CBSE OSM विवाद: राहुल गांधी ने मांगा न्यायिक जांच और SIT, पूछा- संदिग्ध कंपनी को कैसे दिया ठेका? बोर्ड ने नकारे आरोप
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने सीबीएसई ओएसएम विवाद में स्वतंत्र न्यायिक जांच और एसआईटी गठन की मांग की है, साथ ही संदिग्ध कंपनी COEMPT को ठेक ...और पढ़ें

कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने बुधवार को पूरे मामले की सच्चाई उजागर करने के लिए स्वतंत्र न्यायिक जांच और एसआईटी (स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम) का गठन करने की मांग की। एआई इमेज

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डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। सीबीएसई के ओएसएम (ऑन-स्क्रीन मार्किंग) सिस्टम को लेकर उठे विवाद के बीच कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने बुधवार को पूरे मामले की सच्चाई उजागर करने के लिए स्वतंत्र न्यायिक जांच और एसआईटी (स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम) का गठन करने की मांग की। साथ ही उन्होंने सवाल किया कि तेलंगाना में संदिग्ध इतिहास वाली कंपनी को सीबीएसई ने ठेका कैसे दे दिया? वहीं, सीबीएसई का कहना है कि बोर्ड सभी शिकायतों की सर्वोच्च प्राथमिकता के आधार पर जांच कर रहा है और कांग्रेस सांसद के सारे आरोप भ्रामक हैं।
कांग्रेस सांसद ने लगाए संगीन आरोप
केंद्र सरकार पर हमला तेज करते हुए राहुल गांधी ने कहा कि सीबीएसई के छात्र और उनके अभिभावक सदमे में हैं, लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 'कुछ बोलने को तैयार नहीं हैं'। अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर जारी वीडियो में राहुल गांधी ने कहा, "कक्षा 12 की सीबीएसई परीक्षा को लेकर चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं। ओएसएम का काम करने वाली कंपनी COEMPT पहले ग्लोबारिना (Globarena) नाम से जानी जाती थी। ग्लोबारिना ने तेलंगाना में दो बार यह घोटाला किया है। एक बार 2019 में बोर्ड परीक्षा में और फिर 2023 में। इसी ओएसएम संबंधी गड़बड़ियों के कारण तेलंगाना में 23 युवाओं ने आत्महत्या कर ली थी।"
पीएम से सवाल करने की अपील की
कांग्रेस सांसद ने आगे कहा, "यह सब सार्वजनिक जानकारी थी, फिर भी किसी अज्ञात कारण से सीबीएसई ने उसी कंपनी को चुना। हमें तो सिर्फ 30 सेकंड लगे पता करने में कि यह कंपनी पहले दूसरा नाम रखती थी। मुझे पूरी तरह यकीन है कि सीबीएसई और भारत सरकार के लोग इस कंपनी के बैकग्राउंड से वाकिफ थे।" लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने सीबीएसई के छात्रों और अभिभावकों से अपील की कि वे उनका वीडियो शेयर करें और सरकार व प्रधानमंत्री से उनके द्वारा उठाए गए सवाल पूछें।
'भ्रामक, गलत और तथ्यों पर आधारित नहीं'
इस पूरे प्रकरण पर सीबीएसई ने राहुल गांधी के आरोपों पर तीखा जवाब दिया है। सीबीएसई ने राहुल गांधी के दावों को 'भ्रामक, गलत और तथ्यों पर आधारित नहीं' बताते हुए खारिज कर दिया है। सीबीएसई ने कहा कि COEMPT Edutech को ठेका सरकारी नियमों के अनुसार ही दिया गया था। बोर्ड ने जनरल फाइनेंशियल रूल्स (जीएफआर) का पूरी तरह पालन किया। आरएफपी (रिक्वेस्ट ऑफ प्रपोजल) 28 अगस्त 2025 को सेंट्रल पब्लिक प्रोक्योरमेंट पोर्टल पर जारी किया गया था और योग्य बिडर को ठेका सौंपा गया था।'
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राहुल ने तीन मुख्य सवाल पूछे...
- COEMPT को सीबीएसई का ठेका किसने और क्यों दिया?
- ठेका देने में कौन-कौन से नियमों और प्रक्रियाओं को दरकिनार किया गया?
- COEMPT प्रबंधन का मोदी सरकार से क्या संबंध है?
इन्हीं आरोपों के साथ कांग्रेस ने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग दोहराई और कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का संरक्षण शर्मनाक है।
बता दें कि यह विवाद तब बढ़ गया जब 12वीं कक्षा के कुछ विद्यार्थियों ने अंकन में गड़बड़ी के आरोप लगाते हुए दावा किया कि बोर्ड द्वारा अपलोड की गई उनकी उत्तर पुस्तिकाओं की स्कैन प्रतियां उनकी लिखावट से मेल नहीं खातीं। इससे ओएसएम प्रणाली में उत्तर पुस्तिकाओं की संभावित अदला-बदली को लेकर चिंताएं पैदा हो गई हैं।
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(पीटीआई के इनपुट के साथ)
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