प्रदूषण से बचने के लिए दूसरे राज्यों में पलायन कर रहे दिल्लीवासी, हिमाचल और उत्तराखंड की बढ़ी डिमांड
दिल्ली में बढ़ते प्रदूषण के कारण लोग दूसरे राज्यों में जा रहे हैं, खासकर हिमाचल और उत्तराखंड में। प्रदूषण से परेशान होकर लोग साफ हवा और शांत वातावरण की तलाश में पलायन कर रहे हैं। इन पहाड़ी राज्यों में प्रॉपर्टी और किराए के घरों की मांग बढ़ गई है, जिससे रियल एस्टेट और पर्यटन क्षेत्रों में आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिल रहा है।

बढ़ते प्रदूषण के कारण दूसरे राज्यों में जाने को मजबूर दिल्लीवासी।
जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। वसंत कुंज निवासी पेशे से कांट्रेक्टर हरपाल सिंह ने उत्तराखंड के चंबा के एक सुदूर गांव में अपना दूसरा घर बना लिया है। वह जाड़े के इन महीनों में 20 दिन वहां और 10 दिन दिल्ली में गुजार रहे हैं, क्योंकि वायु प्रदूषण के जहरीले संकट के चलते मौजूदा समय में दिल्ली में रहना काफी मुश्किल है।
उनके बच्चों ने कालेज की पढ़ाई पूरी कर ली है। इसलिए उन्हें इसमें कोई दिक्कत नहीं है। वह कहते हैं कि उनकी तरह, उनके जानने वाले कई लोग हैं, जिन्होंने दिल्ली के साथ उत्तराखंड या अन्यअच्छी हवा वाले स्थानों पर अपना दूसरा ठिकाना बना लिया है।
दिल्ली-एनसीआर में वायु प्रदूषण की समस्या गंभीर है। इसके चलते कई लोगों को स्वास्थ्य संबंधित समस्या का सामना करना पड़ रहा है। खासकर बुजुर्ग व बच्चों में यह समस्या अधिक है। जिसके चलते दिल्ली वालों में ''वायु प्रदूषण यात्रा'' की मांग बढ़ी है।
चिकित्सक भी मरीजों को दिल्ली से बाहर गुजारने की सलाह दे रहे हैं। कई लोग कुछ दिन, कुछ लोग 15 दिन तक तो कुछ लोग पूरे सीजन दिल्ली से बाहर रहने चले गए हैं। जबकि, कई लोग इन महीनों में हरपाल सिंह की तरह बाहर ही रहते हैं।
हाल ही में स्माइटेन पल्सआइ ने दिल्ली-एनसीआर के चार हजार लोगों पर सर्वेक्षण किया, जिसमें 79.8 प्रतिशत लोगों ने किसी और शहर जाने का विचार करने या स्थान छोड़ देने की जानकारी दी है।
ट्रैवल एजेंट्स की चांदी
कई ट्रैवेल कंपनियाें ने स्वच्छ हवा का जिक्र करते हुए हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड व कश्मीर समेत अन्य राज्यों के पर्यटन स्थलों की पेशकश कर रही है। ट्रैवेल एजेंट्स एसोसिएशन आफ इंडिया (टीएएआइ) के महासचिव (उत्तर क्षेत्र ) अनुराग अग्रवाल के अनुसार, इसमें स्कूल की कक्षाओं को हाईब्रिड मोड में चलाने के आदेश से लोगों को मौका मिला कि वह कुछ दिन परिवार समेत बाहर घूमने निकली। ऐसे लोगों की संख्या मेंं इस बार 20 प्रतिशत तक बढ़ोत्तरी देखी गई।
जेनजी इंडिया इंटरप्रेन्योर एसोसिएशन के संस्थापक सचिन गिरी के अनुसार, स्टार्टअप के साथ ही सरकारी व निजी कंपनियों में कर्मचारियों द्वारा प्रदूषण से स्वास्थ्य समस्या का जिक्र करते हुए वर्क फ्राम होम या दूसरे शहरों में स्थानांतरण मांगने के मामले बढ़े हैं। ऐसे मामले कुल कार्यबल का 15 प्रतिशत तक हो गया है। बहुराष्ट्रीय कंपनियां भी कर्मचारियों की दिक्कत को देखते हुए उन्हें राहत दे रही है।
लोग निजी वाहनों के साथ ही फ्लाइट, बस और ट्रेन से बाहर निकल रहे हैं। दिल्ली अंतरराज्यीय बस संचालक संघ के महासचिव श्याम लाल गोला के अनुसार, हिमाचल, उत्तराखंड व जम्मू-कश्मीर की ओर बसों की बुकिंग में 20 से 30 प्रतिशत की तेजी बरकरार है। हालांकि, दिल्ली में आतंकी धमाके के बाद जम्मू-कश्मीर की बुकिंग में कमी जबकि, हिमाचल और उत्तराखंड में बुकिंग में बढ़ोत्तरी आई है।

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