दिल्ली में 'नो पीयूसी, नो फ्यूल' नीति पर असमंजस बरकरार, पंप ऑपरेटर बोले- अब तक नहीं मिला लिखित आदेश
दिल्ली में 'नो पीयूसी, नो फ्यूल' नीति को लेकर पेट्रोल पंप संचालकों में संशय है क्योंकि सरकार से कोई लिखित ...और पढ़ें

दिल्ली में नो पीयूसी नो फ्यूल को लेकर पंप ऑपरेटर में संशय बरकरार। (एआई जेनरेटेड इमेज)
HighLights
दिल्ली में 'नो पीयूसी, नो फ्यूल' नीति पर पंप संचालकों में संशय।
सरकार से लिखित आदेश न मिलने से भ्रम और आशंकाएं कायम।
सुरक्षा बल की कमी से विवाद बढ़ने और व्यवस्था चरमराने की आशंका।
नेमिष हेमंत, नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली में वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए बृहस्पतिवार से लागू होने जा रही नो पीयूसी, नो फ्यूल नीति को लेकर संशय की स्थिति बनी हुई है। दिल्ली सरकार के इस सख्त फैसले को लेकर राजधानी के करीब 400 पेट्रोल पंप संचालकों ने पूरी तरह अनभिज्ञता जताई है। पंप डीलरों का स्पष्ट कहना है कि सरकार की ओर से इस संबंध में अब तक कोई आधिकारिक या लिखित आदेश उनके पास नहीं पहुंचा है, जिससे व्यवस्था लागू करने को लेकर भ्रम और आशंकाएं कायम हैं।
दिल्ली पेट्रोल पंप डीलर्स एसोसिएशन के अनुसार, पीयूसी नह तो, ईंधन की योजना कोई नई नहीं है। पिछले वर्ष भी सरकार द्वारा इसे लागू किया गया था और सैद्धांतिक रूप से यह व्यवस्था अब भी जारी है। पेट्रोल पंपों पर नंबर प्लेट पढ़ने वाले हाई-टेक कैमरे और लाउडस्पीकर लगे हुए हैं जो सुचारू रूप से काम कर रहे हैं।
हालांकि, ज़मीनी हकीकत यह है कि किसी भी वाहन चालक को बिना पीयूसी ईंधन लेने से रोका नहीं जा रहा। कर्मचारी चालकों से पीयूसी बनवाने का आग्रह करते नजर आते हैं। बिना किसी दंडात्मक या कड़े रुख के यह योजना बीते एक साल से केवल सलाहकारी बनकर रह गई है।
सुरक्षा बल की कमी बड़ी चुनौती
पेट्रोल पंप संचालकों ने आज से लागू होने वाली इस व्यवस्था को लेकर गंभीर चिंता व्यक्त की है। उनका कहना है कि यदि बिना लिखित आदेश के वाहनों को अचानक रोका गया, तो पंप कर्मचारियों और वाहन चालकों के बीच विवाद और बदसलूकी की स्थिति उत्पन्न हो सकती है। बिना पीयूसी वाले वाहन चालकों को कड़ाई से रोकने और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए भारी संख्या में सुरक्षा बलों की आवश्यकता होगी, जिसकी वर्तमान में बड़ी कमी है।
संचालकों का स्पष्ट कहना है कि दिल्ली सरकार को पेट्रोल पंपों पर पर्याप्त पुलिस या होमगार्ड जवानों की तैनाती करनी चाहिए। यदि सरकार ने सुरक्षा व्यवस्था के कड़े इंतजाम नहीं किए, तो राजधानी के 400 पेट्रोल पंपों पर स्थिति विकट हो सकती है और ईंधन आपूर्ति व्यवस्था चरमरा सकती है। फिलहाल, जमीनी स्तर पर स्थिति पूरी तरह अस्पष्ट नजर आ रही है।
