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    दिल्ली में बिजली उपभोक्ताओं को झटका: पश्चिम एशिया संकट के असर से FPPAS दरों में बढ़ोतरी, बिल होंगे महंगे

    Updated: Fri, 12 Jun 2026 10:30 PM (IST)

    पश्चिम एशिया संकट और ईंधन लागत में वृद्धि के कारण दिल्ली में बिजली महंगी हो गई है। वितरण कंपनियों को एफपीपीएएस बढ़ाने की अनुमति मिली है, जिससे उपभोक्त ...और पढ़ें

    पश्चिम एशिया संकट से दिल्ली में महंगी हुई बिजली। (AI Generated Image)

    पश्चिम एशिया संकट से दिल्ली में महंगी हुई बिजली। (AI Generated Image)

    HighLights

    1. पश्चिम एशिया संकट से दिल्ली में बिजली महंगी हुई।

    2. एफपीपीएएस बढ़ने से उपभोक्ताओं को 6-7.94% अधिक बिल।

    3. सब्सिडी वाले उपभोक्ताओं पर इस वृद्धि का असर नहीं।

    राज्य ब्यूरो, नई दिल्ली। पश्चिम एशिया संकट का असर बिजली उपभोक्ताओं पर भी पड़ने लगा है। गैस और पेट्रोल-डीजल के साथ ही कोयले के दाम में भी वृद्धि हुई है। इसके आधार पर बिजली वितरण कंपनियों ने दिल्ली विद्युत विनियामक आयोग से ईंधन और बिजली खरीद समायोजन अधिभार (एफपीपीएएस) बढ़ाने की मांग की थी। इसकी अनुमति मिल गई है।

    यह अधिभार उपभोक्ताओं से वसूला जाता है। इससे उन्हें छह प्रतिशत से लेकर 7.94 प्रतिशत तक अधिक बिजली बिल देना होगा।

    फिलहाल यह वृद्धि एक माह के लिए किया गया है। इस वृद्धि का प्रभाव सब्सिडी प्राप्त करने वाले उपभोक्ताओं पर नहीं पड़ेगा। प्रति माह 200 यूनिट तक बिजली खर्च करने वाले उपभोक्ताओं को 100 प्रतिशत और 201 से 400 यूनिट खर्च करने वालों को 50 प्रतिशत सब्सिडी मिलती है। एफपीपीएएस ईंधन की कीमतों पर निर्भर करता है।

    10 प्रतिशत FPPS की हो रही थी वसूली

    अभी तक दिल्ली की बिजली वितरण कंपनियां (डिस्काम) 10 प्रतिशत एफपीपीएएस वसूल रही थी। अधिकारियों ने बताया कि हाल ही में आयात और परिवहन लागत में वृद्धि के कारण कोयले की कीमतों में काफी वृद्धि हुई है।

    दिल्ली की बिजली वितरण कंपनियों बीएसईएस राजधानी पावर लिमिटेड (बीआरपीएल), बीएसईएस यमुना पावर लिमिटेड (बीवाईपीएल) और टाटा पावर दिल्ली डिस्ट्रिब्यूशन लिमिटेड (टीपीडीडीएल) ने डीईआरसी से एफपीपीएएस की वसूली की सीमा 10 प्रतिशत से बढ़ाने की मांग की थी।

    डीईआरसी के आदेश के अनुसार इस आदेश के तहत बीआरपीएल को अप्रैल के लिए अतिरिक्त 7.94 प्रतिशत और बीवाईपीएल को अतिरिक्त7.43 प्रतिशत और टीपीडीडीएल को अतिरिक्त छह प्रतिशत एफपीपीएएस की वसूली करने की अनुमति दी गई। आयोग ने स्पष्ट किया है कि यह छूट अगले आदेश तक महीने-दर-महीने के आधार पर निर्धारित होगा। मार्च 2026 तक, एफपीपीए अधिभार तिमाही आधार पर लगाया जाता था।

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    एफपीपीएएस की दर

    एफपीपीएएस की दर
    डिस्कॉम पहले (%) वृद्धि के बाद (%) वृद्धि (%)
    बीआरपीएल 10 17.94 7.94
    बीवाईपीएल 10 17.43 7.43
    टीपीडीडीएल 10 16 6

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