अनभिज्ञ कप्तानी, खराब रणनीति, बेहुदी गेंदबाजी; सोनल दिनुशा ने सीरीज में तीसरा शतक लगाकर मैच ड्रॉ कराया
खराब रणनीति, अनभिज्ञ कप्तानी और बेहुदी गेंदबाजी ने भारतीय टीम के अगले साल डब्ल्यूटीसी फाइनल में पहुंचने की राह को और पेचीदा कर दिया है।
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भारतीय टीम

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
अभिषेक त्रिपाठी, जागरण कोलंबो। खराब रणनीति, अनभिज्ञ कप्तानी और बेहुदी गेंदबाजी ने भारतीय टीम के अगले साल डब्ल्यूटीसी फाइनल में पहुंचने की राह को और पेचीदा कर दिया है। श्रीलंका के छोटे कद के बल्लेबाज सोनल दिनुशा (103 और अविजित 133) ने दूसरे टेस्ट की दोनों पारियों में शतक लगाकर भारतीय गेंदबाजों और कप्तान शुभमन गिल की पोल खोलकर रख दी।
भारतीय टीम दो मैचों की सीरीज में आसानी से क्लीन स्वीप कर सकती थी लेकिन दिनुशा और श्रीलंका के निचलेक्रम के बल्लेबाज अंगद की तरह श्रीलंकाई धरती पर पैर जमाकर अड़े रहे। जब श्रीलंका की कुल बढ़त 216 रन की हो गई तब भारत को हाथ मिलकर मैच ड्रॉ घोषित करने पर मजबूर होना पड़ा।
पहली पारी में 503 रन बनाकर दूसरे दिन श्रीलंका की पहली पारी के दो विकेट आठ रन पर गिराने वाली भारतीय टीम अगले तीन दिन तक बचे 18 विकेट लेने में पसीने-पसीने हो गई। भारत को श्रीलंका की दूसरी पारी को ऑलआउट करने के लिए आखिरी दिन सिर्फ चार विकेट चाहिए थे लेकिन हमारे गेंदबाजों से वह भी नहीं हो सका।
पहली पारी में 290 रन बनाकर फॉलोआन झेलने वाले मेजबानों ने आतातायी प्रदर्शन करते हुए नौ विकेट पर 429 रन बनाकर कोच गौतम गंभीर की उम्मीदों को धराशायी कर दिया। यह ऐसी सीरीज रही जहां मजबूत भारतीय टीम सीरीज जीतकर भी दुखी है और श्रीलंकाई टीम हारकर भी खुश है क्योंकि उसने सिंहलीज स्पोर्ट्स क्लब (एसएससी) में आखिरी टेस्ट को यादगार तरीके से ड्रॉ करा लिया।
Sri Lanka’s resilience with the bat ensures that only three wickets fall on the final day. The two teams shake hands after a hard-fought Test, which ends in a draw.#TeamIndia win the series 1-0.
