हीट वेव को लेकर हाई अलर्ट पर दिल्ली के अस्पताल, कूलिंग रूम से लेकर स्पेशल वार्ड तक की तैयारियां पूरी
दिल्ली में बढ़ते तापमान और लू के मद्देनजर प्रमुख सरकारी अस्पताल पूरी तरह अलर्ट पर हैं। राहत की बात है कि सफदरजंग, आरएमएल, लोकनायक और एम्स जैसे बड़े अस ...और पढ़ें

दिल्ली में बढ़ते तापमान और लू के मद्देनजर प्रमुख सरकारी अस्पताल पूरी तरह अलर्ट पर हैं।
HighLights
दिल्ली के अस्पताल लू को लेकर पूरी तरह अलर्ट।
सफदरजंग, आरएमएल, एलएन, एम्स में कोई हीट स्ट्रोक मरीज नहीं।
अस्पतालों ने हीट स्ट्रोक यूनिट और बेड तैयार रखे।
जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। दिल्ली में बढ़ते तापमान और लू को देखते हुए प्रमुख सरकारी अस्पताल पूरी तरह अलर्ट मोड पर हैं। राहत की बात यह है कि बुधवार तक दिल्ली के बड़े सरकारी अस्पतालों में हीट स्ट्रोक का कोई मरीज भर्ती नहीं हुआ है। सफदरजंग अस्पताल, डॉ. राम मनोहर लोहिया (आरएमएल) अस्पताल और लोकनायक (एलएन) अस्पताल प्रशासन की ओर से बताया गया कि उनके यहां अब तक हीट स्ट्रोक का कोई मामला दर्ज नहीं हुआ है।
एम्स में भी इस तरह के मरीज के आने की अभी तक कोई रिपोर्ट नहीं है। अस्पतालों का कहना है कि हीट वेव को देखते हुए सभी जरूरी तैयारियां पहले से पूरी कर ली गई हैं। आरएमएल अस्पताल में हीट स्ट्रोक यूनिट, कूलिंग रूम और क्रिटिकल केयर बेड तैयार रखे गए हैं।
सफदरजंग अस्पताल में अतिरिक्त बेड, ओआरएस, आइवी फ्लूइड और आइस पैक का स्टाक उपलब्ध है। वहीं एलएन अस्पताल में डिहाइड्रेशन और लू से प्रभावित मरीजों के लिए अलग वार्ड और इमरजेंसी व्यवस्था तैयार रखी गई है। एम्स में भी इमरजेंसी विभाग को अलर्ट पर रखा गया है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार अत्यधिक गर्मी में शरीर का तापमान तेजी से बढ़ने पर हीट स्ट्रोक का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में शुरुआती लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
प्रमुख लक्षण
- तेज बुखार और शरीर का अत्यधिक गर्म होना
- चक्कर आना और सिरदर्द
- कमजोरी और बेचैनी
- उल्टी या मतली
- पसीना कम आना या बंद हो जाना
- बेहोशी या भ्रम की स्थिति
विशेषज्ञों की सलाह
- दोपहर 11 बजे से चार बजे तक धूप में निकलने से बचें
- पर्याप्त मात्रा में पानी और ओआरएस लेते रहें
- हल्के और सूती कपड़े पहनें
- धूप में छाता, टोपी या गमछा इस्तेमाल करें
- बच्चों और बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखें
- लक्षण दिखने पर तुरंत नजदीकी अस्पताल पहुंचें
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