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    दिल्ली में संसद मार्च के बाद फिर जंतर-मंतर पर जुटे CJP समर्थक, दीपके बोले- नहीं मिला ठोस आश्वासन

    Updated: Tue, 21 Jul 2026 12:18 AM (IST)

    संसद मार्च के बाद दिल्ली में CJP का प्रदर्शन देर रात तक जारी रहा, जिसमें प्रमुख अभिजीत दीपके जंतर-मंतर पर धरने पर बैठे। दिल्ली पुलिस ने 100 से अधिक प् ...और पढ़ें

    जंतर मंतर पर देर रात समर्थकों के साथ बीच बैठे सीजेपी प्रमुख अभिजीत दीपके। जागरण

    जंतर मंतर पर देर रात समर्थकों के साथ बीच बैठे सीजेपी प्रमुख अभिजीत दीपके। जागरण

    HighLights

    1. CJP प्रमुख अभिजीत दीपके जंतर-मंतर पर धरने पर बैठे।

    2. दिल्ली पुलिस ने 100 से अधिक प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया।

    3. पुलिस ने सरकारी संपत्ति नुकसान पर FIR दर्ज करना शुरू किया।

    डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। संसद मार्च के दौरान दिनभर चले हंगामे और पुलिस के साथ झड़पों के बाद सोमवार देर रात भी राजधानी में प्रदर्शन जारी रहा। CJP प्रमुख अभिजीत दीपके एक बार फिर जंतर-मंतर पर धरने पर बैठ गए। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि केंद्र सरकार के साथ बातचीत हुई, लेकिन कोई ठोस आश्वासन नहीं मिलने के कारण आंदोलन जारी रहेगा।

    इस बीच दिल्ली पुलिस ने स्पष्ट किया कि संसद मार्च के दौरान हिरासत में लिए गए सभी लोग छात्र नहीं थे। पुलिस के अनुसार, हिरासत में लिए गए लोगों की पहचान और उनकी भूमिका की जांच की जा रही है। पुलिस ने झड़प, सरकारी वाहनों को नुकसान पहुंचाने और सार्वजनिक संपत्ति को क्षति पहुंचाने के आरोप में एफआईआर दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।

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    पुलिस सूत्रों के मुताबिक, प्रदर्शनकारियों ने सुरक्षा बलों पर पथराव किया, जिसके बाद स्थिति को नियंत्रित करने के लिए लाठीचार्ज किया गया। संसद मार्च के दौरान पटेल चौक, संसद स्ट्रीट और कॉन्स्टिट्यूशन क्लब समेत कई स्थानों से 100 से अधिक प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया। बाद में उन्हें अलग-अलग पुलिस थानों और अस्थायी डिटेंशन सेंटरों में भेजा गया।

    सीसीटीवी और वीडियो फुटेज की जांच तेज

    दिल्ली पुलिस का कहना है कि घटना से जुड़े सभी सीसीटीवी फुटेज, वीडियो रिकॉर्डिंग और अन्य डिजिटल सबूतों की जांच की जा रही है। पुलिस के अनुसार, जो लोग पुलिसकर्मियों पर हमला करने, सरकारी वाहनों को नुकसान पहुंचाने या सार्वजनिक संपत्ति को क्षति पहुंचाने में शामिल पाए जाएंगे, उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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    सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो की भी सत्यता की जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि जांच के आधार पर आगे और गिरफ्तारियां भी हो सकती हैं। आरोपितों की पहचान के लिए तकनीकी और फील्ड जांच दोनों का सहारा लिया जा रहा है।

    बैरिकेड तोड़ने की कोशिश के बाद बढ़ा तनाव

    मानसून सत्र के पहले दिन हजारों प्रदर्शनकारी संसद की ओर मार्च करने पहुंचे थे। उस समय इलाके में धारा 163 के तहत प्रतिबंधात्मक आदेश लागू थे। पुलिस के मुताबिक, प्रदर्शनकारियों ने संसद स्ट्रीट और जंतर-मंतर के आसपास लगाए गए बहुस्तरीय बैरिकेड तोड़ने की कोशिश की, जिसके बाद सुरक्षा बलों और प्रदर्शनकारियों के बीच टकराव हो गया।

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