'कोई पुलिस वाला आया तो उसे पीटेंगे', सड़क पर उतरे कड़कड़डूमा कोर्ट के वकील; ACP शाहदरा के खिलाफ नारेबाजी
कड़कड़डूमा कोर्ट के वकील आज शाहदरा एसीपी मनस्वी वशिष्ठ के खिलाफ एफआईआर दर्ज होने के विरोध में हड़ताल पर हैं।
HighLights
कड़कड़डूमा कोर्ट के वकील आज हड़ताल पर।
शाहदरा एसीपी के खिलाफ एफआईआर से भड़के वकील।
वकीलों ने सड़क जाम कर पुलिस के खिलाफ नारेबाजी की।
जागरण संवाददाता, पूर्वी दिल्ली। दिल्ली की सभी जिला अदालत में आज (27 अक्टूबर) वकीलों की पुलिस के खिलाफ काम बंद हड़ताल है। हालांकि इस हड़ताल से पहले सोमवार को शाहदरा एसीपी द्वारा उठाए गए सख्त कदम से वकील भड़क गए हैं। कड़कड़डूमा कोर्ट के वकील आज सड़कों पर उतर आए हैं और रास्ता जाम कर एसीपी के खिलाफ नारेबाजी कर रहे हैं।
एसीपी के एक्शन के बाद वकीलों का रिएक्शन
पुलिस के खिलाफ कड़कड़डूमा कोर्ट के वकील सड़कों पर उतर आए हैं। वकीलों ने कोर्ट के बाहर सड़क जाम कर दी है। पुलिस के बैरिकेड लगाकर सड़क को बंद कर दिया है। दिलचस्प है कि मोके पर एक भी पुलिसकर्मी नहीं है।

वकील एसीपी शाहदरा मनस्वी वशिष्ठ के खिलाफ जमकर नारेबाजी कर रहे हैं। वकीलों का कहना है कोई भी पुलिसकर्मी कोर्ट आया तो वह उसे पीटेंगे। पूर्वी रेंज के संयुक्त आयुक्त के कार्यालय का वकीलों ने घेराव कर दिया है। शाहदरा बार एसोसिएशन के सचिव नरवीर डबास प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे हैं।
दिल्ली पुलिस का पुतला जलाया
वकील के साथ मारपीट और थाने में पुलिस अधिकारियों पर बदसलूकी का आरोप लगाते हुए शाहदरा बार एसोसिएशन ने मंगलवार को कड़कड़डूमा कोर्ट में हड़ताल रखी। वकीलों ने कामकाज से दूरी बनाकर पुलिस के खिलाफ नारेबाजी की और दिल्ली पुलिस का पुतला जलाकर विरोध जताया।

वकीलों ने संबंधित पुलिस अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की। साथ ही पूर्वी रेंज के संयुक्त आयुक्त के कार्यालय का घेराव भी किया।
वकील ललित बंसल के अनुसार, वह अपने जीजा से जुड़े मारपीट के मामले में थाने पहुंचे थे। वहां विवाद के दौरान उनके साथ भी मारपीट की गई। उन्होंने आरोप लगाया कि मुन्ना बाटी नाम के युवक ने उनकी शर्ट फाड़ दी, जबकि एक युवती ने उनके सिर पर प्लेट से हमला किया।
इसके बाद पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया। वकील का आरोप है कि पुलिस ने उनका बयान तक दर्ज नहीं किया और मामले में एकतरफा कार्रवाई की।

वकील ललित बंसल ने एसएचओ पर लगाए कई आरोप
उन्होंने आरोप लगाया कि चोट लगने के बाद बार एसोसिएशन के सचिव उन्हें मेडिकल कराने और आराम करने की सलाह देकर घर भेजने के लिए थाने पहुंचे थे। उन्हें भरोसा दिया गया था कि मामले में आरोपितों को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया जाएगा, लेकिन बाद में उन्हें पता चला कि दूसरे पक्ष के चार लोगों को छोड़ दिया गया। वकील ने एसएचओ पर आरोपितों को छोड़ने के बदले पांच लाख रुपये लेने का आरोप भी लगाया है।
अगले दिन बार एसोसिएशन के सचिव के साथ वह मामले में बात करने थाने पहुंचे। वहां मौजूद एसीपी मनस्वी वशिष्ठ ने कथित तौर पर पिस्टल में गोलियां भरकर उसका बैरल वकीलों की तरफ कर दिया।

वकील ने आरोप लगाया कि थाना प्रभारी ने भी उनके साथ अनुचित व्यवहार किया। वकीलों का कहना है कि पुलिस ने उनके आरोपों पर उचित कार्रवाई नहीं की। इसी के विरोध में बार एसोसिएशन ने हड़ताल कर प्रदर्शन किया।
एसीपी की शिकायत पर वकीलों के खिलाफ भी एफआईआर
इस मामले में सोमवार को एसीपी मनस्वी वशिष्ठ की शिकायत पर शाहदरा थाने में वकीलों के खिलाफ भी एफआईआर दर्ज की गई। पुलिस ने वकीलों पर सरकारी काम में बाधा डालने, पुलिस अधिकारियों के साथ दुर्व्यवहार करने और धमकी देने सहित अन्य आरोप लगाए हैं। वहीं, वकीलों ने पुलिस अधिकारियों पर लगाए गए आरोपों की निष्पक्ष जांच की मांग की है।
