T20 World Cup 2026: 'भारतीयों' के दम पर चुनौती देने को तैयार विदेशी टीमें
टी-20 विश्व कप 2026 में भारतीय मूल के खिलाड़ी कई विदेशी टीमों का प्रतिनिधित्व करेंगे। कनाडा, अमेरिका, ओमान और यूएई जैसी टीमों में तीन दर्जन से अधिक ऐस ...और पढ़ें

विदेशी टीमों में भारतीय खिलाड़ी
जागरण न्यूज नेटवर्क, नई दिल्ली : टी-20 विश्व कप में कई टीमें हैं, जो भारतीय मूल के खिलाड़ियों के दम पर सात फरवरी से शुरू हो रहे टूर्नामेंट में अपनी छाप छोड़ने उतरेंगी। विदेशी टीमों में भारतीय मूल के तीन दर्जन से भी अधिक क्रिकेटर हैं जिनमें कनाडा और अमेरिका सबसे आगे हैं।
20 टीमों में कनाडा (11) की टीम में भारतीय मूल के खिलाड़ियों की संख्या सबसे अधिक है। उसके बाद अमेरिका (09), ओमान (07) और यूएई (07) का नंबर आता है। आपको बताते हैं इन खिलाड़ियों के बारे में।
विदेशी टीमों में भारतीय खिलाड़ी
सौरभ नेत्रवलकर (अमेरिका): भारत के लिए अंडर-19 क्रिकेट खेल चुके बाएं हाथ के तेज गेंदबाज नेत्रवलकर विश्व कप के पहले मैच में भारत का सामना करने के लिए मुंबई पहुंच चुके हैं। उन्होंने पिछले विश्व कप में अच्छा प्रदर्शन किया था। सॉफ्टवेयर इंजीनियर 34 वर्षीय नेत्रवलकर ने पिछले विश्व कप में अच्छा प्रदर्शन किया था जिससे अमेरिका की टीम ने पाकिस्तान जैसी टीमों को हराकर सुपर आठ के लिए क्वालीफाई किया था। नेत्रवलकर सात फरवरी को वानखेड़े में मुंबई टीम के अपने पूर्व साथी सूर्यकुमार यादव के खिलाफ मैदान में उतरते समय उन्हें अपनी भावनाओं पर काबू रखने की कोशिश करनी होगी।
मोनांक पटेल (अमेरिका): अमेरिका की कप्तानी गुजरात के आणंद में जन्मे मोनांक पटेल करेंगे, जिन्होंने पिछले विश्व कप में पाकिस्तान के विरुद्ध अर्धशतक लगाकर अपनी छाप छोड़ी थी। यह 32 वर्षीय बल्लेबाज गुजरात अंडर-19 टीम के अपने पूर्व साथी जसप्रीत बुमराह का सामना करने के लिए उत्सुक है। वह मैदान के बाहर अपने बचपन के दिनों को याद कर रहे हैं।
जसप्रीत सिंह (इटली): फगवाड़ा में जन्में जसप्रीत सिंह टूर्नामेंट में इटली का प्रतिनिधित्व करेंगे। यह 32 वर्षीय खिलाड़ी 2006 में अपने परिवार के साथ मिलान चला गया था। उन्होंने इटली में टेप-बॉल क्रिकेट से अपने करियर की शुरुआत की और 2016-17 में लाल गेंद की क्रिकेट में कदम रखा और फिर 2019 में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पदार्पण किया। कुछ समय पहले तक जसप्रीत आजीविका के लिए उबर ड्राइवर के रूप में काम करते था।
आर्यन दत्त (नीदरलैंड्स): आर्यन दत्त को 2023 में वनडे विश्व कप के दौरान भारतीय प्रशंसकों के सामने खेलने का अनुभव है। नीदरलैंड्स की टीम में भारतीय मूल के एकमात्र क्रिकेटर 22 वर्षीय आर्यन दत्त का लक्ष्य प्रतियोगिता में अच्छा प्रदर्शन करके शीर्ष टीमों को हैरान करना है। दत्त का परिवार 1980 के दशक में पंजाब से नीदरलैंड चला गया था। भारत में अब भी उनके परिवार के कुछ सदस्य रहते हैं।
दिलप्रीत बाजवा (कनाडा): गुरदासपुर में जन्में बाजवा 2020 में ही कनाडा गए थे और छह साल बाद वह कनाडा की टीम के कप्तान के रूप में भारत आए हैं। पंजाब में आयु वर्ग की क्रिकेट में ढेरों रन बनाने के बावजूद बाजवा को वह अवसर नहीं मिले। उन्होंने हालांकि निराशा को हावी नहीं होने दिया और कम प्रतिस्पर्धी माहौल में क्रिकेट यात्रा जारी रखी। कनाडा ग्लोबल टी20 लीग में मिली सफलता से उन्होंने कनाडा की टीम में जगह बनाई और फिर कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा। यह 23 वर्षीय यह खिलाड़ी 2024 के टी20 विश्व कप में भी कनाडा की टीम का हिस्सा था।
जतिंदर सिंह (यूएई): बाजवा की तरह लुधियाना में जन्ंमे जतिंदर भी अपने नए देश ओमान की टीम की कप्तानी करेंगे। यह 36 वर्षीय खिलाड़ी एक दशक से अधिक समय से क्रिकेट खेल रहा है, लेकिन उन्हें भारत में खेलने का अवसर कभी नहीं मिला। ओमान के सभी लीग मैच श्रीलंका में होने के कारण जतिंदर के लिए अपनी जन्मभूमि में खेलने का सपना पूरा कर पाना मुश्किल लग रहा है।
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