आशुतोष रांका और सौरव दास की बढ़ीं मुश्किलें, अदालत ने दो और दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा
कॉकरोच जनता पार्टी के नेता आशुतोष रांका और सौरव दास की न्यायिक हिरासत दो दिनों के लिए बढ़ा दी गई ...और पढ़ें
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सीजेपी नेता सौरव दास और आशुतोष रांका, सोशल मीडिया।
HighLights
कॉकरोच जनता पार्टी के नेता सौरव दास और आशुतोष रांका।
न्यायिक हिरासत दो दिनों के लिए और बढ़ाई गई।
अदालत ने आगे की न्यायिक हिरासत में भेजा।
राकेश कुमार, नई दिल्ली। उच्च सुरक्षा व्यवस्था के बावजूद प्रतिबंधित क्षेत्र जंतर-मंतर पर घुसने के आरोप में तिहाड़ जेल भेजे गए काकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के सह-संयोजक सौरव दास और आशुतोष रांका का दशहरा अब तिहाड़ जेल में ही बीतेगा।
पांच दिनों की जेल अवधि पूरी होने के बाद सोमवार को दोनों को मंदिर मार्ग स्थित स्पेशल एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट (एसईएम) कोर्ट में पेश किया गया। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद कोर्ट ने उनकी न्यायिक हिरासत दो दिन और बढ़ा दी है।
एनसीआर के तहत मुकदमा दर्ज
उधर, इस मामले की सुनवाई कर रहे एसईएम (एसीपी ऋतुराज) को धमकी मिलने का मामला भी सामने आया है। इस संबंध में उन्होंने संसद मार्ग थाने में गैर-संज्ञेय अपराध (एनसीआर) के तहत मुकदमा दर्ज करवा दिया है।
क्या होती है एनसीआर ?
एनसीआर ऐसे मामलों में दर्ज की जाती है जो अपेक्षाकृत कम गंभीर होते हैं, जैसे मामूली मारपीट, गाली-गलौज, मौखिक दुर्व्यवहार, मानहानि या पड़ोसी से विवाद। एनसीआर दर्ज होने के बाद पुलिस बिना मजिस्ट्रेट की अनुमति के अपनी मर्जी से मामले की जांच शुरू नहीं कर सकती और न ही आरोपी को बिना वारंट गिरफ्तार कर सकती है।
इसके लिए शिकायतकर्ता को न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में जाना होता है और अदालत के आदेश के बाद ही पुलिस आगे की कार्रवाई शुरू कर सकती है।
सख्त नाकेबंदी के बावजूद जंतर-मंतर तक पहुंचे
सख्त नाकेबंदी के बावजूद 13 अक्टूबर की सुबह सौरव दास, आशुतोष रांका और अजिंक्य शिंदे अपने 11 समर्थकों के साथ प्रतिबंधित क्षेत्र जंतर-मंतर पर घुस आए थे। इस पर संसद मार्ग थाना पुलिस ने सीजेपी के इन तीनों नेताओं के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज कर लिया था।
अगले दिन, 14 अक्टूबर को तीनों को एसईएम कोर्ट के समक्ष पेश किया गया। पिछली जमानत की शर्त का उल्लंघन करने पर कोर्ट ने सजा के तौर पर सौरव दास और आशुतोष रांका को पांच दिनों के लिए तिहाड़ जेल भेज दिया गया था। यह कार्रवाई 11 अक्टूबर के बेल बांड की शर्तों के उल्लंघन पर की गई थी।
दो दिनों की बढ़ी न्यायिक हिरासत
19 अक्टूबर को पांच दिन की जेल अवधि समाप्त होने पर सोमवार को दोनों को दोबारा एसईएम कोर्ट के समक्ष पेश किया गया। एसईएम को मिली धमकी के बाद पुलिस ने इस मसले पर लंबी बहस की और न्यायिक हिरासत की अवधि बढ़ाने की मांग की, जिसका बचाव पक्ष के अधिवक्ताओं ने विरोध किया।
दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद कोर्ट ने उनकी न्यायिक हिरासत दो दिन और बढ़ा दी। सौरव व आशुतोष के जेल में होने के कारण सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दीपके अभी दिल्ली में ही ठहरे हुए हैं।
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