CBSE पोर्टल का अजीब कारनामा: री-इवैल्यूएशन के लिए मांगे 69,000 रुपये; अब 24 मई तक आवेदन का मौका
CBSE के री-इवैल्यूएशन पोर्टल में तकनीकी गड़बड़ी के कारण छात्रों को उत्तरपुस्तिकाओं के लिए अलग-अलग और अत्यधिक शुल्क दिखाए गए, जिससे भारी विवाद खड़ा हो ...और पढ़ें

CBSE री-इवैल्यूएशन पोर्टल में भारी गड़बड़ी। (AI Generated Image)
HighLights
री-इवैल्यूएशन पोर्टल पर शुल्क में भारी असमानता दिखी।
तकनीकी गड़बड़ियों के कारण छात्रों को कई दिक्कतें आईं।
CBSE ने आवेदन की अंतिम तिथि 24 मई तक बढ़ाई।
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड यानी CBSE के री-इवैल्यूएशन और आंसरशीट प्रक्रिया को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। बोर्ड के पोर्टल पर तकनीकी गड़बड़ियों के कारण छात्रों और अभिभावकों को अलग-अलग और चौंकाने वाली फीस दिखाई देने लगी। किसी छात्र को री-इवैल्यूएशन के लिए सिर्फ एक रुपये का शुल्क दिखा, तो किसी से एक विषय की उत्तरपुस्तिका के लिए 69 हजार रुपये से अधिक मांगे गए।
सोशल मीडिया पर वायरल स्क्रीनशॉट्स में कई छात्रों ने दावा किया कि उत्तरपुस्तिकाओं की स्कैन कॉपी लेने के लिए फीस अचानक बदल रही थी। कुछ मामलों में यह राशि ₹69.7 दिखाई दी, जबकि कुछ छात्रों के लिए ₹8 हजार प्रति विषय और कुछ के लिए ₹69,420 तक का शुल्क दिखाया गया।
एक वायरल स्क्रीनशॉट में फिजिक्स, केमिस्ट्री, मैथ्स और इंग्लिश कोर विषयों के लिए ₹69,420 प्रति विषय शुल्क दिखने का दावा किया गया। इससे कुल राशि लाखों रुपये तक पहुंच गई। वहीं कुछ छात्रों ने दो विषयों के लिए ₹16 हजार और तीन विषयों के लिए ₹24 हजार शुल्क दिखने की शिकायत की।
लगातार बढ़ रही थीं शिकायतें
बताया जा रहा है कि 19 मई को स्कैन की गई उत्तरपुस्तिकाओं के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू होने के बाद से ही पोर्टल पर समस्याएं सामने आने लगी थीं। छात्रों ने वेबसाइट क्रैश होने, लॉगिन न होने, भुगतान फेल होने और आवेदन बीच में अटकने जैसी शिकायतें कीं।
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कई छात्रों का कहना है कि आवेदन पूरा करने के लिए उन्हें देर रात तक बार-बार वेबसाइट रिफ्रेश करनी पड़ी। सोशल मीडिया पर अभिभावकों और छात्रों ने स्क्रीनशॉट साझा कर नाराजगी जाहिर की।
CBSE ने बढ़ाई आवेदन की समय सीमा
विवाद बढ़ने के बाद CBSE ने शुक्रवार को नया नोटिस जारी कर प्रक्रिया की समय सीमा बढ़ा दी। बोर्ड ने कहा कि कक्षा 12 की उत्तरपुस्तिकाओं की स्कैन कॉपी प्राप्त करने की अंतिम तिथि अब 24 मई तक कर दी गई है। साथ ही छात्रों को स्कैन कॉपी मिलने के बाद सत्यापन और री-इवैल्यूएशन के लिए दो दिन अतिरिक्त दिए जाएंगे।
CBSE ने अपने बयान में कहा कि पिछले कुछ दिनों से वेबसाइट पर अत्यधिक ट्रैफिक आ रहा है और अनधिकृत हस्तक्षेप की कोशिशों के कारण पोर्टल प्रभावित हुआ है। बोर्ड के एक अधिकारी ने कहा कि तकनीकी दिक्कतें जरूर आई हैं, लेकिन किसी छात्र को नुकसान नहीं होने दिया जाएगा।
धुंधली और अधूरी उत्तरपुस्तिकाओं की भी शिकायत
कई छात्रों और अभिभावकों ने यह भी आरोप लगाया कि पोर्टल पर अपलोड की गई उत्तरपुस्तिकाएं धुंधली, फीकी और पढ़ने में मुश्किल थीं। कुछ लोगों ने दावा किया कि नंबर और टेक्स्ट तक साफ नहीं दिख रहे थे, जिससे मूल्यांकन की जांच करना कठिन हो गया।
एक अभिभावक ने आरोप लगाया कि उनके बच्चे की सप्लीमेंट्री मैथ्स की पूरी उत्तरपुस्तिका ही पोर्टल पर अपलोड नहीं की गई।
संसद तक पहुंचा मामला
मामले ने अब राजनीतिक रूप भी ले लिया है। तमिझाची थंगापांडियन ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को पत्र लिखकर हस्तक्षेप की मांग की है। पत्र में छात्रों को भुगतान विफल होने, वेबसाइट न खुलने और बैंक खाते से पैसे कटने जैसी समस्याओं का जिक्र किया गया है।
अभिभावकों का कहना है कि यह समय पहले से ही छात्रों के लिए बेहद तनावपूर्ण है, क्योंकि कई छात्र एक साथ JEE, NEET और CUET जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं। ऐसे में री-चेकिंग प्रक्रिया में अनिश्चितता ने उनकी चिंता और बढ़ा दी है।
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