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    सिद्धू मूसेवाला मर्डर में हथियार सप्लाई करने वाले शाहबाज अंसारी सिंडिकेट पर बड़ा एक्शन, UAPA के तहत 16 गुर्गे गिरफ्तार 

    Updated: Tue, 02 Jun 2026 10:13 PM (IST)

    दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने अंतरराष्ट्रीय हथियार तस्कर शाहबाज अंसारी से हथियार खरीदने वाले गैंगस्टरों पर यूएपीए के तहत कार्रवाई शुरू कर दी है। गै ...और पढ़ें

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    हथियार तस्कर शाहबाज अंसारी से हथियार खरीदने वाले गैंगस्टरों पर कार्रवाई शुरू। फोटो: दिल्ली पुलिस

    HighLights

    1. शाहबाज अंसारी से हथियार खरीदने वालों पर यूएपीए

    2. क्राइम ब्रांच ने गैंगस्टर रोहित चौधरी को गिरफ्तार किया

    3. सलीम पिस्टल समेत अन्य गैंगस्टरों की गिरफ्तारी की तैयारी

    राकेश कुमार सिंह, नई दिल्ली। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल और क्राइम ब्रांच ने देश के बड़े अंतरराष्ट्रीय हथियार सप्लायरों में एक, शाहबाज अंसारी सिंडिकेट के खिलाफ व्यापक अभियान चला रखा है।

    इसके नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए पुलिस आयुक्त सतीश गोलछा के निर्देश पर क्राइम ब्रांच ने अंसारी गिरोह पर ही गैरकानूनी गतिविधि रोकथाम अधिनियम (यूएपीए) लगा दिया है।

    इस मामले में 16 आरोपितों को गिरफ्तार किया जा चुका है, ये वो लोग हैं जो अंसारी के निर्देश पर नेपाल व अन्य जगहाें से हथियार लाकर उन्हें गंतव्य स्थान पर रखने और गैंगस्टरों को पहुंचाने का काम करते थे। क्राइम ब्रांच अब दिल्ली-एनसीआर के उन गैंगस्टरों पर यूएपीए में गिरफ्तार करना शुरू कर दिया है, जिन्होंने अंसारी से हथियार खरीदे थे।

    पुलिस अधिकारी का कहना है कि अभी गैंगस्टरों पर बीएनएस की धाराओं के तहत ही मुकदमे थे लेकिन अब यूएपीए लगने से उनकी मुश्किलें और बढ़ेगी। पुलिस अधिकारी का मानना है कि दिल्ली-एनसीआर के तमाम गैंगस्टर, अंसारी सिंडिकेट से ही अत्याधुनिक हथियार लिए हैं। जिनसे तार अंसारी से जुड़ेंगे उन्हें यूएपीए में गिरफ्तार किया जाएगा। 

    सलीम पिस्टल पहले अंसारी के लिए करता था काम 

    कुछ समय पहले क्राइम ब्रांच ने दक्षिण जिला के रोहित चौधरी को यूएपीए में गिरफ्तार कर लिया। अब सलीम पिस्टल समेत अन्य को पुलिस जल्द यूएपीए में गिरफ्तार कर सकती है। सलीम पहले अंसारी के लिए ही काम करता था।

    बाद में उसने खुद विदेश से हथियार मंगवाकर गैंगस्टरों को आपूर्ति करना शुरू कर दिया। अंसारी की तरह सलीम भी आइएसआइ के सहयोग से भारत में हथियार तस्करी का धंधा करता है। उसे तीन साल पहले नेपाल से गिरफ्तार किया गया था। वर्तमान में वह तिहाड़ जेल मेें है।

    खबरें और भी

    क्राइम ब्रांच ने सबसे पहले देशव्यापी छापेमारी कर 10 सदस्यों को गिरफ्तार किया गया, जिनमें शाहबाज का राइट हैंड माना जाने वाला सोनू गुप्ता, शहादरा से घनश्याम, और खुर्जा से नवाब बड़े नाम शामिल थे। इसके ठीक बाद पुलिस ने एक कार को इंटरसेप्ट कर इमरान और कामरान नाम के नेपाल रूट के हैंडलर को गिरफ्तार किया।

    इमरान, सरगना शाहबाज अंसारी का साला है। अब तक जिन्हें गिरफ्तार किया जा चुका है उनमें इमरान, कामरान, सोनू गुप्ता, फर्दीन, वसीक, वसीम मलिक, अमन उर्फ अभिषेक, आदिल, राहिल, मोहम्मद अहमद, नवाब और विशाल शामिल है।

    23 सेमी ऑटोमैटिक पिस्टल बरामद

    इनके कब्जे से 23 अत्याधुनिक सेमी-ऑटोमैटिक और विदेशी पिस्टल ( जर्मनी, ब्राजील, इटली और तुर्की निर्मित), सब-मशीन गन, बिहार के मुंगेर से मंगाए गए देसी शाॅटगन, कट्टे 92 कारतूस और छह स्पेयर मैगजीन बरामद किए गए। साथ ही हथियारों को असेंबल करने और ठीक करने के उपकरण, कई लैपटाप और मोबाइल फोन बरामद किए गए।

    यह सिंडिकेट विदेश में सेना और स्पेशल फोर्सेज द्वारा इस्तेमाल किए जाने वाले खतरनाक हथियार भी गैंगस्टरों को सप्लाई करता है। अंसारी के गुर्गे नेपाल से गाड़ियों के भीतर गुप्त केविटी में हथियार छिपाकर दिल्ली लाते थे ताक बार्डर चेकिंग के दौरान इन्हें पकड़ा न जा सके। कई बार हथियारों को अलग-अलग पार्ट्स में लाया जाता था और दिल्ली-एनसीआर में लाकर उन्हें असेंबल किया जाता था।

    पाकिस्तान और नेपाल से जुड़ा है शाहबाज का कनेक्शन

    शाहबाज अंसारी मूलरूप से खुर्जा का रहने वाला है लेकिन बांग्लादेश से वह अपना नेटवर्क चला रहा है। वह पाकिस्तान में बैठे अपने हैंडलर्स के जरिए अत्याधुनिक विदेशी हथियार मंगवाता है। पाकिस्तान से विदेशी हथियार पहले नेपाल बार्डर के रास्ते भारत में एंट्री करते थे।

    शाहबाज का भाई शहजाद दुबई में बैठकर डीलिंग संभालता है, जबकि उसका चाचा रेहान अंसारी बांग्लादेश से निर्देश देता है। भारत में इमरान और कामरान इसे नेपाल सीमा से रिसीव कर दिल्ली-एनसीआर और यूपी के गैंगस्टर्स तक पहुंचाते थे।

    पंजाबी सिंगर सिद्धू मूसेवाला हत्याकांड (2022) में जो खतरनाक हथियार इस्तेमाल हुए थे, उनकी सप्लाई के पीछे अंसारी का ही हाथ था। उसने वे हथियार कुख्यात गैंगस्टर लारेंस बिश्नोई गिरोह तक पहुंचाए थे।

    राष्ट्रीय जांच एजेंसी ने पहले उसे दिसंबर 2022 में गैरकानूनी गतिविधि रोकथाम अधिनियम के तहत गिरफ्तार किया था। जून 2025 में वह अपनी पत्नी की बीमारी का बहाना बना अंतरिम जमानत पर बाहर आया और बेल जंप कर देश से फरार हो गया।

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