— BCCI (@BCCI) August 27, 2026
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श्रीलंका की वापसी
भारत ने गॉल में पहले टेस्ट में 165 रन की जीत के दम पर सीरीज में 1-0 की बढ़त ली थी। एसएससी में भी मेहमान जीत की तरफ बढ़ रहे थे। श्रीलंका ने पांचवें दिन की शुरुआत छह विकेट पर 229 रन से की। उनके पास सिर्फ 16 रन की बढ़त थी। ऐसा लग रहा था कि भारतीय टीम जल्द ही घरेलू टीम को ऑलआउट करके लक्ष्य को हासिल कर लेगी लेकिन सबकुछ उल्टा हो गया।
श्रीलंका के छठे नंबर के बल्लेबाज दिनुशा ने केसरा नुवांथा (46) के साथ सातवें विकेट के लिए 246 गेंदों में 112 रन जोड़कर भारतीय गेंदबाजों को झकझोर दिया। पहले सत्र में उन्होंने कोई विकेट नहीं गिरने दिया।
लंच के बाद मानव सुथार ने नुवांथा को आउट किया तो लगा कि कुछ मामला बनेगा लेकिन दिनुशा ने आठवें विकेट के लिए प्रभात जयसूर्या (2) के साथ 25 और लाहिरू कुमारा (12) के साथ नौवें विकेट के लिए 47 रन जोड़कर भारत की उम्मीदों को चकनाचूर कर दिया। दोनों ने नौवें विकेट की साझेदारी में 170 गेंदों का सामना किया। इसके बाद 11वें नंबर के बल्लेबाज असिथा फर्नांडो (0) भी 24 गेंदें खेलकर डटे रहे।
खराब रणनीति और कप्तानी
भारतीय गेंदबाज सोनल को आउट करने की कोशिश भी नहीं कर रहे थे। वह उन्हें आराम से स्वीप और रिवर्स स्वीप खेलने दे रहे थे। कप्तान गिल उनकी जगह निचलेक्रम के बल्लेबाजों को आउट करना चाहते थे लेकिन वे भी डटे रहे। एक समय सोनल के लिए भारत ने बाउंड्री पर छह-छह क्षेत्ररक्षक लगाकर रखे थे।
उनको लेग साइड पर गेंद खिला रहे थे लेकिन लेग स्लिप पर और शॉर्ट लेग पर कोई क्षेत्ररक्षक ही नहीं था। जब पहले सत्र में कोई विकेट नहीं मिल रहा था तो गिल कोचिंग स्टाफ से बातचीत के लिए ड्रेसिंग रूम चले गए। एक समय तो ऐसा था कि सोनल थकावट और क्रैंप के कारण खड़े भी नहीं हो पा रहे थे लेकिन भारतीय टीम ने उन्हें आसान सिंगल देकर मैच में बनाए रखा।
आठवें नंबर के बल्लेबाज केसारा नुवांथा का प्रथम श्रेणी का औसत 12 का है। उन्होंने इस मैच की पहली पारी में 74 और दूसरी पारी में 150 गेंदें खेल डालीं। इतनी गेंदें उन्होंने किसी प्रथम श्रेणी मैच में भी नहीं खेली थीं। 10वें नंबर के बल्लेबाज लाहिरू कुमारा ने पहली पारी में 58 और दूसरी पारी में 90 गेंद खेल डालीं। यही कारण है कि एसएससी में नौ टेस्ट मैचों के बाद कोई मुकाबला ड्रॉ हुआ।
गेंदबाज चिंता का विषय रहे
कुलदीप यादव के बीमार होने के कारण खिलाए गए ऑफ स्पिनर सारांश जैन ने पूरे मैच में ऐसी गेंदबाजी की जिससे उनका पदार्पण मैच ही करियर का आखिरी मैच हो सकता है। दो महीने बाद अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेल रहे तेज गेंदबाज मोहम्मद सिराज की स्पीड चिंता का विषय रही। वह इस सीरीज में ज्यादातर समय 130 किलोमीटर प्रति घंटे से कम स्पीड की गेंद फेंकते दिखे।
