अफगानिस्तान सीरीज के बाद ही रोहित शर्मा को ड्रॉप करना चाहते थे चयनकर्ता, 2027 विश्व कप में यशस्वी को देना चाहते हैं मौका
पिछले डेढ़ दशक में अपनी विस्फोटक बल्लेबाजी और कप्तानी से भारतीय क्रिकेट को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने वाले रोहित शर्मा का लार्ड्स में अंतिम वनडे मुकाबला ...और पढ़ें
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रोहित शर्मा
HighLights
इंग्लैंड के खिलाफ वनडे सीरीज खेल रहे रोहित
पहले दो वनडे में नहीं चला रोहित शर्मा का बल्ला
लार्ड्स में रोहित का अंतिम वनडे मैच हो सकता
अभिषेक त्रिपाठी, जागरणनई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट में एक नया अध्याय लिखे जाने की आहट सुनाई दे रही है। पिछले डेढ़ दशक में अपनी विस्फोटक बल्लेबाजी और कप्तानी से भारतीय क्रिकेट को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने वाले रोहित शर्मा का लार्ड्स में अंतिम वनडे मुकाबला हो सकता है। अजीत अगरकर की अध्यक्षता वाली चयन समिति 2027 वनडे विश्व कप को ध्यान में रखते हुए युवा बल्लेबाज यशस्वी जायसवाल को अवसर देना चाहती है।
हालांकि 513 अंतरराष्ट्रीय मैच में 20289 रन और सभी प्रारूपों में 50 शतक लगाने वाले रोहित ने अभी तक टीम प्रबंधन को यह सूचित नहीं किया है कि वह लार्ड्स वनडे के बाद संन्यास लेंगे या नहीं। चयन समिति उन्हें अफगानिस्तान के विरुद्ध घर में खत्म हुई वनडे सीरीज के बाद ही ड्रॉप करना चाहते थे लेकिन बीसीसीआई ने इंग्लैंड में वनडे सीरीज तक के लिए मोहलत दे दी थी।
अजित अगरकर के नेतृत्व वाली चयन समिति भविष्य की सबसे मजबूत वनडे टीम तैयार करना चाहती है जो दक्षिण अफ्रीका, जिंबाब्वे और नामीबिया में होने वाले 2027 वनडे विश्व कप में खिताब की दावेदार बन सके। चयनसमिति से जुड़े एक सूत्र ने कहा कि आप कब तक यशस्वी को बाहर बैठाओगे, ये उसके साथ अत्याचार है। उसने पिछले तीन मैचों में दो शतक लगाए लेकिन उसको बाहर बैठना पड़ रहा है।
2023 में रोहित का गेम देखिए और अब देखिए। ऐसा लग रहा है कि रोहित अब टीम के लिए नहीं बल्कि अपने लिए खेल रहे हैं। हमने 2011 के बाद से वनडे विश्व कप नहीं जीता है। हमें अगले साल उस ट्राफी को जीतने के लिए अभी से तैयारी करनी होगी।
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अगर यशस्वी विश्व कप में खेलें तो उससे पहले उन्हें कम से कम 20 वनडे खेलने होंगे। हमने तय किया है कि अगली वनडे सीरीज में रोहित को नहीं चुनेंगे। ये बात उन्हें बता दी गई है। अब वह संन्यास लेंगे या नहीं लेंगे ये उनका निर्णय होगा। हमें इस बारे में कोई जानकारी नहीं है।
रिश्ते सहज नहीं
रोहित शर्मा और मुख्य चयनकर्ता अजित अगरकर के बीच रिश्तों में लंबे समय से पूरी सहजता नहीं रही है। पूर्व मुख्य कोच राहुल द्रविड़ के कार्यकाल में स्थिति अलग थी। द्रविड़ ने 2023 वनडे विश्व कप और 2024 टी-20 विश्व कप जैसे अभियानों के दौरान रोहित और अगरकर के बीच बेहतर तालमेल बनाए रखा था। भारत ने रोहित की कप्तानी में टी-20 विश्व कप भी जीता था।
हालांकि अब रोहित की बल्लेबाजी पहले जैसी नहीं रही और ऐसे में स्थितियां बदलती गईं। 2024 आइपीएल के दौरान मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में कोलकाता नाइटराइडर्स और मुंबई इंडियंस के मुकाबले से पहले रोहित शर्मा ने खुद गौतम गंभीर से भारतीय टीम से जुड़ने का आग्रह किया था।
ऑस्ट्रेलिया दौरे से बढ़ी दूरियां
रोहित की कप्तानी में न्यूजीलैंड से घरेलू टेस्ट सीरीज में 0-3 की हार और फिर आस्ट्रेलिया में बार्डर गावस्कर ट्राफी में हार ने रोहित के कद को कम किया। खराब फार्म के कारण बार्डर-गावस्कर ट्रॉफी के दौरान रोहित ने कप्तान रहते हुए खुद को अंतिम एकादश से अलग कर लिया। चयनकर्ताओं ने उन्हें ऐसा नहीं करने की सलाह दी क्योंकि इससे इंग्लैंड दौरे के लिए उनके चयन पर असर पड़ सकता था।
रोहित नहीं माने और चयनकर्ताओं ने रोहित से अलग होने का फैसला कर लिया। इंग्लैंड में पिछले साल टेस्ट सीरीज से पहले विराट और रोहित दोनों ने क्रिकेट के सबसे बड़े प्रारूप से संन्यास ले लिया था। चैंपियंस ट्रॉफी जीतने के बावजूद जब अगले ही वनडे दौरे से पहले रोहित शर्मा से कप्तानी वापस ले ली गई तो वह बेहद निराश हुए।
अगरकर ने उन्हें स्पष्ट कर दिया था कि चयनकर्ता अब 2027 विश्व कप को ध्यान में रखकर आगे बढ़ना चाहते हैं। इस फैसले पर गंभीर और अगरकर एकमत थे। इसके बाद रोहित का एकमात्र लक्ष्य 2027 वनडे विश्व कप खेलना था, लेकिन टीम प्रबंधन और चयन समिति ने इस पर कोई स्पष्ट आश्वासन नहीं दिया। लगातार अनिश्चितता और संवाद की कमी का असर उनकी स्वाभाविक आक्रामक बल्लेबाजी पर भी पड़ा और हालिया वनडे मुकाबलों में उनका प्रदर्शन उम्मीद के अनुरूप नहीं रहा। अब सबकी नजरें लार्ड्स वनडे पर हैं।