगे बढ़े तो सुथार ने गेंद ऑफ स्टंप के बाहर फेंकी।
पंत ने तत्काल गिल्लियों को बेहरमी से गिरा दिया। शुरू में पिटने वाले सुथार ने अपने दो ओवर के अंदर दो विकेट लिए। इसके बाद ऑफ स्पिनर सारांश जैन ने बाएं हाथ के बल्लेबाज निरोशन डिकवेला को एलबीडब्ल्यू कर दिया। घरेलू टीम का स्कोर छह विकेट पर 218 रन हो गया। एक घंटे का खेल बाकी था लेकिन वर्षा के कारण मैच जल्दी खत्म करना पड़ा। इस सीरीज में भारतीय गेंदबाजों को सबसे ज्यादा परेशान करने वाले सोनल सात और गेंदबाज केसरा नुवांथा तीन रन बनाकर नाबाद हैं।
किस्मत का साथ
सूरियाबंदारा को 92 रनों की पारी में किस्मत का भी साथ मिला। डीप स्क्वायर लेग पर सिराज ने उनका कैच लेने के लिए शानदार डाइव लगाई लेकिन गेंद जमीन पर गिर गई। सिराज जमीन पर गिरे और बहुत दर्द के साथ मैदान से बाहर गए। जब वह वापस लौटे तो उसके बाद उनकी स्पीड काफी कम हो गई थी। जब सूरियाबंदारा को यह मौका मिला तब वह 17 रन पर थे।
पिच से कभी-कभी ही बड़ा टर्न मिल रहा था। चौथे दिन भी पिच अच्छी चल रही थी। भारत के तीन स्पिनरों ने पहले दो सत्र में बहुत मेहनत की लेकिन उन्हें ज्यादा फायदा नहीं मिला। शुरू में सुथार की कोई भी योजना काम नहीं आई। एक समय उनकी गेंदबाजी का आंकड़ा 8-0-53-0 था। हालांकि आखिरी सत्र में पूरा खेल ही पलट गया।
