बिहार में भी दौड़ेगी 'नमो भारत' ट्रेन, सरकार ने चार प्रमुख कॉरिडोर का प्रस्ताव NCRTC को भेजा
बिहार में दिल्ली-एनसीआर की तर्ज पर नमो भारत ट्रेन चलाने की तैयारी है। पटना पर आबादी और यातायात का दबाव कम करने के लिए बिहार सरकार ने चार प्रमुख कॉरिडो ...और पढ़ें

बिहार में दिल्ली-एनसीआर की तर्ज पर नमो भारत ट्रेन चलाने की तैयारी है।
HighLights
बिहार में नमो भारत ट्रेन चलाने की तैयारी शुरू।
पटना में यातायात दबाव कम करने को चार कॉरिडोर।
कैबिनेट ने एएआर और डीपीआर को दी हरी झंडी।
संजीव गुप्ता, नई दिल्ली। दिल्ली और एनसीआर की तर्ज पर बिहार में भी नमो भारत (आरआरटीएस) ट्रेन चलाने की तैयारी शुरू हो गई है। पटना पर आबादी और यातायात के बढ़ते दबाव को कम करने के लिए बिहार सरकार ने राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र परिवहन निगम (एनसीआरटीसी) को चार प्रमुख कॉरिडोर विकसित करने का प्रस्ताव भेजा है।
बिहार मंत्रिमंडल ने भी इन कॉरिडोर की अल्टरनेटिव एनालिसिस रिपोर्ट (एएआर) एवं विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन (डीपीआर) तैयार करने को हरी झंडी दे दी है।
बिहार के नगर विकास एवं आवास विभाग के अनुसार इस परियोजना से करीब 20 से 25 लाख की आबादी को सीधा लाभ मिलेगा। वर्तमान में पढ़ाई, इलाज, नौकरी और व्यापार के सिलसिले में रोजाना लाखों लोग पटना आते हैं, जिससे वहां पर आवासीय और यातायात संकट गहराता जा रहा है।
एक घंटे के भीतर पटना आसानी से आ-जा सकेंगे
नमो भारत ट्रेन शुरू होने से लोग मुजफ्फरपुर, हाजीपुर, बेगूसराय, जहानाबाद अथवा आरा जैसे शहरों में रहकर भी रोजाना एक घंटे के भीतर पटना आसानी से आ-जा सकेंगे। इससे पटना में रहने की मजबूरी खत्म होगी और आसपास के क्षेत्रों का भी तेज़ी से विकास होगा।
उल्लेखनीय है कि उत्तराखंड (दिल्ली-मेरठ कॉरिडोर के ऋषिकेश तक विस्तार) और उत्तर प्रदेश (लखनऊ-कानपुर) के बाद अब बिहार इस आधुनिक रैपिड रेल नेटवर्क से जुड़ने वाला अगला प्रमुख राज्य बनने जा रहा है। उत्तराखंड और लखनऊ - कानपुर के लिए डीपीआर पर काम चल ही रहा है, जल्द ही एनसीआरटीसी बिहार के इन नए रूटों की तकनीकी और आर्थिक संभाव्यता जांचने का काम भी शुरू करेगी।
प्रस्तावित चार प्रमुख आरआरटीएस कॉरिडोर
-पटना से गया : लगभग 108 किमी
-पटना एयरपोर्ट से बेगूसराय : लगभग 130 किमी
-पटना से मुजफ्फरपुर : लगभग 67 किमी (वाया हाजीपुर व सोनपुर)
-पटना एयरपोर्ट से आरा : लगभग 46 किमी
यह सही है कि हमें बिहार के चार रूटों पर एएआर करने के लिए कहा गया है। मेरठ से ऋषिकेश तक मौजूदा दिल्ली- मेरठ कॉरिडोर पर भी डीपीआर का काम शुरू कर दिया गया है और लखनऊ-कानपुर के लिए भी डीपीआर तैयार की जा रही है। बिहार के उक्त रूटों पर भी जल्द ही एएआर की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। - शलभ गोयल, प्रबंध निदेशक, एनसीआरटीसी
यह भी पढ़ें- सिम अपग्रेड के नाम पर 100 करोड़ की ठगी, जामताड़ा के दो साइबर ठग गिरफ्तार