गॉल में रिवर्स स्विंग के एक स्पैल को छोड़कर वह कुछ नहीं कर पाए। वह इस टेस्ट की दोनों पारियों में सबसे कम इस्तेमाल होने वाले गेंदबाज रहे। भारतीय गेंदबाजों ने शार्ट पिच और लेग साइड पर गेंद फेंककर दिनुशा को तेजी से रन बनाने से रोकने की कोशिश की लेकिन यह रणनीति जीत दिलाने के लिए नाकाफी थी।
भारत के स्पिनरों मानव सुथार, रवींद्र जडेजा और सारांश जैन ने दूसरी पारी में 35 और मैच में 55 से ज़्यादा ओवर डाले। इनकी कुछ-कुछ गेंदों को टर्न भी मिला लेकिन ये गेंदों इतनी ज्यादा नहीं थीं जिससे श्रीलंकाई परेशान हो सकें। आखिरी में समय काटने के लिए कप्तान शुभमन गिल, यशस्वी जायसवाल और ध्रुव जुरैल को भी गेंदबाजी करनी पड़ी।
कुछ अहम बातें
- 2023 जुलाई: वेस्टइंडीज को हराने के बाद भारत की विदेशी धरती पर यह पहली टेस्ट सीरीज जीत है। कप्तान गिल ने भी घर से बाहर अपनी पहली टेस्ट सीरीज जीत हासिल की।
- 07वें या उससे नीचे के विकेट के लिए यह (दिनुशा-नुवांथा) टेस्ट में 13वीं शतकीय साझेदारी रही। भारत के विरुद्ध ऐसा पहली बार हुआ।
- इससे पहले 2000 में नागपुर में जिंबाब्वे के एंडी फ्लावर और हीथ स्ट्रीक ने भारत के विरुद्ध नाबाद 98 रनों की साझेदारी की थी।
- 03 बार श्रीलंका ने फॉलोआन के बाद दूसरी पारी में 100 से ज्यादा रनों की बढ़त ली। 2006 में लाड्र्स में इंग्लैंड और 2014 में क्राइस्टचर्च में न्यूजीलैंड के विरुद्ध उन्होंने ऐसा किया था।
भारत-श्रीलंका टेस्ट की दोनों पारियों में शतक मारने वाले बल्लेबाज
- दिलीप मेंडिस, श्रीलंका, 105 व 105, चेन्नई, 1982
- अरविंद डिसिल्वा, श्रीलंका, 146 व 120, कोलंबो, 1997
- सोनल दिनुशा, श्रीलंका, 103 व 133*, कोलंबो, 2026
दो मैच की सीरीज में सबसे ज्यादा शतक
- 3, अरविंद डिसिल्वा, श्रीलंका, पाकिस्तान, 1997
- 3, अरविंद डिसिल्वा, श्रीलंका, भारत, 1997
- 3, जैक्स कैलिस, द. अफ्रीका, पाकिस्तान, 2007
- 3, हाशिम अमला, द. अफ्रीका, भारत, 2010
- 3, कुमार संगकारा, श्रीलंका, बांग्लादेश, 2013
- 3, यूनिस खान, पाकिस्तान, आस्ट्रेलिया, 2014
- 3, मार्नस लाबुशेन, आस्ट्रेलिया, वेस्टइंडीज, 2022
- 3, केन विलियमसन, न्यूजीलैंड, द. अफ्रीका, 2024
- 3, सोनल दिनुशा, श्रीलंका, भारत, 2026
फॉलोआन के बाद सातवें या उसके बाद के विकेट के लिए श्रीलंका की बड़ी साझेदारी
- 137, कालूवितरना-चामिंडा वास, न्यूजीलैंड, डुनेडिन, 1997
- 116, दिनेश चांदीमल-रंगना हेराथ, इंग्लैंड, चेस्टर ली स्ट्रीट, 2016
- 112, सोनल दिनुशा-केसारा नुवांथा, भारत, कोलंबो, 2027
- 105, चामिंडा वास-कुलसेकरा, इंग्लैंड, लार्ड्स, 2006
दो मैच की सीरीज में चारों पारियों में 50 या उससे ज्यादा का स्कोर करने वाले श्रीलंकाई
- कुमार संगकारा, बांग्लादेश, 2013
- कुमार संगकारा, इंग्लैंड, 2014
- दिमुथ करुणारत्ने, द. अफ्रीका, 2018
- सोनल दिनुशा, भारत, 2026
भारत के विरुद्ध शुरुआत चार टेस्ट पारियों में 50 या उससे ज्यादा का स्कोर
- डगलस जार्डिन, इंग्लैंड, 1932-1934
- इवर्टन वीक्स, वेस्टइंडीज, 1948
- क्लेड वालकट, वेस्टइंडीज, 1948
- केन बारिंगटन, इंग्लैंड, 1959
- सोनल दिनुशा, श्रीलंका, 2026
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